शनिवार, 14 जून को आषाढ़ कृष्ण गणेश चतुर्थी व्रत है। इस तिथि भगवान गणेश के लिए व्रत-उपवास और पूजन किया जाता है। इस बार शनिवार को ये चतुर्थी होने से इस दिन भगवान गणेश के साथ ही शनि देव और हनुमान जी की भी विशेष पूजा करनी चाहिए। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, भगवान गणेश चतुर्थी तिथि पर ही प्रकट हुए थे, इसी वजह से वे इस तिथि के स्वामी हैं। गणेश जी की प्रकट तिथि होने की वजह से चतुर्थी पर भक्त व्रत-उपवास करते हैं, विशेष पूजा-पाठ करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं, उनके घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।