रिलेशनशिप एडवाइज- मुझे शक है कि हसबैंड का अफेयर है:ऑफिस कुलीग से बढ़ रही नजदीकियां, कैसे जानूं, कहीं ये मेरे दिमाग का वहम तो नहीं

सवाल: मेरी शादी को 2 साल हो चुके हैं। मैं बैंक में सरकारी नौकरी करती हूं और मेरी पोस्टिंग चेन्नई में है, जबकि मेरे हसबैंड दिल्ली में कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करते हैं। हम एक-दो महीने में ही मिल पाते हैं। हाल ही में मुझे शक होने लगा है कि मेरे हसबैंड का अपनी एक कुलीग के साथ अफेयर हो सकता है। वे पहले से अच्छे दोस्त हैं और अब उनका इमोशनल कनेक्शन मुझे कुछ ज्यादा गहरा लगने लगा है। मैं जब कॉल करती हूं तो वे अक्सर साथ होते हैं। मैं यह भी समझती हूं कि लॉन्ग डिस्टेंस की वजह से ऐसा कुछ हो सकता है, लेकिन कहीं यह मेरा वहम तो नहीं है? इससे मेरे और मेरे पति के रिश्ते में कोई गड़बड़ भी नहीं हुई है, फिर भी मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि मैं इस स्थिति से कैसे निपटूं? मैं अपने डर को कैसे मैनेज करूं, सच्चाई कैसे जानूं, अपने पति से इस बारे में कैसे बात करूं? एक्सपर्ट: डॉ. अपर्णा माथुर, कपल थेरेपिस्ट, बेंगलुरु जवाब: सबसे पहले तो आपको एक गहरी सांस लेनी चाहिए और खुद को थोड़ा सा क्रेडिट देना चाहिए। दो साल से आप एक लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप को चेन्नई से दिल्ली तक संभाल रही हैं। यह कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन यह भी सच है कि दूरी कभी-कभी हमारे मन में शक और डर के बीज बो देती है। आप जो महसूस कर रही हैं, वो बिल्कुल नॉर्मल है। आइए इसे एक-एक करके समझते हैं और आपके सवालों का जवाब ढूंढते हैं। खुद से पूछें ये सवाल- -जैसे पहले वे हर रात लंबी बातें करते थे, अब सिर्फ हां-हूं में बात खत्म कर देते हैं। -अब कॉल्स कम हो गए हैं, मैसेजेज का जवाब देर से आता है? -कोई अजीब मैसेज, कॉल लॉग में कुछ छुपाना या ऐसा कुछ जो आपको सचमुच परेशान करे। -पहले वे ऑफिस की हर बात शेयर करते थे, अब कुछ टॉपिक्स पर चुप्पी साध लेते हैं। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में आती हैं ये दिक्कतें अगर इन सवालों का जवाब ‘नहीं’ है तो बहुत मुमकिन है कि यह आपका वहम हो सकता है। लॉन्ग डिस्टेंस में दिमाग कभी-कभी ओवरथिंकिंग मोड में चला जाता है, खासकर जब आप अकेले हों और उनके बारे में सोच रही हों। अगर जवाब हां है, तो हमें थोड़ा और गहराई से सोचने की जरूरत हो सकती है। अपने डर को मैनेज करें शक और डर आपके रिश्ते को कमजोर कर सकते हैं। इसलिए इन्हें कंट्रोल करना जरूरी है। अभी आप जो महसूस कर रही हैं- असुरक्षा या चिंता सब लॉन्ग डिस्टेंस का एक साइड इफेक्ट हो सकता है, लेकिन आप इसे मैनेज कर सकती हैं। सच्चाई कैसे जानें? अपने पति से इस बारे में खुलकर बात करें। हालांकि, इस बात का ध्यान रहे कि यह बातचीत झगड़े में नहीं बदलनी चाहिए। आपको अपनी फीलिंग्स शेयर करनी हैं, न कि उन पर इल्जाम लगाना है। ग्राफिक्स में दिए पॉइंट्स विस्तार से समझिए- अगर आपको अपने पार्टनर से बात करनी है तो वीकेंड पर जब आप दोनों फ्री और रिलैक्स हों, तब बात शुरू करें। कभी भी इस तरह बात न करें कि “तुम उस कुलीग के साथ अफेयर में हो।” इसके बजाय अपनी फीलिंग्स बताएं। उसे ईमानदारी से बताएं कि मुझे तुम्हारी दोस्ती से थोड़ी असुरक्षा हो रही है। पार्टनर का जवाब जजमेंटल होकर न सुनें, उसे ध्यान से सुनें और समझने की कोशिश करें। आप कुछ इस तरह बात शुरू कर सकती हैं: पिछले कुछ दिनों से मैं थोड़ा परेशान हूं। शायद दूरी की वजह से ऐसा लग रहा है। लेकिन जब मैं कॉल करती हूं और तुम अपनी कुलीग के साथ होते हो, तो मुझे अच्छा नहीं महसूस होता है। क्या हम इस बारे में खुलकर बात कर सकते हैं? पार्टनर के जवाब और व्यवहार पर ध्यान दें जब आप बात करेंगी, तो उनके रिएक्शन से बहुत कुछ साफ हो जाएगा। यह स्टेप सच्चाई जानने में आपकी मदद करेगा। ये संकेत देखें: -अगर वे आपको भरोसा देने की कोशिश करते हैं तो यह अच्छा साइन है। -अगर वो टॉपिक बदल दे या डिफेंसिव हो जाए तो थोड़ा अलर्ट रहें। -अगर वो आपकी फीलिंग्स को नजरअंदाज करके ये कहे कि तुम ओवरथिंकिंग कर रहे हो तो अलर्ट रहें। अगर वे आपकी भावनाओं का सम्मान करते हैं और कहता हैं कि मुझे नहीं पता था कि तुम ऐसा फील कर रही हो, मैं आगे से इस बात का ध्यान रखूंगा, तो शायद आपका शक बेकार है। अगर वो गुस्सा करता है या बात को टालता है तो संभव है कि वह कुछ छुपा रहा है। अगर बात बिगड़ जाए तो क्या करें? अगर बातचीत के बाद भी आपको शांति न मिले, तो घबराएं नहीं। कुछ और ऑप्शन्स हैं जो आप ट्राई कर सकती हैं। इस तरह हो सकता है समाधान- कम्युनिकेशन और भरोसे से रिश्ते को मजबूत बनाएं लॉन्ग डिस्टेंस में रिश्ता तभी चलता है जब भरोसा और बातचीत मजबूत हो। अपने पति के साथ नियमित कॉल्स करें, हफ्ते में एक बार लंबी बात, बाकी दिन छोटे-छोटे अपडेट्स। अपनी जिंदगी की बातें शेयर करें, जैसे आज ऑफिस में क्या हुआ या आपने क्या नया ट्राई किया। उन्हें भी ऐसा करने के लिए कहें। इससे दूरी कम लगेगी। ……………………..
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