यूक्रेन ने कुर्स्क में हमला कर एक और अहम पुल को गिरा दिया है। यूक्रेन के वायु सेना कमांडर मायकोला ओलेशचुक ने सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा वीडियो भी जारी किया। उन्होंने कहा कि इस पुल का बहुत रणनीतिक महत्व है। इसके टूटने के बाद अब रूस की सप्लाई लाइन पर काफी असर पड़ेगा। रूस में ये दूसरा पुल है जिसे यूक्रेन ने तबाह किया है। 2 दिन पहले यूक्रेनी सेना ने कुर्स्क के ग्लुशकोवो में एक और पुल को गिरा दिया था। रॉयटर्स के मुताबिक यह पुल सीम नदी पर बना हुआ था। ये यूक्रेन की सीमा से 15 किमी दूर है। अभी तक इस बात की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है कि रविवार को जिस पुल पर हमला हुआ, वह वास्तव में कहां हुआ। हालांकि रूसी टेलीग्राम चैनलों ने दावा किया कि ज्वानोए गांव में सीम नदी पर बने दूसरे पुल पर हमला हुआ है। रूस की मैश न्यूज के मुताबिक कुर्स्क में 3 पुल थे। अब एक ही पुल सलामत बच गया है। 3 तस्वीरों में बर्बाद हुए पुल को देखिए बेलारूस सीमा पर 1 लाख से ज्यादा यूक्रेनी सैनिक तैनात
यूक्रेन ने बेलारूस की सीमा पर भी हजारों सैनिक तैनात कर रखे हैं। ये दावा बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने किया। उन्होंने रविवार को एक इंटरव्यू में कहा कि यूक्रेन ने जुलाई की शुरुआत में बेलारूस की सीमा पर 1 लाख 20 हजार सैनिक तैनात किए थे। उन्होंने बाद में इसमें और इजाफा किया। लुकाशेंको ने कहा कि इसके जवाब में बेलारूस की एक तिहाई सेना यूक्रेन से लगे बॉर्डर पर तैनात कर दी गई है। हालांकि उन्होंने सैनिकों का स्पष्ट आंकड़ा नहीं बताया। ब्रिटिश अखबार रॉयटर्स ने बताया कि 2022 में बेलारूस के पास 60 हजार सैनिक थे। ऐसे में माना जा रहा है कि बेलारूस के 20 हजार से ज्यादा सैनिक यूक्रेन की सीमा पर तैनात हैं। कब्जा किए रूसी इलाके को बफर जोर बनाएगा यूक्रेन
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि वे कुर्स्क इलाके पर हमला कर रहे हैं ताकि इसे बफर जोन बना सकें। बफर जोन में दो देशों के बीच में खाली जगह होती है। इस जगह पर किसी का कब्जा नहीं होता। यूक्रेन ने 6 अगस्त को रूस के कुर्स्क इलाके पर हमला शुरू किया था। इसके बाद रूस ने कुर्स्क में इमरजेंसी लागू कर दिया था। इसके बाद रूस ने बेलगोरोद में भी इमरजेंसी लागू कर दी। यूक्रेन ने 16 अगस्त तक रूस के 1,150 वर्ग किलोमीटर इलाके पर कब्जा कर लिया। BBC के मुताबिक यूक्रेन के अचानक हमले के बाद 2 लाख से ज्यादा रूसी नागरिकों को अपने घरों से भागने पर मजबूर होना पड़ा है। 82 गांवों पर कब्जा कर चुका यूक्रेन, सुद्जा में कमांड सेंटर खोला
पिछले सप्ताह जेलेंस्की ने दावा किया था कि उनकी सेना ने रूसी शहर सुद्जा पर कब्जा कर लिया है और यहां पर मिलिट्री कमांड सेंटर खोल लिया है। सुद्जा, यूक्रेनी सीमा से लगभग 10 किमी दूरी पर है। इसकी आबादी करीब 5,000 है। यहां रूस का एक गैस पाइपलाइन स्टेशन है। इसकी मदद से वह यूरोपीय देशों को गैस सप्लाई करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यूक्रेनी सेना रूस में 35 किमी अंदर तक घुस चुकी है और कम से कम 82 गांवों पर कब्जा कर लिया है। एक यूक्रेनी अधिकारी के मुताबिक यूक्रेन ने रूस के 150 से ज्यादा लोगों को बंदी बना लिया है। इसमें से ज्यादातर सैनिक हैं। अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि रूस ने सीमा पर काफी युवा सैनिक तैनात कर रखे हैं। इनमें से कई लड़ने लायक नहीं है और आसानी से हार मान लेते हैं। रूस में यूक्रेनी सेना 35km तक दाखिल, सुद्जा पर कब्जा, 2 लाख से ज्यादा लोगों ने घर छोड़ा राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेन ने रूसी शहर सुद्जा पर कब्जा कर लिया है। यूक्रेनी सेना रूस में 35 किमी अंदर तक घुस चुकी है। जेलेंस्की ने गुरुवार को वीडियो संदेश में कहा कि सुद्जा में अब यूक्रेनी मिलिट्री कमांडेंट का सेंटर खुल चुका है। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना ने बीते 10 दिनों में रूस के 82 गांवों पर कब्जा कर लिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
यूक्रेन ने बेलारूस की सीमा पर भी हजारों सैनिक तैनात कर रखे हैं। ये दावा बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने किया। उन्होंने रविवार को एक इंटरव्यू में कहा कि यूक्रेन ने जुलाई की शुरुआत में बेलारूस की सीमा पर 1 लाख 20 हजार सैनिक तैनात किए थे। उन्होंने बाद में इसमें और इजाफा किया। लुकाशेंको ने कहा कि इसके जवाब में बेलारूस की एक तिहाई सेना यूक्रेन से लगे बॉर्डर पर तैनात कर दी गई है। हालांकि उन्होंने सैनिकों का स्पष्ट आंकड़ा नहीं बताया। ब्रिटिश अखबार रॉयटर्स ने बताया कि 2022 में बेलारूस के पास 60 हजार सैनिक थे। ऐसे में माना जा रहा है कि बेलारूस के 20 हजार से ज्यादा सैनिक यूक्रेन की सीमा पर तैनात हैं। कब्जा किए रूसी इलाके को बफर जोर बनाएगा यूक्रेन
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि वे कुर्स्क इलाके पर हमला कर रहे हैं ताकि इसे बफर जोन बना सकें। बफर जोन में दो देशों के बीच में खाली जगह होती है। इस जगह पर किसी का कब्जा नहीं होता। यूक्रेन ने 6 अगस्त को रूस के कुर्स्क इलाके पर हमला शुरू किया था। इसके बाद रूस ने कुर्स्क में इमरजेंसी लागू कर दिया था। इसके बाद रूस ने बेलगोरोद में भी इमरजेंसी लागू कर दी। यूक्रेन ने 16 अगस्त तक रूस के 1,150 वर्ग किलोमीटर इलाके पर कब्जा कर लिया। BBC के मुताबिक यूक्रेन के अचानक हमले के बाद 2 लाख से ज्यादा रूसी नागरिकों को अपने घरों से भागने पर मजबूर होना पड़ा है। 82 गांवों पर कब्जा कर चुका यूक्रेन, सुद्जा में कमांड सेंटर खोला
पिछले सप्ताह जेलेंस्की ने दावा किया था कि उनकी सेना ने रूसी शहर सुद्जा पर कब्जा कर लिया है और यहां पर मिलिट्री कमांड सेंटर खोल लिया है। सुद्जा, यूक्रेनी सीमा से लगभग 10 किमी दूरी पर है। इसकी आबादी करीब 5,000 है। यहां रूस का एक गैस पाइपलाइन स्टेशन है। इसकी मदद से वह यूरोपीय देशों को गैस सप्लाई करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यूक्रेनी सेना रूस में 35 किमी अंदर तक घुस चुकी है और कम से कम 82 गांवों पर कब्जा कर लिया है। एक यूक्रेनी अधिकारी के मुताबिक यूक्रेन ने रूस के 150 से ज्यादा लोगों को बंदी बना लिया है। इसमें से ज्यादातर सैनिक हैं। अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि रूस ने सीमा पर काफी युवा सैनिक तैनात कर रखे हैं। इनमें से कई लड़ने लायक नहीं है और आसानी से हार मान लेते हैं। रूस में यूक्रेनी सेना 35km तक दाखिल, सुद्जा पर कब्जा, 2 लाख से ज्यादा लोगों ने घर छोड़ा राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेन ने रूसी शहर सुद्जा पर कब्जा कर लिया है। यूक्रेनी सेना रूस में 35 किमी अंदर तक घुस चुकी है। जेलेंस्की ने गुरुवार को वीडियो संदेश में कहा कि सुद्जा में अब यूक्रेनी मिलिट्री कमांडेंट का सेंटर खुल चुका है। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना ने बीते 10 दिनों में रूस के 82 गांवों पर कब्जा कर लिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…