हर इंसान के लिए सबसे जरूरी है- खुशी। मगर ये आती कहां से है? पैसे और खुशी के बीच कोई रिश्ता है या नहीं? क्या खुश रहने के लिए सेहतमंद रहना काफी है? ऐसे ही तमाम सवालों का जवाब ढूंढ़ने के लिए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने 1938 में एक अध्ययन शुरू किया। इसे नाम दिया गया- हार्वर्ड स्टडी ऑफ एडल्ट डेवलपमेंट। इसके लिए दुनिया भर से 724 प्रतिभागियों और उनके 2000 से ज्यादा वंशजों के युवावस्था से बुढ़ापे तक के शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर नजर रखी गई। मूल समूह के लगभग 60 लोग आज 90 से ज्यादा की उम्र में हैं और अब भी अध्ययन में हिस्सा ले रहे हैं। अकेलापन है जानलेवा है अपनी फैमिली, दोस्त-समुदाय के करीब रहें अध्ययन से पता चला है कि जो लोग मजबूत रिश्ते बनाए रखते हैं और ऐसी चीजें करते हैं, जो उन्हें खुशी देती हैं, वे उम्र बढ़ने के साथ खुशियों में भी सुधार करते हैं। कुछ लोगों ने जिंदगी में खूब पैसा कमाया, बड़ी डिग्री ली या बढ़िया नौकरी पाई, पर इनमें से अधिकांश या तो अकेले रह गए या समय से पहले मर गए। दूसरी ओर, ऐसे लोग थे, जिन्होंने अपने जीवन में बहुत बुरी परिस्थितियां झेलीं। ऐसी नौकरी की, जिसमें पैसे भले ही ज्यादा नहीं थे, लेकिन उन्होंने जिंदगी को एक अर्थ दिया और उन्होंने परिवार के साथ अच्छा समय गुजारा। वे न केवल दीर्घायु हुए, बल्कि अपेक्षाकृत ज्यादा खुश भी रहे। स्टडी कहती है कि जो लोग परिवार, मित्रों और समुदाय से अधिक जुड़े होते हैं, वे कम जुड़े लोगों की तुलना में अधिक खुश और शारीरिक रूप से स्वस्थ जीवन जीते हैं। अकेलापन आपको मार सकता है ये समझना महत्वपूर्ण है कि अकेलापन एकांत से अलग है। एकांत सकारात्मक शब्द है, क्योंकि इसमें चुनाव की भावना शामिल है। अकेलापन सिर्फ खालीपन का एक क्षणिक अहसास नहीं है, बल्कि यह दीर्घकालिक तनाव का कारण बन सकता है। इसका हमारी सेहत पर वैसा ही असर पड़ता है, जैसा रोज आधा पैकेट सिगरेट पीने से पड़ता है। यह धीमा जहर है, जो अनियंत्रित छोड़ दिया जाए तो जीवन में घुस सकता है। हर किसी का जीवन हमेशा एक सा नहीं होता। कई हालात आनंद को मुश्किल बना देते हैं। इसमें माता-पिता की असमय मृत्यु, भेदभाव, बाल शोषण, गरीबी या बीमारी जैसी कई चीजें हैं। मगर अच्छे सामाजिक रिश्ते इससे निपटना आसान बना देते हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि पैसा आपकी खुशी पर असर डालता है, लेकिन केवल एक सीमा तक। यह लंबे समय तक चलने वाली खुशी की गारंटी नहीं दे सकता है। निष्कर्ष कहता है कि खुशहाल जीवन के लिए व्यायाम, अच्छा आहार और स्वस्थ रहना ही काफी नहीं है। ये चीजें मायने रखती हैं, लेकिन इनसे भी ज्यादा मायने रखते हैं- अच्छे रिश्ते। यही हैं, जो लंबे समय की खुशियां दे सकते हैं। इसलिए अपने सबसे करीबी रिश्तों में निवेश करें। जो आपकी सबसे ज्यादा परवाह करते हैं, उनके बारे में सोचिए स्टडी यह भी बताती है कि अपने करीबी और सामाजिक संबंधों को और मजबूत कैसे बनाएं, चाहें वह घर पर हो, दोस्तों के साथ, काम पर या आपके समुदायों के बीच। इसके लिए कुछ इस तरह के सुझाव भी दिए गए हैं-