संसद सत्र 14वां दिन- धनखड़ दुखी होकर राज्यसभा से गए:TMC सांसद के चिल्लाने पर नाराज हुए; रिजिजू वक्फ बोर्ड बिल पेश करेंगे

संसद के मानसून सत्र का गुरुवार (8 अगस्त) को 14वां दिन है। दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो गई है। विपक्षी सांसदों के व्यवहार से नाराज होकर राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ राज्यसभा की कार्यवाही छोड़कर चले गए। दरअसल, चर्चा के दौरान TMC सांसद डेरिक ऑब्राइन तेज आवाज में अपनी बात रखना चाह रहे थे। धनखड़ ने उन्हें डांटते हुए कहा- आपकी हिम्मत कैसे हुई चेयर पर इस तरह चिल्लाने की। आप लोग यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि मैं जिस पद पर हूं उसके लायक नहीं हूं। सदन में कई सीनियर पॉलिटीशियन हैं, लेकिन उनकी मौजूदगी में उनकी पार्टी के सदस्य चेयर का अपमान करते हैं। यह मेरा नहीं, सभापति पद का अपमान हैं। ऐसे में कुछ देर में खुद को यहां सहज महसूस नहीं कर रहा हूं। यह कहकर वह सीट छोड़कर चले गए। फिर उपसभापति हरिवंश ने राज्यसभा की कार्यवाही को आगे बढ़ाया। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू दोपहर 12 बजे राज्यसभा में वक्फ संपत्ति (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) विधेयक, 2014 को वापस लेने का बिल पेश करेंगे। इसके बाद, दोपहर 1 बजे लोकसभा में वक्फ अधिनियम, 1995 में संशोधन करने के लिए एक विधेयक पेश करने की अनुमति के लिए प्रस्ताव पेश करेंगे। इसके अलावा मुसलमान वक्फ अधिनियम, 1923 को निरस्त करने के लिए एक विधेयक पेश करने की अनुमति का भी प्रस्ताव पेश करेंगे। यह बिल पास होने के बाद वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति को अपना नहीं बता सकेगा। अभी वक्फ के पास किसी भी जमीन को अपनी संपत्ति घोषित करने की शक्ति है। जमीन पर दावे से पहले उसका वेरिफिकेशन करना होगा। इससे बोर्ड की मनमानी पर रोक लगेगी। बोर्ड के पुनर्गठन से बोर्ड में सभी वर्गों समेत महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ेगी। मुस्लिम बुद्धिजीवी, महिलाएं और शिया और बोहरा जैसे समूह लंबे समय से मौजूदा कानूनों में बदलाव की मांग कर रहे हैं। संसद के बीते 13 दिनों की कार्यवाही सिलसिलेवार पढ़ें… संसद का 13वां दिन: खेलमंत्री मंडाविया बोले- विनेश मामले में अंतरराष्ट्रीय कुश्ती संघ में विरोध जताया संसद के मानसून सत्र के 13वें दिन ओलिंपिक से विनेश फोगाट को डिस्क्वालिफाइ करने का मामले खेल मंत्री ने सरकार का पक्ष रखा था। लोकसभा में खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा- विनेश को रेसलिंग के 50 किलोग्राम केटेगिरी में खेलना था। उनका वजन 50 किलोग्राम से 100 ग्राम ज्यादा पाया गया। इसलिए उन्हें अयोग्य करार दिया गया। भारत ने अंतरराष्ट्रीय कुश्ती संघ से कड़ा विरोध दर्ज किया है। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOF) की अध्यक्ष पीटी ऊषा अभी पेरिस में हैं। प्रधानमंत्री ने उनसे बात करके उचित एक्शन लेने के लिए कहा था। विनेश मंगलवार 6 अगस्त को 3 मुकाबले जीतकर 50 किलोग्राम केटेगिरी की रेसलिंग के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला रेसलर बनी थीं। इससे पहले लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने वायनाड त्रासदी का मुद्दा उठाया। राहुल बोले- मैं अपनी बहन प्रियंका के साथ वायनाड गया था। मैंने अपनी आंखों से वहां का दर्द और बर्बादी देखी है। दो किलोमीटर के इलाके में पूरी बर्बादी हुई। 400 से ज्यादा लोग मरे। पूरी खबर पढ़ें… संसद का 12वां दिन: विदेश मंत्री बोले- बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाया गया मंगलवार (6 अगस्त) को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद के दोनों सदनों में बांग्लादेश के ताजा हालात पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि पड़ोसी देश राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। वहां के हालात पर भारत सरकार की नजर है। जयशंकर ने आगे कहा कि बांग्लादेश में लोग सड़कों पर हैं। वहां हिंदुओं को निशाना बनाया गया है। यह चिंता की बात है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी हमला किया, जिसके बाद हालात बिगड़े। उन्होंने यह भी बताया कि इस्तीफे के बाद शेख हसीना ने भारत आने की इजाजत मांगी थी। इसके बाद भारत सरकार ने उनके आने की व्यवस्था की। पूरी खबर पढ़ें … संसद का 11वां दिन: सहारा निवेशकों के बकाया भुगतान पर बहस हुई सत्र के 11वें दिन प्रश्नकाल में सहारा के निवेशकों के बकाया पैसों के मामले पर तीखी बहस हुई थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट हमें सुपरवाइज कर रहा है। हमारे ऊपर हाथ उठाने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने कहा था कि सरकार निर्णय नहीं कर सकती। कोई सदस्य बाहर जाकर यह न बोले कि सरकार पैसे नहीं दे रही है। सरकार हाथ जोड़कर बुला रही है कि लोग कागजात के साथ आएं। हम पैसा देने के लिए तैयार हैं। संसद का दसवां दिन: शिवराज सिंह बोले- कांग्रेस के DNA में किसान का विरोध है संसद के मानसून सत्र का शुक्रवार (2 अगस्त) को दसवां दिन था। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में शकुनि, चौसर, चक्रव्यूह का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर कटाक्ष किया था। इस दौरान शिवराज ने कहा- कांग्रेस के DNA में किसान विरोध है। कांग्रेस की प्राथमिकताएं प्रारंभ से ही गलत रहीं। जवाहरलाल नेहरू 17 साल देश के प्रधानमंत्री रहे। तब देश को अमेरिका से आया सड़ा हुआ लाल गेहूं खाने को विवश होना पड़ता था। इंदिरा गांधी के समय किसानों से जबरन लेवी वसूली का काम होता था। पूरी खबर पढ़ें… संसद का नौवां दिन: रेल मंत्री बोले- हम काम करते हैं, रील नहीं बनाते संसद के मानसून सत्र का गुरुवार (1 अगस्त) को नौवां दिन था। लोकसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेनों की सेफ्टी पर बात की। इस पर विपक्ष ने ताजा हादसों पर सवाल पूछा और हंगामा किया। रेल मंत्री ने कहा- हम रील बनाने वाले नहीं, काम करने वाले लोग हैं। जो लोग यहां चिल्ला रहे हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए कि सत्ता में रहने के 58 सालों में वे 1 किमी दूर भी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) क्यों नहीं लगा पाए। आज वे सवाल उठाने की हिम्मत करते हैं पूरी खबर पढ़ें… 31 जुलाई: मानसून सत्र का आठवां दिन 31 जुलाई को राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उन पर लगाए गए परिवारवाद के आरोप का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि कल मैं यहां लास्ट मोमेंट में नहीं था। उस समय माननीय सदस्य घनश्याम तिवाड़ी ने सदन में एक समस्या उठाई। उनके मन में क्या था, पता नहीं। पूरी खबर पढ़ें…
30 जुलाई: मानसून सत्र का सातवां दिन संसद सत्र के सातवें दिन अग्निवीर और जातिगत जनगणना पर भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर, राहुल गांधी और अखिलेश यादव भिड़ गए। अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि आपके बोलने के लिए पर्ची आती है। उधार की बुद्धि से राजनीति नहीं चलती। ठाकुर ने फिर कहा- आजकल कुछ लोगों पर जाति जनगणना का भूत सवार है। जिसको जाति का पता नहीं, वो जाति जनगणना कराना चाहते हैं। इस पर विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। राहुल गांधी ने अनुराग ठाकुर पर गाली देने का आरोप लगाया। अखिलेश भी बोले- कोई किसी की जाति कैसे पूछ सकता है। पूरी खबर पढ़ें… 29 जुलाई: मानसून सत्र का छठा दिन सत्र के छठे दिन संसद में बजट और दिल्ली हादसे की गूंज रही। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट की तुलना महाभारत के चक्रव्यूह से की। उन्होंने कहा कि हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु को चक्रव्यूह में फंसाकर 6 लोगों ने मारा था। चक्रव्यूह का दूसरा नाम है- पद्मव्यूह, जो कमल के फूल के शेप में होता है। इसके अंदर डर और हिंसा होती है। पूरी खबर पढ़ें… 26 जुलाई : मानसून सत्र का पांचवां दिन सत्र के पांचवें दिन लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान पंचायती राज मंत्री ललन सिंह ने कहा था कि जेडीयू और टीडीपी चुनाव से पहले भाजपा के साथ है। ये प्री-पोल अलायंस है। हमारा अलायंस फेविकोल से जुड़ा हुआ है। ये हमेशा बना रहेगा। उन्होंने आगे कहा था कि-हम पहले (इन्हीं) विपक्ष के साथ (बिहार में) थे। ये लोग गिद्ध की तरह थे। लेकिन अब छोड़कर जा चुके हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा- 99 का आंकड़ा बड़ा खतरनाक होता है। लूडो खेला है तो जानते होंगे कि अगर सांप काट ले तो नीचे आ जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें… 25 जुलाई: मानसून सत्र का चौथा दिन सत्र के चौथे दिन सदन में बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा भी उठा था। झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था कि संविधान खतरे में है। हम यहां हंसने की बात करते हैं, पिछड़ों की बात करते हैं, दलितों की बात करते हैं, आदिवासियों की बात करते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… 24 जुलाई: मानसून सत्र का तीसरा दिन बुधवार को सुबह सदन शुरू होने से पहले विपक्ष के नेताओं ने संसद के बाहर केंद्र सरकार के बजट के विरोध में प्रदर्शन किया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद सदन में भी बजट को लेकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल में राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्ष के नेताओं ने वॉकआउट किया। वे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ शेम-शेम का नारा लगाते हुए सदन से बाहर चले गए। पूरी खबर यहां पढ़ें… 23 जुलाई: मानसून सत्र का दूसरा दिन मंगलवार को निर्मला सीतारमण ने 1 घंटे 23 मिनट का बजट भाषण दिया। बजट में उनका फोकस शिक्षा, रोजगार, किसान, महिला और युवाओं पर रहा। इसके अलावा नीतीश कुमार के बिहार और चंद्रबाबू नायडू के आंध्र प्रदेश पर केंद्र सरकार मेहरबान रही। बजट में नई टैक्स रिजीम चुनने वालों के लिए अब 7.75 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री हो गई है। यानी उन्हें 17.5 हजार रुपए का फायदा हुआ है। पहली नौकरी वाले जिनकी सैलरी 1 लाख रुपए से कम होगी, उन्हें सरकार अधिकतम 15 हजार रुपए तीन किश्तों में देगी। पूरी खबर यहां पढ़ें… 22 जुलाई: मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को मानसून सत्र का पहला दिन हंगामे से भरा रहा। प्रधानमंत्री मोदी सुबह 10:15 बजे संसद पहुंचे और सत्र शुरू होने से पहले मीडिया से 21 मिनट बात की। उन्होंने विपक्ष पर अपनी आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जून में नई संसद के गठन के बाद देश के प्रधानमंत्री का गला घोंटने का प्रयास किया गया। मुझे इसका कोई दुख नहीं है। इस बार हम मजबूत बजट लेकर आ रहे हैं। विपक्ष से अपील है कि लोकसभा चुनाव में जितनी लड़ाई लड़नी थी हमने लड़ ली। अगले 5 साल देश के लिए लड़ना और जूझना है।