पेरिस पैरालिंपिक में भारत ने 7वें दिन 2 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल जीत लिए हैं। देर रात 2 बजे मेंस क्लब थ्रो में धरबीर ने गोल्ड और प्रणव सूरव ने सिल्वर मेडल दिलाया। उनसे पहले आर्चरी में हरविंदर सिंह ने गोल्ड और शॉट पुट में सचिन सरजेराव ने सिल्वर जीता था। भारत ने पैरालिंपिक इतिहास में अपना बेस्ट प्रदर्शन करते हुए अब तक 24 मेडल जीत लिए हैं। 5 गोल्ड, 9 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज के साथ भारत मेडल टैली में 13वें नंबर पर है। भारत ने पांचवें दिन 8 और छठे दिन 5 मेडल जीते थे। 7वें दिन देश ने 4 मेडल जीते। क्लब थ्रो में क्लीन स्वीप करने से चूके
मेंस F-51 कैटेगरी के क्लब थ्रो इवेंट में भारत ने 2 मेडल जीते। धरमबीर सिंह ने 34.92 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड और प्रणव सूरव ने 34.59 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता। सर्बिया के जेलिको डिमित्रिजेविक ने 34.18 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। क्लब थ्रो इवेंट में भारत क्लीन स्वीप कर तीनों मेडल जीत सकता था, लेकिन अमित कुमार 6 अटेम्प्ट में 4 थ्रो फाउल कर बैठे। उनके 2 थ्रो सही रहे, जिसमें बेस्ट 23.96 मीटर दूर ही जा सका। जिस कारण अमित 10वें नंबर पर रहे। F-51 कैटेगरी में वे एथलीट्स आते हैं, जिनके अंगों में कमी, पैर की लंबाई में अंतर, मांसपेशियों की शक्ति में कमी या गति की सीमा में कमी होती है। आर्चरी गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बने हरविंदर
पैरालिंपिक गेम्स में आर्चरी का गोल्ड मेडल जीतने वाले हरविंदर सिंह पहले ही भारतीय बने। हरविंदर मेंस इंडिविजुअल रिकर्व ओपन के रैंकिंग राउंड में 9वें नंबर पर रहे थे। राउंड ऑफ 32 में उन्होंने चीनी ताइपे के लुंग-हुई सेंग को 7-3 से हराया। हरविंदर ने प्री-क्वार्टर फाइनल में सेतियावान को 6-2 से हराया। हरविंदर ने कोलंबिया के जुलियो हेक्टर रमिरेज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल 6-2 से जीता। सेमीफाइल में हरविंदर ने ईरान के मोहम्मद रेजा को 7-3 से हराया। उन्होंने फिर पोलैंड के लुकास सीजेक को 6-0 से फाइनल हराया और गोल्ड मेडल जीत लिया। पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पैरा आर्चरी का गोल्ड मेडल जीतने वाले हरविंदर सिंह को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘पैरा आर्चरी में स्पेशल गोल्ड। मेंस इंडिविजुअल के रिकर्व ओपन में गोल्ड मेडल जीतने पर हरविंदर सिंह को बधाई। उनका फोकस, टारगेट और स्पिरिट कमाल की रही। भारत आपकी जीत से बहुत खुश है।’ सिमरन ने सेमीफाइनल में जगह बनाई
विमेंस की टी-12 कैटेगरी में भारत की सिमरन ने 100 मीटर रेस के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने राउंड-1 की हीट-1 में 12.17 सेकेंड टाइम के साथ पहला स्थान हासिल किया। सिमरन का सेमीफाइनल कल दोपहर 3.21 बजे होगा। सचिन ने दिलाया आज का पहला मेडल
पैरालिंपिक के 7वें दिन का पहला मेडल सचिन सरजेराव ने शॉटपुट में दिलाया। उन्होंने 16.32 के एशियन रिकॉर्ड के साथ मेंस F-46 कैटेगरी में सिल्वर जीता। F46 कैटेगिरी उन एथलीट्स के लिए हैं, जिनके हाथ में कमजोरी, कमजोर मसल्स या हाथों के मूवमेंट में कमी होती है। भारत मेडल टैली में 13वें नंबर पर
भारत अब तक 5 गोल्ड, 9 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है। 24 मेडल जीतकर भारत फिलहाल 13वें नंबर पर है। चीन पहले, ब्रिटेन दूसरे और अमेरिका तीसरे नंबर पर है। भारतीय प्लेयर्स ने टोक्यो पैरालिंपिक में 5 गोल्ड समेत 19 मेडल जीते थे। छठे दिन के हाईलाइट्स… जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीतने से चूके
मेंस F-46 कैटेगरी में भारत के सुंदर सिंह गुर्जर के नाम 68.60 मीटर दूर जैवलिन फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। वह 64.96 मीटर दूर ही भाला फेंक सके, जिस कारण उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। जबकि अजीत सिंह ने 65.62 मीटर दूर जैवलिन फेंक कर सिल्वर अपने नाम किया। क्यूबा के गुलेर्मो गोन्जालेज ने दूसरे अटेम्प्ट में 66.14 मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल जीता। भारत के ही रिंकू आखिरी अटेम्प्ट में 61.58 मीटर का बेस्ट थ्रो फेंक कर पांचवें नंबर पर रहे। F-46 कैटेगरी में वे एथलीट्स आते हैं, जिनका एक हाथ नहीं होता या जिनका एक हाथ काम नहीं कर रहा होता। हाई जंप में 2 मेडल जीते
टी-42 और 63 कैटेगरी के हाई जंप में शरद कुमार ने 1.88 मीटर जंप कर सिल्वर मेडल जीता। जबकि मरियप्पन थांगावेलु ने 1.85 मीटर का जंप कर तीसरा स्थान हासिल किया। अमेरिका के ईजरा फ्रेच 1.94 मीटर जंप कर पहले नंबर पर रहे। इवेंट में भारत के ही शैलेश कुमार 1.85 मीटर के बेस्ट जंप के साथ चौथे नंबर पर रहे। भारत के तीनों एथलीट्स टी-42 कैटेगरी के हैं। इनमें वे एथलीट्स आते हैं, जिनका एक पैर टूटा हुआ रहता है या वे जिन्हें एक पैर से चलने या दौड़ने में दिक्कत होती है। दीप्ति जीवांजी ने दिलाया ब्रॉन्ज मेडल
विमेंस टी-20 कैटेगरी की 400 मीटर रेस में दीप्ति जीवांजी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 55.82 सेकेंड में रेस पूरी की। यूक्रेन की यूलिया शुलियार ने 55.16 सेकेंड टाइम के साथ गोल्ड जीता। जबकि तुर्किये की ऐसल ओन्डेर ने 55.23 सेकेंड में रेस पूरी कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। दीप्ति पैरालिंपिक गेम्स के ट्रैक इवेंट में मेडल जीतने वाली भारत की दूसरी ही एथलीट बनीं। उनसे पहले प्रीति पाल ने टी-35 कैटेगरी की 100 मीटर और 200 मीटर रेस में इसी पैरालिंपिक में 2 ब्रॉन्ज मेडल दिलाए थे। आज अवनी लेखरा 50 मीटर शूटिंग में मेडल जीतने से चूक गईं।
मेंस F-51 कैटेगरी के क्लब थ्रो इवेंट में भारत ने 2 मेडल जीते। धरमबीर सिंह ने 34.92 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड और प्रणव सूरव ने 34.59 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता। सर्बिया के जेलिको डिमित्रिजेविक ने 34.18 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। क्लब थ्रो इवेंट में भारत क्लीन स्वीप कर तीनों मेडल जीत सकता था, लेकिन अमित कुमार 6 अटेम्प्ट में 4 थ्रो फाउल कर बैठे। उनके 2 थ्रो सही रहे, जिसमें बेस्ट 23.96 मीटर दूर ही जा सका। जिस कारण अमित 10वें नंबर पर रहे। F-51 कैटेगरी में वे एथलीट्स आते हैं, जिनके अंगों में कमी, पैर की लंबाई में अंतर, मांसपेशियों की शक्ति में कमी या गति की सीमा में कमी होती है। आर्चरी गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बने हरविंदर
पैरालिंपिक गेम्स में आर्चरी का गोल्ड मेडल जीतने वाले हरविंदर सिंह पहले ही भारतीय बने। हरविंदर मेंस इंडिविजुअल रिकर्व ओपन के रैंकिंग राउंड में 9वें नंबर पर रहे थे। राउंड ऑफ 32 में उन्होंने चीनी ताइपे के लुंग-हुई सेंग को 7-3 से हराया। हरविंदर ने प्री-क्वार्टर फाइनल में सेतियावान को 6-2 से हराया। हरविंदर ने कोलंबिया के जुलियो हेक्टर रमिरेज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल 6-2 से जीता। सेमीफाइल में हरविंदर ने ईरान के मोहम्मद रेजा को 7-3 से हराया। उन्होंने फिर पोलैंड के लुकास सीजेक को 6-0 से फाइनल हराया और गोल्ड मेडल जीत लिया। पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पैरा आर्चरी का गोल्ड मेडल जीतने वाले हरविंदर सिंह को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘पैरा आर्चरी में स्पेशल गोल्ड। मेंस इंडिविजुअल के रिकर्व ओपन में गोल्ड मेडल जीतने पर हरविंदर सिंह को बधाई। उनका फोकस, टारगेट और स्पिरिट कमाल की रही। भारत आपकी जीत से बहुत खुश है।’ सिमरन ने सेमीफाइनल में जगह बनाई
विमेंस की टी-12 कैटेगरी में भारत की सिमरन ने 100 मीटर रेस के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने राउंड-1 की हीट-1 में 12.17 सेकेंड टाइम के साथ पहला स्थान हासिल किया। सिमरन का सेमीफाइनल कल दोपहर 3.21 बजे होगा। सचिन ने दिलाया आज का पहला मेडल
पैरालिंपिक के 7वें दिन का पहला मेडल सचिन सरजेराव ने शॉटपुट में दिलाया। उन्होंने 16.32 के एशियन रिकॉर्ड के साथ मेंस F-46 कैटेगरी में सिल्वर जीता। F46 कैटेगिरी उन एथलीट्स के लिए हैं, जिनके हाथ में कमजोरी, कमजोर मसल्स या हाथों के मूवमेंट में कमी होती है। भारत मेडल टैली में 13वें नंबर पर
भारत अब तक 5 गोल्ड, 9 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है। 24 मेडल जीतकर भारत फिलहाल 13वें नंबर पर है। चीन पहले, ब्रिटेन दूसरे और अमेरिका तीसरे नंबर पर है। भारतीय प्लेयर्स ने टोक्यो पैरालिंपिक में 5 गोल्ड समेत 19 मेडल जीते थे। छठे दिन के हाईलाइट्स… जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीतने से चूके
मेंस F-46 कैटेगरी में भारत के सुंदर सिंह गुर्जर के नाम 68.60 मीटर दूर जैवलिन फेंकने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। वह 64.96 मीटर दूर ही भाला फेंक सके, जिस कारण उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। जबकि अजीत सिंह ने 65.62 मीटर दूर जैवलिन फेंक कर सिल्वर अपने नाम किया। क्यूबा के गुलेर्मो गोन्जालेज ने दूसरे अटेम्प्ट में 66.14 मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल जीता। भारत के ही रिंकू आखिरी अटेम्प्ट में 61.58 मीटर का बेस्ट थ्रो फेंक कर पांचवें नंबर पर रहे। F-46 कैटेगरी में वे एथलीट्स आते हैं, जिनका एक हाथ नहीं होता या जिनका एक हाथ काम नहीं कर रहा होता। हाई जंप में 2 मेडल जीते
टी-42 और 63 कैटेगरी के हाई जंप में शरद कुमार ने 1.88 मीटर जंप कर सिल्वर मेडल जीता। जबकि मरियप्पन थांगावेलु ने 1.85 मीटर का जंप कर तीसरा स्थान हासिल किया। अमेरिका के ईजरा फ्रेच 1.94 मीटर जंप कर पहले नंबर पर रहे। इवेंट में भारत के ही शैलेश कुमार 1.85 मीटर के बेस्ट जंप के साथ चौथे नंबर पर रहे। भारत के तीनों एथलीट्स टी-42 कैटेगरी के हैं। इनमें वे एथलीट्स आते हैं, जिनका एक पैर टूटा हुआ रहता है या वे जिन्हें एक पैर से चलने या दौड़ने में दिक्कत होती है। दीप्ति जीवांजी ने दिलाया ब्रॉन्ज मेडल
विमेंस टी-20 कैटेगरी की 400 मीटर रेस में दीप्ति जीवांजी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्होंने 55.82 सेकेंड में रेस पूरी की। यूक्रेन की यूलिया शुलियार ने 55.16 सेकेंड टाइम के साथ गोल्ड जीता। जबकि तुर्किये की ऐसल ओन्डेर ने 55.23 सेकेंड में रेस पूरी कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। दीप्ति पैरालिंपिक गेम्स के ट्रैक इवेंट में मेडल जीतने वाली भारत की दूसरी ही एथलीट बनीं। उनसे पहले प्रीति पाल ने टी-35 कैटेगरी की 100 मीटर और 200 मीटर रेस में इसी पैरालिंपिक में 2 ब्रॉन्ज मेडल दिलाए थे। आज अवनी लेखरा 50 मीटर शूटिंग में मेडल जीतने से चूक गईं।