हर कोई सफल होना चाहता है। लेकिन सफलता कुछ लोगों के ही हाथ लगती है। बाकी लोग पूरी उम्र सफलता की राह देखते रह जाते हैं। सफलता और असफलता के बीच सबसे बड़ा अंतर क्या है? वह कौन सी बात है, जो एक शख्स को सफल तो दूसरे को सामाजिक पैमानों पर असफल बना देती है। वैसे तो इसकी पूरी फेहरिस्त गिनाई जा सकती है। लेकिन मनोविज्ञान की दुनिया में ‘सेल्फ इमेज’ यानी खुद के बारे में राय को सफलता और असफलता की सबसे बड़ी वजह बताई जाती है। आपसी बातचीत में या मोटिवेशनल लेक्चर्स में अक्सर यह सलाह मिलती है कि खुद को पसंद करना कितना जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि खुद को पसंद कैसे किया जाए। खुद की नजरों में अच्छा और बेहतर कैसे साबित हुआ जाए। आज रिलेशनशिप कॉलम में इन्हीं सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश करेंगे। क्या है सेल्फ इमेज और सेल्फ कंपैशन आसान भाषा में समझें तो सेल्फ इमेज का मतलब खुद के बारे में हमारी धारणा से है। हम अपने बारे में, अपनी क्षमताओं और सपनों के बारे में क्या सोचते हैं, यही हमारी सेल्फ इमेज है। दूसरी ओर, सेल्फ कंपैशन पॉजिटिव सेल्फ इमेज से जुड़ा है क्योंकि कई बार सेल्फ इमेज निगेटिव भी हो सकती है। जब कोई शख्स खुद पर और अपनी क्षमताओं पर भरोसा करना छोड़ देता है। ऐसी स्थिति में मेंटल-फिजिकल वेलबीइंग के साथ उसके रिश्ते-नाते और उसका करियर भी बिगड़ने लगता है। साइकोलॉजी टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक सेल्फ कंपैशन की स्थिति में शख्स अपने हित, जरूरतों और सपनों के प्रति सतर्क रहता है। वह दूसरों को खुश करने के लिए खुद के साथ ज्यादा समझौते नहीं करता। वह खुद को जमाने के सामने साबित करने से पहले अपनी नजर में बेहतर होने की कोशिश करता है। सेल्फ कंपैशन और पॉजिटिव सेल्फ इमेज की यह स्थिति मेंटल-फिजिकल वेलबीइंग और सभी तरह के रिश्तों के लिए भी फायदेमंद होती है। ‘हाउ टू फील गुड अबाउट योरसेल्फ’ के राइटर क्रिस्टोफर एबी सेल्फ इमेज बेहतर करने के लिए ये टिप्स सुझाते हैं- ध्यान रखें, पॉजिटिव सेल्फ इमेज का मतलब आत्ममुग्धता नहीं यहां इस बात का ध्यान रखना भी जरूरी है कि पॉजिटिव सेल्फ इमेज किसी भी स्थिति में आत्ममुग्धता के स्तर तक न पहुंचे। जब कोई शख्स अपनी छवि और व्यवहार को लेकर अडिग हो जाता है तो उसे अपनी गलतियां दिखनी बंद हो जाती हैं। वह चाहकर भी खुद में सुधार नहीं ला पाता। जमाने के प्रति उसकी सोच निगेटिव होती चली जाती है। ऐसी स्थिति में उस शख्स के स्वभाव में आत्ममुग्धता घर कर रही होती है। पॉजिटिव सेल्फ इमेज से उलट आत्ममुग्धता का रिश्ता, करियर और मेंटल-फिजिकल वेलबीइंग पर निगेटिव प्रभाव पड़ता है।