कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को भीड़ में से एक व्यक्ति ने थप्पड़ मारने की कोशिश की। उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चोर-चोर के नारे लगाए। साथ ही घोष को फांसी देने की मांग की। इसके बाद पुलिस और केंद्रीय बलों ने स्थिति पर काबू पाया। दरअसल, संदीप घोष पर मेडिकल कॉलेज में वित्तीय गड़बड़ी का आरोप है। हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले की जांच CBI कर रही है। उन्हें मंगलवार को घोष को अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया था। इसी दौरान भीड़ ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। कोर्ट ने घोष और अन्य 3 लोगों को 8 दिन की CBI कस्टडी में भेजा दिया गया है। भ्रष्टाचार के मामले में इन लोगों को 2 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। इस फैसले के बाद पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने नोटिफिकेशन जारी करके कहा कि संदीप घोष के खिलाफ जारी कानूनी कार्रवाई के चलते उन्हें सस्पेंड किया जा रहा है। इससे पहले 28 अगस्त को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने संदीप घोष की सदस्यता रद्द कर दी थी। वहीं, मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ 8-9 अगस्त की रात रेप-मर्डर केस में जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन 26वें दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारी डॉक्टर पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। डॉक्टर्स के प्रदर्शन की तस्वीरें… केंद्र का आरोप- आरजी कर अस्पताल में तैनात CISF को बंगाल सरकार सुविधाएं नहीं दे रही
केंद्र सरकार ने आज पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की याचिका लगाई है। केंद्र का आरोप है कि बंगाल सरकार आरजी कर अस्पताल की सुरक्षा में तैनात CISF जवानों को परिवहन और आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं करा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 21 अगस्त को CISF के 92 जवान आरजी कर की सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। इनमें 54 महिलाएं भी हैं। इन्हें अपने हथियार रखने की भी जगह नहीं मिली है। केंद्र सरकार के अनुरोध के बाद भी बंगाल सरकार कोई एक्शन नहीं ले रही। डॉक्टर बोले- पुलिस हमसे डरी हुई है
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का आरोप है कि पुलिस ने रेप-मर्डर केस की जांच में शुरू से ही लापरवाही की है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर गोयल की तस्वीरें हाथ में लेकर उनके इस्तीफे की मांग की। बीबी गांगुली स्ट्रीट पर रोके जाने के बाद डॉक्टरों ने पुलिस कमिश्नर का पुतला भी जलाया। धरने पर बैठे एक डॉक्टर ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा- हमें नहीं पता था कि कोलकाता पुलिस हमसे इतनी डरी हुई है कि हमें रोकने के लिए 9 फीट ऊंचा बैरिकेड लगा देगी। हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक हमें लालबाजार पहुंचने और कमिश्नर से मिलने की परमिशन नहीं दी जाती। हम तब तक यहीं बैठे रहेंगे। डॉक्टरों ने BJP सांसद के खिलाफ गो बैक के नारे लगाए
कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जज और मौजूदा सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय सोमवार को प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने के लिए विरोध स्थल पर पहुंचे। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें देखकर हंगामा कर दिया। साथ ही गो बैक के नारे लगाए। इस पर भाजपा सांसद ने कहा कि उन लोगों ने मुझे गलत समझा है, मैं यहां आम नागरिक के रूप में उनका साथ देने के लिए आया हूं। मैं उनके खिलाफ नहीं हूं। गंगोपाध्याय ने पुलिस कमिश्नर से भी डॉक्टरों से मिलने की अपील की। उन्होंने कहा- कमिश्नर क्यों नहीं आ रहे। वे डॉक्टर हैं, गुंडे नहीं हैं। डॉक्टरों को कसाई कहने पर TMC विधायक के खिलाफ केस दर्ज
दूसरी तरफ, डॉक्टरों पर टिप्पणी करने के मामले में TMC विधायक लवली मैत्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। TMC विधायक ने डॉक्टरों की तुलना कसाई से की थी। TMC विधायक लवली मैत्रा ने कहा था, ‘विरोध के नाम पर डॉक्टर कसाई बन रहे हैं। गरीब और वंचित लोग बंगाल के दूरदराज इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों से सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आते हैं। जो लोग निजी अस्पतालों में इलाज कराने में असमर्थ हैं, वे परेशान हैं। उनका इलाज नहीं हो रहा है। क्या वे (डॉक्टर) इंसान हैं? क्या यह इंसानियत है?’ अभिषेक बनर्जी ने पार्टी नेताओं को बयानबाजी से बचने को कहा
सूत्रों के अनुसार, TMC ने अपने नेताओं को इस तरह के बयान देने से मना किया है। TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने भी अपने पार्टी नेताओं को इससे बचने की चेतावनी दी है। उन्होंने X पर पोस्ट में लिखा, ‘मैं TMC के सभी नेताओं से आग्रह करता हूं कि वे मेडिकल बिरादरी या समाज के किसी भी व्यक्ति के बारे में बुरा न बोलें। सभी को विरोध करने और अपनी बात कहने का अधिकार है। यही बात पश्चिम बंगाल को अन्य भाजपा शासित राज्यों से अलग बनाती है।’ प्रदर्शनकारियों को धमकाने पर TMC नेता सस्पेंड
लवली मैत्रा से पहले TMC नेता आतिश सरकार का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को धमकी दी थी। वीडियो में सरकार ने कहा, ‘मैं तुम्हारी मां-बहनों की अश्लील तस्वीर बनाकर तुम्हारे घर के दरवाजे पर टांग दूंगा। तुम अपने घर से बाहर नहीं निकल पाओगे। सावधान रहो, TMC के लोग सड़कों पर हैं।’ TMC ने आतिश सरकार को एक साल के लिए पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। ये खबरें भी पढ़ें… पश्चिम बंगाल विधानसभा में एंटी रेप बिल पास, पीड़ित कोमा में गई या मौत हुई तो दोषी को 10 दिन में फांसी होगी पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंगलवार को एंटी रेप बिल पास हो गया। नए कानून के तहत रेप केस की 21 दिन में जांच पूरी करनी होगी। इसके अलावा पीड़ित के कोमा में जाने या मौत होने पर दोषी को 10 दिन में फांसी की सजा होगी। भाजपा ने भी बिल का समर्थन किया है। पूरी खबर पढ़ें …
केंद्र सरकार ने आज पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना की याचिका लगाई है। केंद्र का आरोप है कि बंगाल सरकार आरजी कर अस्पताल की सुरक्षा में तैनात CISF जवानों को परिवहन और आवास की सुविधा उपलब्ध नहीं करा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 21 अगस्त को CISF के 92 जवान आरजी कर की सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। इनमें 54 महिलाएं भी हैं। इन्हें अपने हथियार रखने की भी जगह नहीं मिली है। केंद्र सरकार के अनुरोध के बाद भी बंगाल सरकार कोई एक्शन नहीं ले रही। डॉक्टर बोले- पुलिस हमसे डरी हुई है
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का आरोप है कि पुलिस ने रेप-मर्डर केस की जांच में शुरू से ही लापरवाही की है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर गोयल की तस्वीरें हाथ में लेकर उनके इस्तीफे की मांग की। बीबी गांगुली स्ट्रीट पर रोके जाने के बाद डॉक्टरों ने पुलिस कमिश्नर का पुतला भी जलाया। धरने पर बैठे एक डॉक्टर ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा- हमें नहीं पता था कि कोलकाता पुलिस हमसे इतनी डरी हुई है कि हमें रोकने के लिए 9 फीट ऊंचा बैरिकेड लगा देगी। हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक हमें लालबाजार पहुंचने और कमिश्नर से मिलने की परमिशन नहीं दी जाती। हम तब तक यहीं बैठे रहेंगे। डॉक्टरों ने BJP सांसद के खिलाफ गो बैक के नारे लगाए
कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जज और मौजूदा सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय सोमवार को प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने के लिए विरोध स्थल पर पहुंचे। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें देखकर हंगामा कर दिया। साथ ही गो बैक के नारे लगाए। इस पर भाजपा सांसद ने कहा कि उन लोगों ने मुझे गलत समझा है, मैं यहां आम नागरिक के रूप में उनका साथ देने के लिए आया हूं। मैं उनके खिलाफ नहीं हूं। गंगोपाध्याय ने पुलिस कमिश्नर से भी डॉक्टरों से मिलने की अपील की। उन्होंने कहा- कमिश्नर क्यों नहीं आ रहे। वे डॉक्टर हैं, गुंडे नहीं हैं। डॉक्टरों को कसाई कहने पर TMC विधायक के खिलाफ केस दर्ज
दूसरी तरफ, डॉक्टरों पर टिप्पणी करने के मामले में TMC विधायक लवली मैत्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। TMC विधायक ने डॉक्टरों की तुलना कसाई से की थी। TMC विधायक लवली मैत्रा ने कहा था, ‘विरोध के नाम पर डॉक्टर कसाई बन रहे हैं। गरीब और वंचित लोग बंगाल के दूरदराज इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों से सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आते हैं। जो लोग निजी अस्पतालों में इलाज कराने में असमर्थ हैं, वे परेशान हैं। उनका इलाज नहीं हो रहा है। क्या वे (डॉक्टर) इंसान हैं? क्या यह इंसानियत है?’ अभिषेक बनर्जी ने पार्टी नेताओं को बयानबाजी से बचने को कहा
सूत्रों के अनुसार, TMC ने अपने नेताओं को इस तरह के बयान देने से मना किया है। TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने भी अपने पार्टी नेताओं को इससे बचने की चेतावनी दी है। उन्होंने X पर पोस्ट में लिखा, ‘मैं TMC के सभी नेताओं से आग्रह करता हूं कि वे मेडिकल बिरादरी या समाज के किसी भी व्यक्ति के बारे में बुरा न बोलें। सभी को विरोध करने और अपनी बात कहने का अधिकार है। यही बात पश्चिम बंगाल को अन्य भाजपा शासित राज्यों से अलग बनाती है।’ प्रदर्शनकारियों को धमकाने पर TMC नेता सस्पेंड
लवली मैत्रा से पहले TMC नेता आतिश सरकार का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को धमकी दी थी। वीडियो में सरकार ने कहा, ‘मैं तुम्हारी मां-बहनों की अश्लील तस्वीर बनाकर तुम्हारे घर के दरवाजे पर टांग दूंगा। तुम अपने घर से बाहर नहीं निकल पाओगे। सावधान रहो, TMC के लोग सड़कों पर हैं।’ TMC ने आतिश सरकार को एक साल के लिए पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। ये खबरें भी पढ़ें… पश्चिम बंगाल विधानसभा में एंटी रेप बिल पास, पीड़ित कोमा में गई या मौत हुई तो दोषी को 10 दिन में फांसी होगी पश्चिम बंगाल विधानसभा में मंगलवार को एंटी रेप बिल पास हो गया। नए कानून के तहत रेप केस की 21 दिन में जांच पूरी करनी होगी। इसके अलावा पीड़ित के कोमा में जाने या मौत होने पर दोषी को 10 दिन में फांसी की सजा होगी। भाजपा ने भी बिल का समर्थन किया है। पूरी खबर पढ़ें …