विवाद के बाद पहली बार मालदीव पहुंचे एस जयशंकर:विदेश मंत्री मूसा जमीर से मिले; अगले महीने भारत आ सकते हैं राष्ट्रपति मुइज्जू

विदेश मंत्री एस जयशंकर 3 दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर शुक्रवार शाम मालदीव पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत विदेश मंत्री मूसा जमीर ने किया। जयशंकर 11 अगस्त तक मालदीव में रहेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार को उनकी मुलाकात राष्ट्रपति मुइज्जू से हो सकती है। जयशंकर ने मालदीव के विदेश मंत्री के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत के लिए ‘पड़ोस’ एक प्राथमिकता है, और पड़ोस में ‘मालदीव’ प्राथमिकता है। हमारे बीच इतिहास और रिश्तेदारी के सबसे करीबी रिश्ते भी हैं। उनकी यह यात्रा दोनों देशों द्वारा मिलकर हासिल की गई उपलब्धियों का जायजा लेने तथा आने वाले वर्षों के लिए बेहतर संबंध तैयार करने के लिए है। पिछले साल राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के सत्ता संभालने के बाद जयशंकर ये पहली मालदीव यात्रा है। इससे पहले मई में मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर ने भारत का दौरा किया था। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू सितंबर में भारत का दौरा कर सकते हैं। मुइज्जू इससे पहले जून में प्रधानमंत्री मोदी के शपथग्रहण समारोह में आए थे। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘मालदीव पहुंचकर खुशी हुई। हवाई अड्डे पर मेरा स्वागत करने के लिए विदेश मंत्री मूसा जमीर को धन्यवाद। हमारी ‘नेबर फर्स्ट’ नीति, ‘ग्लोबल साउथ’ ‘सागर विजन’ में मालदीव अहम स्थान है।’ मालदीव के विदेश मंत्री जमीर ने सोशल मीडिया पर लिखा, मालदीव की आधिकारिक यात्रा पर जयशंकर का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। उन्हें उम्मीद है कि मालदीव और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए चर्चा होगी। मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद से भारत-मालदीव में तनाव
चीन समर्थक माने जाने वाले मुइज्जू के नवंबर 2023 में शीर्ष कार्यालय का पदभार संभालने के बाद भारत और मालदीव के बीच संबंधों में तनाव आ गया था। अपने चुनाव कैंपेन के दौरान भारत के 88 सैनिकों को मालदीव से निकालने के लिए मुइज्जू ने ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था। राष्ट्रपति बनने के बाद मुइज्जू भारत आने के बजाए चीन के दौरे पर गए, जबकि आमतौर पर मालदीव के प्रेसिडेंट पद संभालने के बाद पहले भारत की यात्रा करते हैं। इस बीच मालदीव के मंत्रियों ने PM मोदी की लक्षद्वीप यात्रा पर विवादित बयान भी दिया। मुइज्जू के नेतृत्व में मालदीव ने भारतीय सैनिकों को देश से निकालने के अलावा भारत के साथ हाइड्रोग्राफिक सर्वे प्रोजेक्ट भी खत्म कर दिया।