जून 2002। पाकिस्तान के दक्षिणी पंजाब का मीरवाला गांव। यहां के 12 साल के एक लड़के पर आरोप लगा कि उसने कबीले की ऊंची जनजाति ‘मस्तोई’ की एक महिला से कथित अवैध संबंध बनाए हैं। मामला पंचायत के पास पहुंचा, जहां जिस्म के बदले जिस्म का फैसला सुनाया गया। पंचायत ने सुजा सुनाई कि लड़के की बहन मुख्तार माई के साथ गैंगरेप किया जाए और उसे बिना कपड़ों के घुमाया जाए। पंचायत के हुक्म की तमील हुई। लोगों को लगा कि इसके बाद मुख्तार आत्महत्या ही करेगी, लेकिन वो उठ खड़ी हुई और अपने गुनहगारों को सजा दिलाकर ही दम लिया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ऐसी ही 8 जीवट महिलाओं की कहानी, जो मुश्किल हालातों में डटीं रहीं और मिसाल बन गईं…