जरूरत की खबर- होली की मौज में सावधानी भी जरूरी:बच्चों का रखें खास ख्याल, होली खेलते हुए बरतें 10 सावधानियां, न करें 5 गलतियां

आज देश भर में होली का त्योहार मनाया जा रहा है। बाजारों में रंग-गुलाल, पिचकारियों और मिठाइयों की धूम मची हुई है। हालांकि होली खेलते समय कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। दरअसल बाजार में मिलने वाले अधिकतर रंगों में केमिकल्स और टॉक्सिक सब्सटेंस होते हैं। ये रंग बच्चों से लेकर बड़ों तक हर उम्र के लोगों के लिए नुकसानदायक हैं। इसलिए सुरक्षित और आनंददायक होली मनाने के केमिकल वाले रंगों से बचना जरूरी है। तो चलिए, आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कि केमिकल वाले रंग हमारे स्वास्थ्य के लिए कितने नुकसानदायक हैं? साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. शीना कपूर, डर्मेटोलॉजिस्ट, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल, इंदौर सवाल- बाजार में मिलने वाले रंगों में किस तरह के हानिकारक केमिकल्स हो सकते हैं?
जवाब- बाजार में मिलने वाले सिंथेटिक रंगों में कॉपर सल्फेट, एल्युमिनियम ब्रोमाइड, लेड ऑक्साइड जैसी खतरनाक चीजें मिली हो सकती हैं। इनका इस्तेमाल रंगीन पाउडर बनाने में किया जाता है। ये केमिकल वाले रंग हमारी सेहत के लिए कितने नुकसानदायक हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक में देखिए- सवाल- होली खेलने से पहले क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
जवाब- आज पूरे देश में होली का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। लोग सुबह से ही रंगों और गुलाल के साथ होली खेलने में व्यस्त हैं। बाजारों में चहल-पहल बनी हुई है। हालांकि होली की मस्ती में सुरक्षा और सावधानियां बरतना भी जरूरी है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- होली पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब- बच्चों की स्किन बहुत नाजुक और सेंसिटिव होती है, इसलिए होली खेलते समय उनका खास ख्याल रखना जरूरी है। रंगों में मौजूद केमिकल्स से उन्हें एलर्जी, जलन, रैशेज और स्किन इन्फेक्शन हो सकता है। इसके अलावा कुछ अन्य बातों का भी ध्यान रखें। जैसेकि- सवाल- होली के रंगों से बालों को क्या नुकसान हो सकता है?
जवाब- डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. शीना कपूर बताती हैं कि होली के रंग बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। रंगों में मौजूद केमिकल्स, मेटलिक पिगमेंट्स और सिंथेटिक रंग बालों को रूखा, कमजोर बना सकते हैं। इसलिए बालों को रंगों के साइड इफेक्ट्स से बचाने के लिए तेल जरूर लगाएं और उन्हें कवर करके रखें। सवाल- होली के रंगों को छुड़ाने के दौरान क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
जवाब- रंग छुड़ाने के लिए स्किन को जोर से रगड़ने से बचना चाहिए। इससे जलन, रैशेज और स्किन ड्राई हो सकती है। साथ ही गर्म पानी से रंग को छुड़ाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इससे रंग गहरा हो सकता है, जिसे हटाना और मुश्किल हो जाता है। वहीं बालों से रंग निकालने के लिए उन्हें हल्के शैंपू से धोएं। अक्सर ज्यादा शैंपू करने से भी बाल रूखे हो जाते हैं। अगर बालों से रंग नहीं निकल रहा तो अगले दिन दोबारा शैंपू करें। इसके अलावा कुछ अन्य बातों का ध्यान भी रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- अगर आंखों में रंग चला जाए तो क्या करें?
जवाब- होली खेलते समय अगर रंग आंखों में चला जाए तो उन्हें मसलना बिल्कुल नहीं चाहिए क्योंकि इससे जलन और इन्फेक्शन बढ़ सकता है। इसके लिए सबसे पहले आंखों को ठंडे पानी से धोएं। अगर आंखों में जलन हो रही है तो गुलाब जल की कुछ बूंदें डाल सकते हैं या फिर डॉक्टर को तुरंत दिखाएं। सवाल- क्या सिंथेटिक रंगों से सांस संबंधी समस्या या एलर्जी हो सकती है?
जवाब- हां बिल्कुल! सिंथेटिक रंगों से सांस संबंधी समस्या और एलर्जी होने का खतरा रहता है। खासकर उन लोगों को जो अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या एलर्जी से पहले से ही पीड़ित हैं। दरअसल इन रंगों में लेड, कॉपर सल्फेट और अन्य टॉक्सिक सब्सटेंस हो सकते हैं, जो सांस के जरिए फेफड़ों में दिक्कत पैदा कर सकते हैं। सवाल- होली खेलने के लिए कैसे रंगों का चयन करना चाहिए?
जवाब- होली खेलने के लिए केमिकल युक्त रंगों से बचें और ऑर्गेनिक या घर पर बने नेचुरल रंगों का इस्तेमाल करें। होली के बाद स्किन को हल्के गुनगुने पानी और माइल्ड साबुन से साफ करें। साथ ही मॉइश्चराइजर लगाना न भूलें। ………………

होली से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- होली की मिठाई खरीदें तो अलर्ट रहें:खोया हो सकता है नकली, FSSAI ने बताया घर पर कैसे करें मिलावट की पहचान होली के दौरान घरों और बाजारों में मिठाइयों की खपत कई गुना बढ़ जाती है। डिमांड बढ़ने के कारण कुछ दुकानदार अधिक मुनाफा कमाने के लालच में सिंथेटिक या मिलावटी खोया बेचते हैं, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक होता है। पूरी खबर पढ़िए…