केदारनाथ धाम के कपाट सुबह 7 बजे खुलेंगे:रावल मंत्रों से बाबा की समाधि खोलेंगे, 30 मिनट में भीष्म शृंगार हटेगा; पहले दिन 11000 श्रद्धालु दर्शन करेंगे

केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार सुबह 7 बजे खुल जाएंगे। बाबा केदार की पंचमुखी डोली गुरुवार शाम को ही धाम पहुंच चुकी है। लेकिन उससे पहले मंदिर के कपाट और गर्भगृह को खोलने का विधान होगा। यह विधान भी दिलचस्प है। मंदिर में सबसे पहले कर्नाटक के वीरशैव लिंगायत समुदाय के मुख्य रावल भीमशंकर लिंग प्रवेश करेंगे। अखंड ज्योति के दर्शन के बाद गर्भगृह और मंदिर की साफ-सफाई होगी। रुद्राभिषेक, शिवाष्टक, शिव तांडव स्तोत्र और केदाराष्टक के मंत्रों के साथ बाबा पर 6 महीने पहले चढ़ाया गया भीष्म शृंगार हटाया जाएगा। केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद भक्त 6 महीने तक दर्शन कर सकेंगे। जून से अगस्त के बीच मौसम सही रहा तो इस बार 25 लाख से ज्यादा लोगों के केदारनाथ धाम पहुंचने का अनुमान है। चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल (अक्षय तृतीया) को खुल गए हैं। 5 घंटे में होता है बाबा का भीष्म शृंगार हेलिकॉप्टर से भी जा सकेंगे केदार धाम केदारनाथ धाम हेलिकॉप्टर से भी जा सकते हैं। यह सर्विस सोनमर्ग से रहेगी। हेलिकॉप्टर ऑपरेटर पवन राणा ने बताया कि IRCTC से ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। ऑफलाइन टिकट्स डीएम ऑफिस या सेक्टर मजिस्ट्रेट के पास से ली जा सकती हैं। हम रोज 20-30 बार सर्विस देंगे। इसमें हर दिन 150 से ज्यादा तीर्थयात्रियों को केदारनाथ पहुंचाया जाएगा। राणा ने ये भी बताया कि हेलिकॉप्टर सर्विस मौसम के हिसाब से तय होगी। अगर मौसम साफ रहेगा तो रोज 25-30 फ्लाइट चलाएंगे। अगर मौसम खराब रहेगा तो टिकट कैंसिल कर देंगे। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। केदारनाथ मंदिर के शृंगार की तस्वीरें… केदारनाथ मंदिर का सबसे पहले बाहरी द्वार खुलेगा
केदारनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी जगद्गुरु रावल भीमाशंकर लिंग शिवाचार्य ने कहा- केदारनाथ मंदिर के कपाट शुक्रवार सुबह 7 बजे खुलेंगे। उससे पहले सैन्य मौजूदगी और पुष्प सज्जा के साथ अनुष्ठान किए जाएंगे। सबसे पहले बाहरी द्वार खुलेगा, फिर भीतरी द्वार। शुरुआत में पुजारी समेत केवल 4 लोग ही प्रवेश करेंगे। पहली पूजा उसी विधि से होगी, जैसी छह महीने तक बंद पूजा के दौरान होती है। यह निरंतरता ही केदारनाथ को एक शक्तिशाली आध्यात्मिक प्रतीक बनाती है। क्या बोले श्रद्धालु
जर्मनी से केदारनाथ पहुंची एक श्रद्धालु मेखला ने कहा- यह स्थान अत्यंत ऊर्जावान है। यह स्वर्ग के बहुत करीब है। मुझे लगता है कि यह जगह भगवान शिव का आंतरिक आह्वान है। केदारनाथ की यात्रा पर आए एक श्रद्धालु ने बताया- यात्रा के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था की गई है। विश्राम की व्यवस्था भी बहुत अच्छी है। मौसम भी हमारे लिए अनुकूल है। प्रशासन हमें हर समय मार्गदर्शन कररहा है, जिससे हमें कोई परेशानी न हो। 4 मई को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट
उत्तराखंड चार धामों में से एक बद्रीनाथ (चमोली जिला) के कपाट 4 मई को खुलेंगे। इससे पहले 1 मई को उत्तराखंड के DGP दीपम सेठ और ADG वी मुरुगेश ने सिक्योरिटी, ट्रैफिक मैनेजमेंट, क्राउड कंट्रोल जैसी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ——————————————————— चारधाम यात्रा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… गंगोत्री-यमुनोत्री के पट खुले, श्रद्धालु बोले- आने में डर लगा, लोगों में पहलगाम हमले का गुस्सा 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। यमुनोत्री धाम में पहले दिन शाम 5 बजे तक 7 हजार लोगों ने दर्शन किए। गंगोत्री धाम में मां गंगा के जयकारों के साथ यात्रा की शुरुआत हुई। यहां पहले दिन करीब 6 हजार तीर्थ यात्री पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें… गंगोत्री-यमुनोत्री से केदारनाथ-बद्रीनाथ तक के बारे में सब कुछ 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो गई। इस बार 50 लाख से ज्यादा यात्रियों के चारधाम पहुंचने की उम्मीद है। हमने यात्रा शुरू होने के पहले उत्तराखंड पहुंचकर चारों धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के रूट देखे और आपके लिए एक टूरिस्ट फ्रेंडली चारधाम यात्रा गाइड और रूट मैप बनाया है। पढ़िए पूरी खबर…