अभी गणेश उत्सव चल रहा है और इन दिनों में की गई विशेष गणेश पूजा से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। ऐसी मान्यता है। शास्त्रों के मुताबिक, विष्णु जी और शिव जी की तरह ही भगवान गणेश ने भी अलग-अलग अवतार लिए हैं। इन अवतारों ने हमारी बुराइयों के प्रतीक राक्षसों को पराजित किया था। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, गणेश जी ने विकट, महोदर, विघ्नेश्वर जैसे अवतार लिए हैं। इन अवतारों ने जिन राक्षसों को पराजित किया, वे हमारे दोषों के प्रतीक हैं। ये दोष हैं – काम, क्रोध, मद, लोभ, ईर्ष्या, मोह, अहंकार। जानिए गणेश जी के अवतारों से जुड़ी कथाएं…