देशभर में शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्राएं निकलेंगी। अहमदाबाद के जमालपुर स्थित मंदिर में सुबह 4 बजे मंगला आरती होगी। खिचड़ी भोग लगेगा। इसके बाद 7:30 के बाद रथ यात्रा शुरू होगी। वहीं पुरी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ शाम को 4 बजे खींचे जाएंगे। उदयपुर में करीब 80 किलो चांदी के रथ में भगवान सवार होंगे। अहमदाबाद में भगवान को सुबह 5 से 6 बजे तक तीनों मूर्तियों को रथ पर बैठाया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल पाहिंद विधि कर रथ यात्रा की शुरुआत करेंगे। इसमें रथ के आगे सोने का झाडू लगाया जाता है। रात तकरीबन 8:30 भगवान वापस मंदिर लौटेंगे। पुरी में दोपहर 1 बजे रथ पर बैठेंगे भगवान ओडिशा में दुनिया की सबसे बड़ी रथ यात्रा होती है। सुबह 6 बजे भगवान जगन्नाथ की मंगला आरती होगी। इसके बाद श्रंगार होगा। फिर खिचड़ी भोग लगेगा। दैनिक पूजा-परंपराओं के बाद सुबह 9:30 बजे भगवान मंदिर से बाहर लाने की विधियां शुरू होंगी। रथों की पूजा कर बलभद्र, बहन सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को रथ में बैठाया जाएगा। दोपहर 3 बजे पुरी राजपरिवार के गजपति दिव्य सिंह देव रथ के आगे सोने के झाडू से बुहारा लगाकर रथ यात्रा की शुरुआत करेंगे। इसमें भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ करीब 3 किलोमीटर दूर गुंडिचा मंदिर जाते हैं। ये उनकी मौसी का घर माना जाता है। उदयपुर में 80 किलो चांदी से बने रथ पर निकलते हैं भगवान राजस्थान में उदयपुर में भगवान करीब 80 किलो चांदी से बने रथ पर बैठकर यात्रा पर निकलेंगे। यहां जगदीश मंदिर में सुबह 5 बजे मंगला आरती होगी। दैनिक पूजा और अभिषेक के बाद सुबह 10:30 पर श्रंगार आरती और भोग लगेगा। दोपहर में मंदिर की परिक्रमा के बाद 3 बजे रथयात्रा शुरू होगी। ये रथ यात्रा 7-8 किलोमीटर की होती है। इसमें भगवान मंदिर से निकलकर दोबारा मंदिर लौटते हैं।