फरवरी 2025 में अंतरिक्ष से लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुश:NASA ने कहा- स्पेसएक्स के ड्रैगन से वापसी होगी; 80 दिन से स्पेस में हैं

भारतीय मूल की अमेरिकी एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुश विलमोर फरवरी 2025 में धरती पर लौटेंगे। अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA ने शनिवार (24 अगस्त) को बयान जारी कहा है। NASA के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने कहा- नासा ने फैसला किया है कि बुच और सुनीता अगली फरवरी में स्पेसएक्स के ड्रैगन (क्रू-9) स्पेसक्राफ्ट से वापस आएंगे। बोइंग का स्टारलाइनर बिना चालक दल के धरती पर वापस आएगा। उन्होंने कहा कि बोइंग डेटा प्राप्त करने के लिए नासा के साथ बहुत मेहनत की, इसके बाद ये फैसला लिया। हम स्टारलाइनर के डिजाइन सुधारों और इसमें आई खराबी के मूल कारणों को समझना चाहते हैं। इससे होगा कि बोइंग स्टारलाइनर​ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) जाने के लिए ​हमारे चालक दल का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकेगा। सुनीता और विल्मोर 5 जून को NASA की बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट से ISS पहुंचे ​थे। दोनों को 13 जून को वापस आना था, लेकिन स्पेसक्राफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण उनकी वापसी टल गई थी। सुनीता और विलमोर को स्पेस स्टेशन पर क्यों भेजा गया था
सुनीता और बुश विलमोर बोइंग और नासा के जॉइंट ‘क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन’ पर गए थे। इसमें सुनीता, स्पेसक्राफ्ट की पायलट थीं। उनके साथ गए बुश विलमोर इस मिशन के कमांडर थे। दोनों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में 8 दिन रुकने के बाद वापस पृथ्वी पर आना था। लॉन्च के समय बोइंग डिफेंस, स्पेस एंड सिक्योरिटी के प्रेसिडेंट और CEO टेड कोलबर्ट ने इसे स्पेस रिसर्च के नए युग की शानदार शुरुआत बताया था। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य स्पेसक्राफ्ट की एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन तक ले जाकर वापस लाने की क्षमता साबित करना था। एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन पर 8 दिन में रिसर्च और कई एक्सपेरिमेंट भी करने थे। सुनीता और विलमोर पहले एस्ट्रोनॉट्स हैं जो एटलस-वी रॉकेट के जरिए स्पेस ट्रैवेल पर भेजे गए। इस मिशन के दौरान उन्हें स्पेसक्राफ्ट को मैन्युअली भी उड़ाना था। फ्लाइट टेस्ट से जुड़े कई तरह के ऑब्जेक्टिव भी पूरे करने थे।