राहुल ने बताया आरक्षण कब खत्म होगा:अमेरिका में बोले- दलितों को 100 में 5 रुपए मिलते हैं; मायावती बोलीं- ये आरक्षण छीनने की साजिश

अमेरिका दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी ने मंगलवार को आरक्षण पर बयान दिया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस तभी आरक्षण खत्म करने के बारे में सोचेगी, जब देश में सभी को समान अवसर मिलने लगेंगे। फिलहाल भारत में ऐसी स्थिति नहीं है।” दरअसल, वॉशिंगटन डीसी के जॉर्ज टाउन यूनिवर्सिटी में राहुल से पूछा गया था कि भारत में आरक्षण कब तक चलेगा? इसके जवाब में उन्होंने ये बातें कहीं। इसके बाद भारत में मायावती ने उनके बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा, “राहुल के नाटक से सतर्क रहें, वे आरक्षण को खत्म करने की साजिश में जुटे हैं।” अमेरिका में दिए राहुल के एक और बयान पर विरोधियों ने उनकी निंदा की है। राहुल ने कहा था, भारत में सिख समुदाय के बीच इस बात की चिंता है कि उन्हें पगड़ी, कड़ा पहनने की इजाजत दी जाएगी या नहीं? क्या वे गुरुद्वारे जा सकेंगे? ये चिंता सिर्फ सिखों की नहीं बल्कि सभी धर्मों के लिए है। इस पर भाजपा नेता हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “सिखों को भारत में तभी डर लगा था जब राहुल का परिवार सत्ता में था। मैं 6 दशकों से पगड़ी पहन रहा हूं।” वहीं, BJP के प्रवक्ता RP सिंह ने सिखों पर दिए बयान पर राहुल को कोर्ट में घसीटने की बात कही है। वहीं राहुल के आरक्षण वाले बयान पर भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने निशाना साधते हुए कहा कि “आरक्षण का विरोध उनकी विरासत है। राहुल जिस संविधान को लेकर घूमते हैं, उसी के साथ सबसे बड़ा छलावा और धोखा कर रहे हैं।” रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ये आरक्षण खत्म करने की सोची समझी रणनीति और षडयंत्र है। उनका संविधान की रक्षा का दावा एक ढकोसला है। राहुल गांधी जब भी विदेश जाते हैं उनका मकसद भारत को नीचा दिखाना और अपमानित करना होता है। उनका वहां चीन के प्रति प्रेम उभर आता है। आरक्षण खत्म करने से लेकर UCC पर राहुल की 5 बड़ी बातें… 1. आरक्षण खत्म करने का अभी सही समय नहीं: कांग्रेस आरक्षण खत्म करने के बारे में तब सोचेगी, जब सही समय होगा। जब आप वित्तीय आंकड़ों को देखते हैं, तो आदिवासियों को 100 रुपए में से 10 पैसे मिलते हैं, दलितों को 100 रुपए में से 5 रुपए मिलते हैं और OBC को भी लगभग इतनी ही रकम मिलती है। भारत के बिजनेस लीडर्स की लिस्ट देखें। मुझे लगता है कि टॉप 200 में से एक OBC है, जबकि वे भारत में 50% हैं, लेकिन हम इस बीमारी का इलाज नहीं कर रहे हैं। 2. जातिगत जणगणना जरूरी: भारत के दलित, OBC, आदिवासी को उनका हक नहीं मिल रहा है। देश के 90% आबादी वाले OBC, दलित और आदिवासी इस खेल में ही नहीं हैं। जातिगत जनगणना यह जानने का आसान तरीका है कि निचली जातियां, पिछड़ी जातियां और दलित किस स्थिति में हैं। देश के सर्वोच्च न्यायालय में देखिए, उनकी कोई भागीदारी नहीं है। मीडिया में देखिए, वहां निचली जातियां, OBC, दलित हैं ही नहीं। हम में से ज्यादातर जाति जनगणना के विचार पर सहमत हैं। 3. हमने पहले भी गठबंधन चलाया: हमारा गठबंधन (I.N.D.I.A) इस बात पर सहमत है कि भारत के संविधान की रक्षा की जानी चाहिए। भारत के बिजनेस को सिर्फ दो लोग अडाणी और अंबानी नहीं चला सकते। हमने बार-बार गठबंधन सरकारें चलाई हैं, जो सफल रही हैं। हमें पूरा यकीन है कि हम ऐसा फिर से कर सकते हैं। गठबंधन का पूरा विचार लोगों को यह बताना था कि भारत पर हमला हो रहा है और यह बहुत सफल रहा। 4. निष्पक्ष चुनाव होते तो BJP 246 के करीब नहीं होती: चुनावों से पहले, हम इस बात पर जोर देते रहे कि संस्थाओं पर कब्जा कर लिया गया है। एजुकेशन सिस्टम पर RSS का कब्जा है। मीडिया और जांच एजेंसियों पर उनका कब्जा है। मैंने संविधान को सामने रखना शुरू किया। अगर संविधान खत्म हो गया, तो पूरा खेल खत्म हो जाएगा। लोगों ने समझा कि जो संविधान की रक्षा कर रहे हैं और जो इसे नष्ट करना चाहते हैं, यह उनके बीच की लड़ाई है। मुझे नहीं लगता कि निष्पक्ष चुनाव होते तो BJP 246 के करीब होती। 5. UCC पर अभी टिप्पणी नहीं करूंगा: हम समान नागरिक संहिता (UCC) पर तभी कुछ कहेंगे जब पता चलेगा कि BJP का प्रस्ताव क्या है। हमने इसे नहीं देखा है। हमें नहीं पता कि वे किस बारे में बात कर रहे हैं। हमारे लिए इस पर टिप्पणी करने का कोई मतलब नहीं है। जब वे इसे लाएंगे, तब हम इसे देखेंगे और इस पर टिप्पणी करेंगे। भारतीय समुदाय से राहुल बोले- देश सबका, यह BJP नहीं मानती, 3 बड़ी बातें… पिछले 5 साल में हुई राहुल गांधी की विदेशी यात्राएं जो विवादित रहीं… मई 2022- राहुल गांधी ब्रिटेन के दौरे पर थे। उन्होंने CBI और ED का हवाला देते हुए भारत सरकार की तुलना पाकिस्तान सरकार से की थी। BJP ने राहुल पर विदेश में जाकर भारत को बदनाम करने का आरोप लगाया। दिसंबर 2020- राहुल गांधी नानी से मिलने इटली गए। वे कांग्रेस के स्थापना दिवस में शामिल नहीं हुए। कुछ महीने बाद पंजाब, गोवा, उत्तराखंड, मणिपुर और UP में चुनाव हुए। कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। राहुल पर आरोप लगा कि इटली जाने के लिए उन्होंने पंजाब में रैली को कैंसिल करवा दी। दिसंबर 2019- भारत में CAA के खिलाफ बड़ा आंदोलन चल रहा था। राहुल गांधी तब दक्षिण कोरिया चले गए थे। उनकी इस यात्रा को लेकर कई कांग्रेसी नेताओं ने भी सवाल उठाए थे। अक्टूबर 2019- हरियाणा और महाराष्ट्र में होने वाले चुनाव से सिर्फ 15 दिन पहले राहुल गांधी कंबोडिया चले गए। BJP ने कहा कि राहुल गांधी पर्सनल टूर पर बैंकॉक गए हैं। वहीं, कांग्रेस ने कहा कि वे मेडिटेशन के लिए कम्बोडिया गए हैं। यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में राहुल बोले- सब कुछ मेड इन चाइना: इसलिए भारत में रोजगार की दिक्कत; पित्रोदा ने कहा- राहुल के पास विजन, वो पप्पू नहीं राहुल गांधी विपक्ष के नेता के तौर पर पहली बार विदेश दौरे पर हैं। वे रविवार को अमेरिका के टेक्सास राज्य पहुंचे। यहां उन्होंने 2 कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। पहले उन्होंने डलास में भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी ने सोमवार को यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के छात्रों से भारतीय राजनीति, इकोनॉमी और भारत जोड़ो यात्रा समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। पूरी खबर पढ़ें…