जरूरत की खबर- सोशल मीडिया के जरिए स्टॉक मार्केट स्कैम:दुगुने मुनाफे के लालच में न आएं, ठगी से बचने के लिए बरतें 7 सावधानियां

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में साइबर ठगों ने शेयर बाजार में निवेश करने का झांसा देकर एक युवक अमरेंद्र कुमार से 15.49 लाख रुपए ठग लिए। दरअसल बीते जून के महीने में अमरेंद्र ने फेसबुक पर शेयर बाजार को लेकर एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन में निवेश के लिए कोर्स की बात कही गई। जब विज्ञापन में दिए नंबर पर अमरेंद्र ने संपर्क किया तो उससे कोर्स के लिए एक ऐप डाउनलोड कराया गया। इस ऐप के जरिए शेयर बाजार में निवेश कराया गया। अमरेंद्र ने अपने और अपनी पत्नी के बैंक अकाउंट से अलग-अलग तारीखों पर कुल 15.49 लाख रुपए का निवेश किया। इस दौरान ऐप में निवेश का पैसा मुनाफे के साथ कई गुना दिखाई दिया। जब अमरेंद्र ने इस रकम को निकालने का प्रयास किया तो उससे 11 लाख रूपए से अधिक की रकम जमा करने के लिए कहा गया। इस तरह अमरेंद्र साइबर क्रिमिनलों के द्वारा स्टॉक मार्केट स्कैम का शिकार बन गया। स्टॉक मार्केट स्कैम का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ सालों में देश के अन्य राज्यों से भी इस तरह की खबरें खूब सामने आई हैं। इसलिए आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कि स्टॉक मार्केट स्कैम क्या है। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: ईशान सिन्हा, साइबर एक्सपर्ट (नई दिल्ली) इंडियन साइबर क्राइम काे-ऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के मुताबिक, इस साल अप्रैल माह तक साइबर क्रिमिनल्स ने 1750 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की है। इसमें सबसे ज्यादा इन्वेस्टमेंट स्कैम के जरिए 1,420 करोड़ और ट्रेडिंग स्कैम के नाम पर 222 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया है। सवाल- स्टॉक मार्केट स्कैम क्या है? जवाब- पिछले कुछ सालों में स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने वाले लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसका बड़ा कारण ट्रेडिंग ऐप्स के जरिए लोगों तक शेयर मार्केट की जानकारी आसानी से उपलब्ध होना है। आजकल सोशल मीडिया ऐप्स (वॉट्सऐप, टेलीग्राम, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर कई ऐसे ग्रुप या विज्ञापन देखने को मिल जाएंगे, जो आसानी से शेयर मार्केट से पैसे कमाने का दावा करते हैं। इन विज्ञापनों को देखकर ही अधिकांश लोग इनसे जुड़ जाते हैं। इसके बाद साइबर क्रिमिनल्स लोगों को ठगने के लिए फर्जी ऐप्स के जरिए निशाना बनाते हैं। सवाल- लोगों को स्टॉक मार्केट स्कैम के जाल में कैसे फंसाया जाता है? जवाब- साइबर क्रिमिनल वॉट्सऐप, टेलीग्राम या फेसबुक ग्रुप में जोड़ने के लिए इनवाइट लिंक भेजते हैं। लिंक के साथ फ्री में इंवेस्टमेंट स्किल सिखाने, जीरो लॉस स्कीम और 100% रिटर्न की गारंटी के फर्जी दावे करते हैं, जिससे लोग आसानी उनके झांसे में आ जाते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि सोशल मीडिया ग्रुप्स के जरिए लोगों को कैसे स्कैम का शिकार बनाया जाता है। सवाल- स्टॉक मार्केट स्कैम से खुद को कैसे बचा सकते हैं? जवाब- साइबर एक्सपर्ट ईशान सिन्हा बताते हैं कि अगर कोई आपसे वॉट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम या टेलीग्राम पर ट्रेडिंग या शेयर बाजार सिखाने को लेकर विज्ञापन भेज रहा है तो उसके झांसे में न आएं। स्कैमर्स द्वारा ऐप में बताए गए निवेश स्टॉक एक्सचेंजों पर कभी नहीं होते हैं। जब आप रिटर्न के नाम पर दिखाई देने वाले पैसे को निकालने जाएंगे तो कुछ नहीं मिलेगा। दरअसल रिटर्न के नाम पर दिखाई दे रहा पैसा सिर्फ वर्चुअल नंबर होता है। नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि स्टॉक मार्केट स्कैम से कैसे बच सकते हैं। आइए ग्राफिक में दिए इन पॉइंट्स को विस्तार से समझते हैं। सवाल- सेबी ने इस स्कैम को लेकर क्या चेतावनी जारी की है? जवाब- भारतीय स्टॉक एक्सचेंज बोर्ड (SEBI) ने स्टॉक मार्केट स्कैम को लेकर रिटेल निवेशकों के लिए चेतावनी जारी की है। सेबी ने कहा है कि स्कैमर्स, जो सेबी के साथ रजिस्टर होने का दावा करते हैं, लोगों को गारंटीड हाई रिटर्न के वादे के साथ लुभाते हैं। इस तरह के निवेश स्टॉक एक्सचेंजों पर कभी भी भरोसा न करें क्योंकि यह लेन-देन केवल ऐप के अंदर ही पेपर ट्रेड के तौर पर होते हैं।