राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने सोमवार को जाति जनगणना को लेकर कहा कि यह लोगों के कल्याण के लिए सही है, लेकिन इसका इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए। समन्वय बैठक के बाद मुख्य प्रवक्ता सुनील आंबेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार को सिर्फ डेटा के लिए जाति जनगणना करवानी चाहिए। RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक हर साल होती है। इस साल यह 31 अगस्त से 2 सितंबर तक केरल के पलक्कड़ में हुई। जिसमें कोलकाता रेप-मर्डर केस और यूनिफॉर्म सिविल कोड पर भी चर्चा हुई। बैठक में इन मुद्दों पर चर्चा हुई पिछली बैठक में भाजपा को सलाह दी थी- लापरवाही से काम नहीं चलेगा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सितंबर 2023 में हुई समन्वय बैठक में भाजपा को संघ ने सलाह दी थी कि विरोधी दलों के गठबंधन से डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही से भी काम नहीं चलेगा। इस बैठक की शुरुआत सरसंघचालक डाॅ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने भारत माता की पूजा से की थी। इस बैठक में संघ के 36 संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए थे। पूरी खबर पढ़ें… ये खबर भी पढ़ें… लोकसभा चुनाव के बाद RSS की पहली बड़ी बैठक, संघ प्रमुख का चुनाव क्यों नहीं होता लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी, RSS की पहली बड़ी बैठक केरल के पलक्कड़ में हुई। 2 सितंबर तक चली अखिल भारतीय समन्वय बैठक में RSS से जुड़े 32 संगठनों के करीब 320 प्रतिनिधि शामिल हुए। RSS में एक परंपरा है कि संघ प्रमुख ही अगले संघ प्रमुख का नाम तय करेगा। RSS काम कैसे करता है, संघ प्रमुख का चुनाव क्यों नहीं होता, कौन-कौन से संगठन उससे जुड़े हैं, पढ़ें पूरी खबर…
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सितंबर 2023 में हुई समन्वय बैठक में भाजपा को संघ ने सलाह दी थी कि विरोधी दलों के गठबंधन से डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही से भी काम नहीं चलेगा। इस बैठक की शुरुआत सरसंघचालक डाॅ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने भारत माता की पूजा से की थी। इस बैठक में संघ के 36 संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए थे। पूरी खबर पढ़ें… ये खबर भी पढ़ें… लोकसभा चुनाव के बाद RSS की पहली बड़ी बैठक, संघ प्रमुख का चुनाव क्यों नहीं होता लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी, RSS की पहली बड़ी बैठक केरल के पलक्कड़ में हुई। 2 सितंबर तक चली अखिल भारतीय समन्वय बैठक में RSS से जुड़े 32 संगठनों के करीब 320 प्रतिनिधि शामिल हुए। RSS में एक परंपरा है कि संघ प्रमुख ही अगले संघ प्रमुख का नाम तय करेगा। RSS काम कैसे करता है, संघ प्रमुख का चुनाव क्यों नहीं होता, कौन-कौन से संगठन उससे जुड़े हैं, पढ़ें पूरी खबर…