स्पेन में हीटवेव से 60 सालों का रिकॉर्ड टूटा:तापमान 46 डिग्री पहुंचा; पुर्तगाल, इटली और क्रोएशिया में रेड अलर्ट पर, PHOTO देखें

यूरोप के कई देश भीषण हीटवेव की चपेट में हैं। स्पेन में सबसे ज्यादा गर्मी है, जहां के ज्यादातर इलाकों में 29 जून को तापमान 46°C दर्ज किया गया, जो देश का अब तक का सबसे गर्म दिन रहा। इससे पहले स्पेन के सेविले में आखिरी बार जून, 1965 में 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। स्पेन की राज्य मौसम विज्ञान एजेंसी AEMET के मुताबिक, एल ग्रैनाडो शहर में शनिवार को 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। स्पेन, फ्रांस, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बोस्निया, हर्जेगोविना, हंगरी, सर्बिया, स्लोवेनिया और स्विटजरलैंड में हीटवेव जारी रहने की आशंका है। पुर्तगाल के मोरा में रविवार को साल का अब तक का सबसे ज्यादा 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, इटली और क्रोएशिया में हीटवेव का रेड अलर्ट है। वहीं, फ्रांस में पहली बार पूरे देश के 88% हिस्से में ‘ऑरेंज’ हीट अलर्ट जारी किया गया है। यूरोपीय देशों में हीटवेव की 10 तस्वीरें देखिए… रोम ने स्विमिंग पूल में फ्री सर्विस की पेशकश की बार्सिलोना में, शनिवार को एक महिला सफाईकर्मी की गर्मी से मौत हो गई। इटली में बुजुर्गों, कैंसर रोगियों और बेघर लोगों में हीटस्ट्रोक के मामले बढ़ गए हैं। रोम ने 70 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए शहर के स्विमिंग पूल में फ्री सर्विस का ऐलान किया है। पश्चिमी बाल्कन के देशों में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो गया है। सर्बिया ने 19वीं सदी में तापमान रिकॉर्ड करना शुरू करने के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया। स्लोवेनिया में, शनिवार को जून का सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया। उत्तरी मैसेडोनिया में 27 जून को तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इटली और पुर्तगाल में भी अलर्ट इटली में 27 में से 21 शहरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। वहीं, गर्मी से अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 20% बढ़ गई है। लोगों को सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। पुर्तगाल में 18 में से 7 क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी है, हालांकि बुधवार रात से मौसम के ठंडा होने की उम्मीद है। सदी के आखिर तक यूरोप में गर्मी से 1लाख सलाना मौत का अनुमान संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा, “अत्यधिक गर्मी अब कोई असामान्य घटना नहीं, है।” सेंट एंड्रयूज विश्वविद्यालय के जलवायु वैज्ञानिक माइकल बायर्न ने कहा कि यूरोप अब पहले की तुलना में 2 डिग्री ज्यादा गर्म है, जिससे गर्मी की लहरें और तीव्र हो रही हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि गर्मी हर साल विश्व स्तर पर 5 लाख लोगों की जान लेती है, खासकर बुजुर्ग और बीमारियों से ग्रस्त लोग अधिक जोखिम में हैं। डॉक्टरों ने लोगों से गर्मी से बचने, खूब पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और कमजोर पड़ोसियों की देखभाल करने की सलाह दी है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस सदी के आखिर तक यूरोप में गर्मी से 80 हजार मौतें हो सकती हैं। ————————- ये खबर भी पढ़ें… देश छोड़ना चाहती है तुवालु की एक तिहाई आबादी:ऑस्ट्रेलिया में बसने के लिए आवेदन किया; 25 साल में आधा तुवालु समुद्र में डूब जाएगा तुवालु के एक-तिहाई से ज्यादा लोगों ने दुनिया के पहले ‘क्लाइमेट वीजा’ के लिए आवेदन किया है। इससे उन्हें ऑस्ट्रेलिया में स्थायी रूप से रहने की अनुमति मिलेगी। यह वीजा आवेदन 16 जून को शुरू हुआ था। पूरी खबर पढ़ें…