अमेरिका में एक कुत्ते के पावर बैंक के चबाने से घर में आग लग गई। इस घटना का वीडियो घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। यूएस के ओक्लाहोमा स्टेट के टुल्सा अग्निशमन विभाग द्वारा जारी किए गए इस वीडियो में दो कुत्तों और एक बिल्ली को लिविंग रूम में देखा जा सकता है। वीडियो में दिख रहा है कि एक कुत्ता पावर बैंक को दांतों से दबाए हुए उसे चबा रहा है। इसी बीच अचानक पावर बैंक में शॉर्ट सर्किट होता है और आग लग जाती है। गनीमत यह रही कि लिविंग रूम से निकलने के लिए एक पेट दरवाजा था, जिससे कुत्ते और बिल्ली सुरक्षित बाहर निकल गए और सभी की जान बच गई। पावर बैंक में ब्लास्ट की पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। साल 2021 में मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में पावर बैंक में ब्लास्ट होने का एक मामला सामने आया था, जहां मोबाइल फोन चार्ज करते वक्त पावर बैंक में ब्लास्ट हो गया था। इस धमाके में एक युवक की मौत हो गई थी। धमाका इतना तेज था कि घर के छप्पर के परखच्चे उड़ गए और दीवार चटक गई। पावर बैंक को इसलिए बनाया गया है ताकि बिजली न होने पर इससे मोबाइल फोन जैसे गैजेट्स को चार्ज किया जा सके। लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि इसमें मोबाइल फोन से दो या तीन गुना ज्यादा mAh (मिली एम्पियर-घंटा) की बैटरी होती है। इसलिए आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कि पावर बैंक में ब्लास्ट किन कारणों से हो सकता है? साथ ही जानेंगे कि- सवाल- पावर बैंक क्या है? जवाब- यह एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है। इससे USB चार्जिंग सर्पोट करने वाले मोबाइल फोन, टैबलेट या लैपटॉप जैसे गैजेट्स चार्ज हो सकते हैं। लंबे समय से घर में बिजली सप्लाई न होने या यात्रा के दौरान गैजेट्स को चार्ज करने के लिए पावर बैंक की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है। आमतौर पर एक पावर बैंक में 10000 mAh से लेकर 20000 mAh तक की क्षमता होती है। जो एक 5000 mAh के फोन को 2 से 4 बार आसानी से फुल चार्ज कर सकती है। यह पोर्टेबल होता है यानी इसे कैरी करना बेहद आसान होता है। पावर बैंक में लिथियम-आयन या लिथियम पॉलीमर की बैटरी का इस्तेमाल होता है, जो ज्वलनशील होती है। सवाल- पावर बैंक क्यों फटते हैं? जवाब- ज्यादातर पावर बैंक लिथियम-आयन बैटरी से बने होते हैं। अत्यधिक गर्म होने या दबाव पड़ने पर इसमें मौजूद सिक्योरिटी लेयर पिघल सकती है, जिससे शॉर्ट सर्किट या ब्लास्ट हो सकता है। ओक्लाहोमा में पावर बैंक फटने की यही वजह थी। कुत्ते ने पावर बैंक को चबाने की कोशिश की। इससे पावर बैंक पर ज्यादा दबाव पड़ा और बैटरी में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि पावर बैंक में कब ब्लास्ट हो सकता है। सवाल- पावर बैंक में ब्लास्ट होने से कैसे बचा सकते हैं? जवाब- अधिकांश लोगों को लगता है कि पावर बैंक में खराबी की वजह से आग या ब्लास्ट होते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। लापरवाही और कुछ गलत आदतें पावर बैंक ब्लास्ट का मुख्य कारण होती हैं। पावर बैंक में ब्लास्ट होने से बचाने के लिए ग्राफिक में दिए इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं। सवाल- पावर बैंक खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- आजकल फोन के डिस्चार्ज होने पर हम पावर बैंक का इस्तेमाल कर इसे आसानी से चार्ज कर सकते हैं। ई-कॉमर्स साइट्स और बाजार में आपको सस्ते दामों में कई पावर बैंक मिल जाएंगे। लेकिन सस्ते के लालच में क्वालिटी के साथ समझौता न करें। आइए नीचे कुछ पॉइंट्स के जरिए जानते हैं कि पावर बैंक खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1.बिल्ड क्वालिटी जरूर चेक करें पावर बैंक खरीदने से पहले उसकी बिल्ड क्वालिटी जरूर चेक करें क्योंकि खराब क्वालिटी के पावर बैंक के चार्जिंग के दौरान हीट होकर या जमीन पर गिरकर फटने की आशंका रहती है। ध्यान रहे कि लिथियम-आयन बैटरी 4.2 वोल्टेज से ज्यादा विद्युत सप्लाई की वजह से गर्म हो सकती है। 2.चार्जिंग क्षमता जरूर देखें पावर बैंक खरीदने से पहले उसकी क्षमता जरूर देखें। हमेशा ऐसा पावर बैंक खरीदें, जो आपकी डिवाइस को कम से कम दो या तीन बार फुल चार्ज कर सके। यानी अगर आपके फोन में 3000mAh की बैटरी है तो कम से कम 10000mAh का पावर बैंक खरीदना चाहिए। 3.BIS सर्टिफिकेशन जरूर देखें पावर बैंक की बैटरी पावर देने के साथ-साथ सेफ भी होनी चाहिए। पावर बैंक भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम (BIS) से सर्टिफाइड होनी चाहिए क्योंकि BIS प्रोडक्ट की क्वालिटी और सेफ्टी को सुनिश्चित करता है। इसके अलावा पावर बैंक पर 8 का चिन्ह जरूर देखें। यह चिन्ह पावर बैंक की अच्छी क्वालिटी और परफॉर्मेंस को लेकर होता है। 4.रिव्यू और रेटिंग जरूर देखें पावर बैंक खरीदने से पहले उसके रिव्यू और रेटिंग जरूर देखें। आजकल सभी ई-कॉमर्स साइट्स पर आम लोगों द्वारा प्रोडक्ट की क्वालिटी को लेकर रिव्यू और रेटिंग दी जाती है। इससे आप खराब प्रोडक्ट खरीदने से बच सकते हैं। 5. LED इंटिकेटर्स जरूर लें पावर बैंक में मौजूद LED इंटिकेटर्स आपको बताते हैं कि आपका पावर बैंक कब और कितना चार्ज हुआ है। इससे पावर बैंक ओवरचार्जिंग होने से बचती है। हम जानते हैं कि ओवरचार्जिंग पावर बैंक के ब्लास्ट होने की एक बड़ी वजह है।