शराब नीति केस- दिल्ली हाईकोर्ट का ED को नोटिस:केजरीवाल की याचिका पर ट्रायल कोर्ट के फैसले पर स्टे नहीं दिया

शराब नीति केस में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर गुरुवार दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने ED को नोटिस जारी किया। इसमें जांच एजेंसी से उसका पक्ष रखने को कहा गया। केजरीवाल ने बुधवार (20 नवंबर) को याचिका लगाकर ट्रायल कोर्ट के फैसले पर स्टे लगाने की मांग की थी। हालांकि हाईकोर्ट ने अभी स्टे पर फैसला नहीं दिया है। केजरीवाल की दलील है कि निचली अदालत ने बिना किसी पूर्व मंजूरी के अपराध का संज्ञान लेने में गलती की है। ऐसे मामलों में CrPC की धारा 197 (1) के तहत राज्यपाल की पूर्व मंजूरी लेना आवश्यक होता है, क्योंकि उस वक्त वह (केजरीवाल) CM पद पर थे। केजरीवाल फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। उनके खिलाफ 2 जांच एजेंसी (ED और CBI) ने केस दर्ज किया है। केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने 13 सितंबर को CBI केस में जमानत दी थी। वहीं, ED मामले में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से 12 जुलाई को जमानत मिल गई थी। शराब नीति केस में ED ने उन्हें 21 मार्च को अरेस्ट किया था। बाद में 26 जून को CBI ने उन्हें जेल से हिरासत में लिया था। शराब नीति केस- केजरीवाल 156 दिन जेल में बिता चुके
केजरीवाल को ED ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। 10 दिन की पूछताछ के बाद 1 अप्रैल को तिहाड़ जेल भेजा गया। 10 मई को 21 दिन के लिए लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए रिहा किया गया। ये रिहाई 51 दिन जेल में रहने के बाद मिली थी। 2 जून को केजरीवाल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। 13 सितंबर को केजरीवाल की रिहाई के वक्त उन्हें जेल गए कुल 177 दिन हो गए थे। इनमें से वे 21 दिन अंतरिम जमानत पर रहे। यानी केजरीवाल ने अब तक कुल 156 दिन जेल में बिताए हैं। दिल्ली शराब घोटाला सिलसिलेवार पढ़िए… शराब नीति घोटाले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CBI की फाइनल चार्जशीट- केजरीवाल शराब नीति साजिश में शामिल: करीबी को वसूली में लगाया था दिल्ली शराब नीति घोटाले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने दो महीने पहले राउज एवेन्यू कोर्ट में अपनी पांचवी और आखिरी चार्जशीट दाखिल की थी। CBI ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शराब नीति बनाने और उसे लागू करने की आपराधिक साजिश में शुरू से शामिल थे। करीबी को वसूली में लगाया था। पढ़ें पूरी खबर…