चीन की 2 महिलाओं ने किसी अनजान व्यक्ति के 3 साल की बच्ची को प्लेन के टॉयलेट में बंद कर दिया। दोनों ने इस घटना का वीडियो भी शेयर किया। उन्होंने तर्क दिया है कि ऐसा उन्होंने बच्ची को सबक सिखाने के लिए किया था। CNN के मुताबिक, वीडियो में महिला बच्ची से कहती है कि उसे तब तक बाहर नहीं जाने दिया जाएगा, जब तक वह रोना बंद नहीं करती। मामला 24 अगस्त को जूनेयाओ एयरलाइंस का है, जिसका वीडियो अब सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची अपने दादा-दादी के साथ शंघाई जा रही थी। इस दौरान वह प्लेन में लगातार हो रही थी। इसे देखते हुए विमान में यात्रा कर रहीं 2 महिलाएं दादा-दादी से कहकर बच्ची को अपने साथ ले जाती हैं। वीडियो पोस्ट करने वाली महिला ने लिखा कि उसने ऐसा इसलिए किया ताकि दूसरे पैसेंजर्स को यात्रा के दौरान कोई तकलीफ न हो। महिलाओं को बेरहम कह रहे सोशल मीडिया यूजर्स
सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महिलाओं की जमकर आलोचना हो रही है। 3 साल की बच्ची को परेशान करने के लिए लोग उन्हें बेरहम कह रहे हैं। दूसरी तरफ, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने महिलाओं का बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने बच्ची को ले जाने से पहले उसके दादा-दादी से इजाजत ली थी। ऐसे में उनका कोई दोष नहीं है। वहीं एयरलाइंस ने भी इस मामले में बयान जारी किया है। एयरलाइंस के कस्टमर सर्विस डिपार्टमेंट ने क्रू की लापरवाही के लिए माफी मांगी। उन्होंने महिला पैसेंजर्स की आलोचना करते हुए आगे से सावधानी बरतने का वादा किया। चीन में लंबे समय से सार्वजनिक जगहों पर छोटे बच्चों को संभालने के तरीके पर बहस होती रही है। कुछ लोगों का मानना है कि कुछ बिगड़े हुए बच्चे अक्सर सार्वजनिक जगहों पर चीखते-चिल्लाते हैं या फिर सामानों को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में उन्हें संभालना बेहद मुश्किल हो जाता है। चीन की ट्रेनों में बच्चों के लिए अलग कम्पार्टमेंट
यह देखते हुए चीन में कुछ ट्रेनों में बच्चों के लिए अलग कम्पार्टमेंट भी बनाए गए हैं। वहीं साउथ कोरिया में भी कई रेस्तरां, म्यूजियम और थिएटरों में चिल्ड्रेन-फ्री जोन बनाए गए हैं। साउथ कोरिया में कई सांसद इसका विरोध भी करते हैं। वे सरकार से ऐसी जगहों को बंद करने की मांग करते हैं। उनका तर्क है कि समाज को बच्चों के प्रति और सकारात्मक व्यवहार अपनाने की जरूरत है। वहीं कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस जैसे स्कूट और कोरेडन एयरलाइंस में पैसेंजरों के लिए ऐसे जोन बनाए गए हैं जहां बच्चों की एंट्री की इजाजत नहीं है। यह खबर भी पढ़ें… अमेरिकी विमान में यात्री ने महिला स्टाफ से बदतमीजी की:शारीरिक संबंध बनाने को कहा, विमान का दरवाजा खोलने की कोशिश की; क्रू ने हाथ-पैर बांधे अमेरिका के न्यू जर्सी राज्य के व्यक्ति को अमेरिकन एयरलाइंस के विमान में फ्लाइट अटेंडेंट से दुर्व्यवहार करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। दरअसल 26 साल का निकोलस गैप्को 18 जुलाई को सिएटल से डलास के लिए रवाना हुआ था। पूरी खबर पढ़ें…
सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महिलाओं की जमकर आलोचना हो रही है। 3 साल की बच्ची को परेशान करने के लिए लोग उन्हें बेरहम कह रहे हैं। दूसरी तरफ, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने महिलाओं का बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने बच्ची को ले जाने से पहले उसके दादा-दादी से इजाजत ली थी। ऐसे में उनका कोई दोष नहीं है। वहीं एयरलाइंस ने भी इस मामले में बयान जारी किया है। एयरलाइंस के कस्टमर सर्विस डिपार्टमेंट ने क्रू की लापरवाही के लिए माफी मांगी। उन्होंने महिला पैसेंजर्स की आलोचना करते हुए आगे से सावधानी बरतने का वादा किया। चीन में लंबे समय से सार्वजनिक जगहों पर छोटे बच्चों को संभालने के तरीके पर बहस होती रही है। कुछ लोगों का मानना है कि कुछ बिगड़े हुए बच्चे अक्सर सार्वजनिक जगहों पर चीखते-चिल्लाते हैं या फिर सामानों को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में उन्हें संभालना बेहद मुश्किल हो जाता है। चीन की ट्रेनों में बच्चों के लिए अलग कम्पार्टमेंट
यह देखते हुए चीन में कुछ ट्रेनों में बच्चों के लिए अलग कम्पार्टमेंट भी बनाए गए हैं। वहीं साउथ कोरिया में भी कई रेस्तरां, म्यूजियम और थिएटरों में चिल्ड्रेन-फ्री जोन बनाए गए हैं। साउथ कोरिया में कई सांसद इसका विरोध भी करते हैं। वे सरकार से ऐसी जगहों को बंद करने की मांग करते हैं। उनका तर्क है कि समाज को बच्चों के प्रति और सकारात्मक व्यवहार अपनाने की जरूरत है। वहीं कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस जैसे स्कूट और कोरेडन एयरलाइंस में पैसेंजरों के लिए ऐसे जोन बनाए गए हैं जहां बच्चों की एंट्री की इजाजत नहीं है। यह खबर भी पढ़ें… अमेरिकी विमान में यात्री ने महिला स्टाफ से बदतमीजी की:शारीरिक संबंध बनाने को कहा, विमान का दरवाजा खोलने की कोशिश की; क्रू ने हाथ-पैर बांधे अमेरिका के न्यू जर्सी राज्य के व्यक्ति को अमेरिकन एयरलाइंस के विमान में फ्लाइट अटेंडेंट से दुर्व्यवहार करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। दरअसल 26 साल का निकोलस गैप्को 18 जुलाई को सिएटल से डलास के लिए रवाना हुआ था। पूरी खबर पढ़ें…