जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के उपाध्यक्ष चौधरी जुल्फकार अली ने गृह मंत्री अमित शाह से शनिवार (17 अगस्त) को मुलाकात की। विधानसभा चुनाव से पहले दिल्ली से दोनों की बैठक हुई। अटकलें हैं कि जुल्फकार बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। जुल्फकार अली पेशे से एक वकील हैं। उन्होंने 2008 और 2014 के विधानसभा चुनावों में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के टिकट पर राजौरी जिले की दरहाल विधानसभा से चुनाव लड़ा था। दोनों चुनाव में उन्हें जीत हासिल हुई थी। 2015 से 2018 तक वे महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली PDP-BJP गठबंधन सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे थे। लेकिन BJP के गठबंधन सरकार से बाहर होने के बाद जून 2018 में गठबंधन की ये सरकार गिर गई थी। इसके बाद पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व में कई PDP नेताओं ने साल 2020 में JKAP यानी जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी की स्थापना की थी। जुल्फकार अली इसके संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता अजय कुमार सदोत्रा ने आज कहा कि सीएम फेस को लेकर पार्टी का संसदीय बोर्ड फैसला करेगा। शनल कॉन्फ्रेंस 20 अगस्त तक कैंडिडेट की पहली लिस्ट जारी करेगी
सदोत्रा ने कहा है कि कार्यकारिणी की बैठक में उम्मीद है उमर अब्दुल्ला विधानसभा चुनाव ना लड़ने के अपने फैसले पर पुनर्विचार जरूर करेंगे। साथ ही संसदीय बोर्ड पहले फेज के लिए कैंडिडेट की लिस्ट 20 अगस्त तक जारी करेगी। जम्मू-कश्मीर में तीन फेस में होगी वोटिंग
इलेक्शन कमीशन ने 16 अगस्त को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है। राज्य में तीन फेज में वोटिंग होगी। यहां विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं। बहुमत का आंकड़ा 46 है। चुनाव आयोग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में चुनाव के पहले फेज के लिए गजट नोटीफिकेशन 20 अगस्त से शुरू हो जाएगा। पहले फेज के नॉमीनेशन के लिए आखिरी तारीख 27 अगस्त होगी। जम्मू-कश्मीर: नई सरकार का कार्यकाल 6 साल की जगह 5 साल का होगा
सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर 2024 तक जम्मू कश्मीर में चुनाव कराने का आदेश दिया था। राज्य से अनुच्छेद 370 हटने के बाद ये पहला विधानसभा चुनाव होगा। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 हटाया था। इसके बाद से यहां LG मनोज सिन्हा प्रशासक हैं। चुनाव के बाद नई सरकार का कार्यकाल 6 साल की जगह 5 साल का होगा। जम्मू-कश्मीर की 90 सीटें, परिसीमन में 7 जुड़ीं
जम्मू-कश्मीर में 2014 के विधानसभा चुनाव में 87 सीटें थीं। जिनमें से 4 लद्दाख की थीं। लद्दाख के अलग होने पर 83 सीटें बचीं थीं। बाद में परिसीमन के बाद 7 नई सीटें जोड़ी गईं। उनमें 6 जम्मू और 1 कश्मीर में है। अब कुल 90 सीटों पर चुनाव होगा। इनमें 43 जम्मू, 47 कश्मीर संभाग में हैं। 7 सीटें SC (अनुसूचित जाति) और 9 सीटें ST (अनुसूचित जनजाति) के लिए रिजर्व हैं।
सदोत्रा ने कहा है कि कार्यकारिणी की बैठक में उम्मीद है उमर अब्दुल्ला विधानसभा चुनाव ना लड़ने के अपने फैसले पर पुनर्विचार जरूर करेंगे। साथ ही संसदीय बोर्ड पहले फेज के लिए कैंडिडेट की लिस्ट 20 अगस्त तक जारी करेगी। जम्मू-कश्मीर में तीन फेस में होगी वोटिंग
इलेक्शन कमीशन ने 16 अगस्त को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है। राज्य में तीन फेज में वोटिंग होगी। यहां विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं। बहुमत का आंकड़ा 46 है। चुनाव आयोग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में चुनाव के पहले फेज के लिए गजट नोटीफिकेशन 20 अगस्त से शुरू हो जाएगा। पहले फेज के नॉमीनेशन के लिए आखिरी तारीख 27 अगस्त होगी। जम्मू-कश्मीर: नई सरकार का कार्यकाल 6 साल की जगह 5 साल का होगा
सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर 2024 तक जम्मू कश्मीर में चुनाव कराने का आदेश दिया था। राज्य से अनुच्छेद 370 हटने के बाद ये पहला विधानसभा चुनाव होगा। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 हटाया था। इसके बाद से यहां LG मनोज सिन्हा प्रशासक हैं। चुनाव के बाद नई सरकार का कार्यकाल 6 साल की जगह 5 साल का होगा। जम्मू-कश्मीर की 90 सीटें, परिसीमन में 7 जुड़ीं
जम्मू-कश्मीर में 2014 के विधानसभा चुनाव में 87 सीटें थीं। जिनमें से 4 लद्दाख की थीं। लद्दाख के अलग होने पर 83 सीटें बचीं थीं। बाद में परिसीमन के बाद 7 नई सीटें जोड़ी गईं। उनमें 6 जम्मू और 1 कश्मीर में है। अब कुल 90 सीटों पर चुनाव होगा। इनमें 43 जम्मू, 47 कश्मीर संभाग में हैं। 7 सीटें SC (अनुसूचित जाति) और 9 सीटें ST (अनुसूचित जनजाति) के लिए रिजर्व हैं।