SEBI चीफ बोलीं- जॉइन करने से पहले किया था निवेश:हिंडनबर्ग कारण बताओ नोटिस का जवाब देने की जगह चरित्र हनन कर रहा है

हिंडनबर्ग के आरोपों पर सेबी चेयरपर्सन ने कहा है कि आरोपों में जिस फंड का जिक्र किया गया है उसे उन्होंने 2015 में लिया था। तब उनका SEBI से कोई संबंध नहीं था। हिंडनबर्ग के आरोपों के पर माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने रविवार (11 अगस्त) को बयान जारी कर आरोपों का खंडन किया। बुच ने बताया कि ये निवेश उन्होंने सेबी में शामिल होने से लगभग 2 साल पहले किया था। उन्होंने हिंडनबर्ग पर आरोप लगाया कि भारत में अलग-अलग मामलों में हिंडनबर्ग को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नोटिस का जवाब देने के बजाय, उन्होंने सेबी की विश्वसनीयता पर हमला करने और सेबी चीफ के चरित्र हनन करने का विकल्प चुना है। सेबी चीफ की ओर से जारी बयान की बड़ी बातें… हिंडनबर्ग ने SEBI चीफ पर फंड साइफनिंग के आरोप लगाए थे
शनिवार (10 अगस्त) को जारी हिंडनबर्ग रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की चीफ माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने 5 जून 2015 को मॉरीशस स्थित IPE-प्लस फंड 1 में एक अकाउंट खुलवाया, जो कथित तौर पर फंड साइफनिंग में शामिल था। हिंडनबर्ग ने यह भी आरोप लगाया था कि अडाणी ग्रुप से जुड़ी ऑफशोर कंपनी में सेबी चीफ और उनके पति की हिस्सेदारी है। ऑफशोर फंड म्यूचुअल फंड स्कीम्स हैं, जो इंटरनेशनल मार्केट में निवेश करती हैं। ये स्कीम्स किसी अन्य देश (विदेशी मार्केट) की इक्विटी या फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटी में निवेश करती हैं। IIFL ने कहा- अडाणी ग्रुप में हमारा कोई निवेश नहीं
इधर, मॉरीशस स्थित 360-वन (पहले IIFL वेल्थ) ने कहा है कि IPE-प्लस फंड 1 ने कभी भी अडाणी ग्रुप के किसी भी शेयर में डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से कोई निवेश नहीं किया है। फंड में माधबी पुरी बुच और धवल बुच की होल्डिंग टोटल इन्फ्लो के 1.5% से कम थी। 360 वन की एक्सचेंज फाइलिंग की बड़ी बातें… अडाणी ग्रुप बोला- हिंडनबर्ग ने अपने फायदे के लिए ऐसा किया
हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट का अडाणी ग्रुप ने भी खंडन किया है। ग्रुप ने कहा- हिंडनबर्ग ने अपने फायदे के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी का गलत इस्तेमाल किया। अडाणी ग्रुप पर लगाए आरोप पहले ही निराधार साबित हो चुके हैं। गहन जांच के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2024 में हिंडनबर्ग के आरोपों को खारिज कर दिया था। ये खबर भी पढ़ें…
हिंडनबर्ग का SEBI चीफ पर आरोप: माधबी बुच की उसी विदेशी फंड में हिस्सेदारी, जिसमें अडाणी का निवेश; बुच बोलीं- हमारी जिंदगी खुली किताब अमेरिकी कंपनी हिंडनबर्ग ने शनिवार को सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की चेयरपर्सन पर गंभीर आरोप लगाए। हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच की अडाणी ग्रुप से जुड़ी ऑफशोर कंपनी में हिस्सेदारी है। बुच ने इन आरोपों को “निराधार” और “चरित्र हनन” का प्रयास बताया है। SEBI चेयरपर्सन ने सभी फाइनेंशियल रिकॉर्ड डिक्लेयर करने की इच्छा व्यक्त की। अपने पति धवल बुच के साथ एक जॉइंट स्टेटमेंट में उन्होंने कहा, ‘हमारा जीवन और फाइनेंसेस एक खुली किताब है।’ पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…