केंद्र सरकार ने पूजा खेडकर की सेवा समाप्त की:फर्जी सर्टिफिकेट का मामला; पूर्व ट्रेनी अफसर ने कहा था- UPSC को मुझे हटाने का अधिकार नहीं

केंद्र सरकार ने शनिवार (7 सितंबर) को पूर्व ट्रेनी अफसर पूजा खेडकर को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया। उनके खिलाफ ये एक्शन IAS (परिवीक्षा) नियम, 1954 के नियम 12 के तहत लिया गया है। पूजा 2023 बैच की ट्रेनी IAS थीं। उन्हें CSE-2022 में 841वीं रैंक मिली थी। वे जून 2024 से ट्रेनिंग कर रही थीं। उन पर आरोप है कि उन्होंने रिजर्वेशन का फायदा उठाने के लिए सिविल सर्विस एग्जाम 2022 में शामिल होने के लिए खुद से जुड़ी गलत जानकारी दी थी। UPSC ने अपनी जांच में पूजा को दोषी पाया। इसके बाद 31 जुलाई को पूजा का सिलेक्शन रद्द किया गया। पूजा पर उम्र, माता-पिता की गलत जानकारी, पहचान बदलकर तय सीमा से ज्यादा बार सिविल सर्विसेस का एग्जाम देने का आरोप था। सिलेक्शन रद्द होने के बाद पूजा का पद छिन गया। उन पर भविष्य में UPSC का कोई एग्जाम देने पर रोक है। पूजा ने कहा था- UPSC को मेरे खिलाफ एक्शन लेने का अधिकार नहीं
UPSC ने 31 जुलाई को पूजा का सिलेक्शन रद्द किया था और भविष्य में कोई एग्जाम देने पर भी रोक लगाई थी। UPSC ने दस्तावेजों की जांच के बाद पूजा को CSE-2022 नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया था। आयोग ने दिल्ली पुलिस में केस भी दर्ज कराया था। पूजा ने 28 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट में कहा था कि UPSC के पास उनके खिलाफ कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है। पूजा ने कहा कि UPSC ने 2019, 2021 और 2022 के पर्सनैलिटी टेस्ट के दौरान कलेक्ट किए बायोमेट्रिक डेटा (सिर और उंगलियों के निशान) के जरिए मेरी पहचान वैरिफाई की है। मेरे सारे डॉक्यूमेंट को 26 मई 2022 को पर्सनैलिटी टेस्ट में आयोग ने वैरिफाई किया था। इस सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व IAS अफसर पूजा खेडकर को गिरफ्तारी से अंतरिम जमानत दी थी। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा था कि दिल्ली पुलिस इस मामले में नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करना चाहती है, इसलिए खेडकर की अंतरिम जमानत याचिका की सुनवाई 5 सितंबर तक के लिए टाली जाती है। पूजा पर तय सीमा से ज्यादा बार एग्जाम देने का आरोप
दिव्यांग कैटेगरी से कोई कैंडिडेट 9 बार परीक्षा दे सकता है। जनरल कैटेगरी से 6 अटेम्प्ट्स देने की इजाजत होती है। पूजा पर गलत उम्र, सरनेम बदलने, माता-पिता की गलत जानकारी, गलत तरीके से आरक्षण का फायदा लेने और तय सीमा से ज्यादा बार सिविल सर्विसेज का एग्जाम देने का आरोप है। पूजा को CSE-2022 में 841वीं रैंक मिली थी। 2023 बैच की ट्रेनी IAS पूजा जून 2024 से पुणे में ट्रेनिंग कर रही थीं। पूजा ने हाईकोर्ट को बताया था- मैं 47% दिव्यांग हूं
30 अगस्त को पूजा ने दिल्ली हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया था कि था कि UPSC की परीक्षा में आरक्षण के लिए कैंडिडेट का 40% दिव्यांग होना जरूरी है। मैं 47% दिव्यांग हूं। इसलिए UPSC परीक्षा में मेरे सिर्फ ​​दिव्यांग कैटेगरी वाले अटेम्प्टस को गिना जाए। उन्होंने कहा कि उनके पास महाराष्ट्र के हॉस्पिटल का सर्टिफिकेट है, जिसमें उन्हें ओल्ड ACL (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट) के फटने और बाएं घुटने में अस्थिरता की पुष्टि की गई है। पूजा ने बताया कि उन्होंने सिविल सर्विसेज एग्जाम के 12 अटेम्प्ट्स दिए हैं। इनमें 7 अटेम्प्ट्स जनरल कैटेगरी से दिए हैं। पूजा ने जनरल कैटेगरी के सातों अटेम्प्ट्स नजरअंदाज करने की अपील की। पूजा के विकलांगता सर्टिफिकेट से जुड़े विवाद UPSC के एक्शन के खिलाफ पूजा की 4 दलीलें UPSC ने बताया था- पूजा को 2 बार समय दिया, लेकिन जवाब नहीं आया