चेन्नई में एयर शो देखने गए तीन लोगों की मौत:हीटस्ट्रोक के चलते 200 से ज्यादा बेहोश हुए; मरीना बीच पर जुटी थी लाखों की भीड़

8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना के 92वें स्थापना दिवस से पहले रविवार को चेन्नई में एयर शो हुआ। इसे देखने के लिए मरीना बीच पर लाखों की संख्या में लोग जमा हुए। भारी भीड़ और गर्मी के चलते तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 से ज्यादा लोग बेहोश हो गए। मृतकों की पहचान श्रीनिवासन (48), कार्तिकेयन (34) और जॉन (56) के नाम से हुई है। इस एयर शो को देखने के लिए 13 लाख लोगों की भीड़ जुटी थी, इसके चलते इसका नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो गया है। यह शो सुबह 11 बजे शुरू हुआ और दो घंटे तक चला। हालांकि, लोग 8 बजे से ही मरीना बीच पर जुटने लगे थे। एयर शो में पानी की व्यवस्था नहीं, रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मची
​​​​​​​कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयर शो देखने गए लोगों ने बताया कि बीच पर पीने के पानी की भी व्यवस्था नहीं थी। लोगों घंटों तक प्यासे बैठे रहे। वहीं, 1 बजे शो खत्म होने के बाद एक साथ लोग वहां से निकले जिसके चलते रास्तों पर ट्रैफिक जाम हो गया। भारी भीड़ के चलते एक लोकल रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मच गई। अलग-अलग मेट्रो स्टेशन पर भी ऐसी ही भीड़ देखने को मिली। एयर शो में सारंग, तेजस ने बनाए फॉर्मेशन
वायुसेना के एयर शो में राफेल, सूर्यकिरण और सारंग समेत 72 एयरक्राफ्ट्स ने करतब दिखाए। शो का सबसे बड़ा अट्रैक्शन पॉइंट प्रथम विश्वयुद्ध में इस्तेमाल हार्वर्ड T-6G टैक्सन एयरक्राफ्ट रहा। भारतीय वायुसेना ने 1974 तक हार्वर्ड को इंटरमीडिएट ट्रेनर के रूप में इस्तेमाल किया था। शो में एडवांस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस, सारंग, सुखोई 30 MKI, C17, C-295, अपाचे, लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर प्रचंड, डकोटा जैसे हैरिटेज एयरक्राफ्ट भी शामिल हुए। एयर शो की तस्वीरें… चेन्नई में 21 साल बाद एयर शो
21 साल के बाद चेन्नई में कोई फ्लाईपास्ट और एरियल डिस्प्ले शो हुआ। भारतीय वायुसेना ने तीसरी बार स्थापना दिवस पर होने वाला एयर शो दिल्ली से बाहर आयोजित किया। पिछले साल यह शो 8 अक्टूबर 2023 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में संगम क्षेत्र में हुआ था। 2022 में इसे चंडीगढ़ में रखा गया था। वायुसेना प्रमुख बोले- 2047 तक सभी हथियार भारत में बनाने का लक्ष्य
एयरफोर्स डे से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि भारत को सैन्य उपकरण बनाने के मामले में टेक्नोलॉजी और स्पीड के मामले में चीन से आगे निकलने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा था कि वायुसेना का लक्ष्य स्वदेशीकरण कार्यक्रम के तहत 2047 तक अपने सभी हथियारों का प्रोडक्शन भारत में ही करना है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को आपूर्ति में देरी की भरपाई के लिए हर साल 24 तेजस हल्के लड़ाकू विमानों का प्रोडक्शन करना चाहिए।