जरूरत की खबर- रेप के लिए AI का इस्तेमाल:अपराधियों ने वॉयस चेजिंग ऐप का इस्तेमाल किया, फोन पर कैसे पहचानें नकली आवाज

मध्यप्रदेश के सीधी जिले में 7 आदिवासी छात्राओं के साथ रेप की घटना हुई। जब इस मामले की पड़ताल की गई तो पता चला कि आरोपी मैजिक वॉयस ऐप का इस्तेमाल करते थे और कॉलेज की महिला टीचर की आवाज में छात्राओं से बात करते थे। छात्राओं को स्कॉलरशिप के लिए डॉक्यूमेंट देने के नाम पर सुनसान जगह पर बुलाते थे। AI का इस्तेमाल करके महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध की यह दिल दहला देने वाली घटनाएं टेक्नोलॉजी पर भी कई गंभीर सवाल खड़े करती हैं। आज के दौर में आवाज के साथ हेरफेर करना बेहद आसान है। गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर पर कई ऐसे एप्लिकेशन मौजूद हैं, जिनमें कॉल करते समय आवाज बदली जा सकती है। इसके अलावा AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वॉयस क्लोनिंग के जरिए भी किसी की भी आवाज को बेहद सफाई से कॉपी किया जा सकता है। यही वजह से है कि वॉयस कॉल के जरिए स्कैम और साइबर क्राइम की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसलिए आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कि वॉयस चेजिंग ऐप और वॉयस क्लोनिंग कितनी खतरनाक है? साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: ईशान सिन्हा, साइबर एक्सपर्ट (नई दिल्ली) सवाल- वॉयस चेजिंग ऐप और वॉयस क्लोनिंग में क्या अंतर है?
जवाब- वॉयस चेजिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके न केवल आवाज की पिच और टोन बदली जा सकती है, बल्कि किसी व्यक्ति, बच्चे, बुजुर्ग, महिला की आवाज या किसी कम्प्यूटराइज्ड आवाज में कॉल की जा सकती है। जबकि वॉयस क्लोनिंग में AI का इस्तेमाल करके केवल तीन या चार सेकंड के ऑडियो से किसी भी आवाज की कॉपी की जा सकती है। AI वॉयस को क्लोनिंग के बाद पहचानना बेहद मुश्किल है। पहली बार में आवाज हू-ब-हू मिलती-जुलती लगती है। सवाल- साइबर क्रिमिनल्स वॉयस चेजिंग ऐप या वॉयस क्लोनिंग के जरिए किन लोगों को अपना शिकार बनाते हैं?
जवाब- वॉयस चेजिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके किसी को भी स्कैम का शिकार बनाया जा सकता है, लेकिन पिछले कुछ मामलों में देखा गया है कि साइबर क्रिमिनल का प्राइमरी टारगेट टीनएजर्स, महिलाएं या बुजुर्ग होते हैं। सवाल- नकली वॉयस कॉल को कैसे पहचान सकते हैं?
जवाब- AI वॉयस क्लोन को पहचानने के कई तरीके हैं। इन्हें इन पॉइंट्स के जरिए देख सकते हैं। हाल ही में ट्रूकॉलर(Truecaller) ने AI वॉयस कॉल स्कैम और फेक कॉल्स से लोगों को बचाने के लिए AI कॉल स्कैनर फीचर लॉन्च किया है। इस फीचर की मदद से कॉल को सुनकर असली इंसान की आवाज है या किसी मशीन की नकली आवाज है, यह आसानी से पता किया जा सकता है। हालांकि यह फीचर अभी सिर्फ अमेरिका में शुरू हुआ है। जल्द ही यह भारत में भी आ सकता है। सवाल- फेक वॉयस कॉल स्कैम से कैसे बच सकते हैं?
जवाब- साइबर एक्सपर्ट ईशान सिन्हा कहते हैं कि पिछले कुछ समय में AI वॉयस क्लोनिंग या वॉइस चेंजर ऐप के जरिए स्कैम की घटनाएं बढ़ी हैं। इसका बड़ा कारण है कि इस तरह के ऐप्स और टूल्स बिल्कुल फ्री होते हैं, जिससे हैकर्स आसानी से किसी को भी इमोशनली ब्लैकमेल करके या लालच देकर अपने झांसे में फंसा लेते हैं। हमेशा ध्यान रहे कि किसी अनजान कॉल के प्रलोभन में न आएं। अगर कोई कॉल के जरिए डराने-धमकाने का प्रयास करे तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत करें। नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि फेक वॉयस कॉल स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। पिछले कुछ सालों में साइबर क्राइम की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। साइबर क्रिमिनल हर रोज ठगी के नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल प्लेटफार्म पर बेहद सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। किसी अनजान नंबर से फर्जी कॉल आने पर www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। इस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को साइबर क्राइम पुलिस द्वारा संज्ञान में लिया जाता है। इसके अलावा Cyber Crime Help Line (Toll Free) नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। ये खबरें भी पढ़ें… बच्ची का रेप कर गोली मारी, कुएं में फेंका:पिता ने यह कहकर परिवार को छोड़ दिया कि मां की परवरिश खराब मेरी बड़ी लड़की का रेप हुआ। इसके बाद वह दिल, दिमाग और शरीर से कमजोर हो गई। इस घटना ने पूरे परिवार को मानसिक तौर पर असहाय कर दिया। एक दिन भी नहीं बीतता, जब समाज के ताने सुनने को नहीं मिलते हैं। मेरे दूसरे बच्चों को भी गलत नीयत से देखा जाता है। हर कोई नोच-नोचकर खाना चाहता है। इतना तो पक्का है कि इस जीवन में अब चैन नहीं मिलने वाला। कोई भी हमें इज्जत से नहीं देखेगा। मन करता है कि बच्चों के साथ आत्महत्या कर लूं। इतना कहते ही 39 साल की कमला देवी की आंखें लाल हो जाती हैं। आंखों से आंसू बहते जा रहे हैं और गिड़गिड़ाकर मुझसे कह रही हैं, ‘मैडम आपको इस दर्द से निकलने का कोई तरीका पता हो तो बताकर जाना।’ पूरी खबर पढ़ें… बलात्कार पर बंगाल सरकार नया कानून लाएगी: कैबिनेट से मंजूरी मिली; ममता बोलीं- रेपिस्ट को फांसी हो कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ऐसे अपराधों के लिए नया कानून लेकर आ रही है। बुधवार (28 अगस्त) को पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने बलात्कार को रोकने और कड़ी सजा के प्रावधान के लिए नया बिल पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। बिल अगले हफ्ते विधानसभा में पेश किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…