कोलकाता रेप-मर्डर केस, पीड़ित की डायरी के कई पेज गायब:दिल्ली में सड़क पर मरीजों का इलाज करेंगे डॉक्टर; आज हड़ताल का 8वां दिन

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 9 अगस्त की रात को ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप-मर्डर मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। इससे उनकी मौत का रहस्य गहराता जा रहा है। दैनिक भास्कर ने रविवार (18 अगस्त) को मृतका के कुछ सहयोगियों के अलावा उनकी मां से भी बात की। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी रोज डायरी लिखती थी। हालांकि, अब सामने आया है कि डायरी के कई पन्ने गायब (फटे) हैं। माना जा रहा है कि पीड़िता की मौत से जुड़ा कोई राज इन पन्नों में छिपा था। सवाल उठ रहा है कि डायरी के फटे पन्नों में पीड़िता ने क्या लिखा था? मृतका की मां का दावा है कि सबूत मिटाने के मकसद से पन्ने फाड़ दिए गए होंगे। पुलिस ने दूसरे सबूतों के साथ डॉक्टर का लैपटॉप और वह डायरी CBI को सौंप दी है। हालांकि, पुलिस सूत्रों ने बताया कि SIT को उस डायरी से इस घटना के बारे में कोई संकेत नहीं मिला था। हालांकि, CBI ने पीड़िता की डायरी को जांच का प्रमुख पहलू बना लिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के बाहर मरीजों का इलाज करेंगे डॉक्टर इधर, कोलकाता की घटना के विरोध में दिल्ली के डॉक्टर्स की हड़ताल का सोमवार (19 अगस्त) को 8वां दिन है। एम्स और दूसरे अस्पतालों के रजिडेंट डॉक्टर्स आज से स्वास्थ्य मंत्रालय के बाहर सड़क पर मरीजों का इलाज करेंगे। रजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने रविवार (18 अगस्त) रात प्रेस रिलीज के जरिए इसकी जानकारी दी। प्रेस रिलीज के मुताबिक, रेजिडेंट डॉक्टर निर्माण भवन के बाहर मरीजों को मेडिसिन, सर्जरी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल चिकित्सा, आंखों की दिक्कत, हड्डी रोग सहित लगभग 36 स्पेशियलिटी की ओपीडी सेवाएं देंगे। सभी अस्पतालों में पहले की तरह इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी। डॉक्टरों ने कहा है कि उनकी हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक कि उन्हें केंद्रीय सुरक्षा अधिनियम के माध्यम से अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा का आश्वासन नहीं दिया जाता है। पिता बोले- जल्दबाजी में बेटी का अंतिम संस्कार किया
दूसरी तरफ, पीड़ित के पिता ने भी कई नए खुसाले किए हैं। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में रविवार (18 अगस्त) को बताया कि पुलिस ने उनकी बेटी की जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराया था। पिता के मुताबिक, श्मशान घाट में ट्रेनी डॉक्टर की बॉडी अलावा तीन शव थे। हालांकि, पीड़ित के शव का पहले अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में भी उनकी बेटी की बॉडी उस हालत में नहीं थी, जैसे सेमिनार रूम में मिली थी। उन्होंने कहीं और हत्या के बाद सेमिनार रूम में बॉडी रखने की आंशका दोहराई। पीड़ित की मां ने कहा कि हमें कुछ लोगों ने बताया कि बेटी के शरीर के कुछ हिस्से पर कोई कपड़ा नहीं था। पीड़ित के पिता ने कहा, ‘हमें बताया गया कि हमारी बेटी का शव शुरू में उस हालत में नहीं मिला था जैसा कि सेमिनार हॉल में था। वहां उसे बाद में रखा गया था। इससे ज्यादा हम कुछ नहीं बता सकते क्योंकि जब हम अस्पताल पहुंचे तो हमें शव को देखने की इजाजत नहीं थी।