PM मोदी को नामीबिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान:अबतक का 27वां इंटरनेशनल अवॉर्ड; 5 देशों का दौरा खत्म, दिल्ली रवाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नामीबिया में बुधवार को सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एंशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस’ से सम्मानित किया गया। नामीबिया की राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह ने उन्हें राजधानी विंडहोक स्थित स्टेट हाउस में यह सम्मान दिया। बतौर PM, मोदी का यह 27वां इंटरनेशनल अवॉर्ड है। प्रधानमंत्री ने नामीबिया की संसद को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘मैं सर्वोच्च नागरिक सम्मान लेते हुए बहुत सम्मानित महसूस कर रहा है। नामीबिया के मजबूत और सुंदर पौधों की तरह, हमारी दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है। यहां के राष्ट्रीय पौधे, वेल्वित्शिया मिराबिलिस की तरह, यह समय और उम्र के साथ और भी मजबूत होगी।’ PM ने कहा, ‘आपने 2022 में हमारे देश में चीतों को फिर से बसाने में हमारी मदद की, हम आपके इस गिफ्ट के लिए बहुत आभारी हैं। उन्होंने आपके लिए एक संदेश भेजा है- सब कुछ ठीक है। वे बहुत खुश हैं और अपने नए घर में अच्छी तरह से ढल गए हैं। उनकी संख्या भी बढ़ी है।’ PM मोदी का 2 जुलाई से 10 जुलाई तक 5 देशों- घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया का दौरा खत्म हो गया है और वो दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उन्हें पिछले 7 दिनों में 4 देशों ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा। नामीबिया की संसद में PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें- मोदी 27 साल बाद नामीबिया जाने वाले भारतीय प्रधानमंत्री
नामीबिया में प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली और किसी भारतीय प्रधानमंत्री की तीसरी यात्रा है। 27 सालों बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नामीबिया दौरे पर है। इससे पहले 1998 में तत्कालीन PM अटल बिहारी वाजपेयी नामीबिया गए थे। 1990 में उस वक्त PM रहे वीपी सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी सहित बड़े नेता नामीबिया के पहले स्वतंत्रता दिवस पर वहां गए थे। PM मोदी के नामीबिया दौरे की तस्वीरें… PM मोदी को नामीबिया में 21 तोपों की सलामी
प्रधानमंत्री मोदी बुधवार सुबह नामीबिया की राजधानी विंडहोक पहुंचे। एयरपोर्ट पर नामीबिया की राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह ने मोदी का स्वागत किया। नामीबिया के कलाकारों ने मोदी के स्वागत के लिए पारंपरिक नृत्य किया। PM ने कलाकारों के साथ ढोल भी बजाया। इसके बाद PM मोदी होटल पहुंचे और भारतीय समुदाय के लोगों से मिले। दोपहर में प्रधानमंत्री विंडहोक स्थित स्टेट हाउस पहुंचे। यहां उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई और गार्ड ऑफ ऑनर मिला। नामीबिया की राष्ट्रपति डॉ नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह और PM मोदी ने हाथ मिलाकर एक दूसरे का अभिवादन किया। दोनों नेताओं के बीच डेलिगेशन लेवल पर बातचीत हुई। दोनों देशों ने एकदूसरे के साथ समझौता ज्ञापन (MoUs) एक्सचेंज किए। भारत-नामीबिया के बीच हीरा-लिथियम सप्लाई पर चर्चा हुई
विदेश मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव दम्मू रवि ने नामीबिया में मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि भारत और नामीबिया ने बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। नामीबिया ने पहलगाम आतंकवादी हमले सहित सभी तरह के आतंकवाद की निंदा की और भारत का समर्थन किया। दम्मू रवि ने बताया, ‘नामीबिया आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन में शामिल हो रहा है। नामीबिया दुनिया का पहला देश है जहां NPCI-नेशनल पेमेंट कोऑपरेशन ऑफ इंडिया और नामीबियाई सेंट्रल बैंक ने रियल टाइम भुगतान के लिए भारत से UPI के लिए एक लाइसेंसिंग एग्रीमेंट किया है।’ दम्मू रवि ने आगे कहा, ‘दोनों देशों में प्राकृतिक संसाधनों और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा हुई। नामीबिया हीरे, लिथियम, तांबा, कोबाल्ट और ग्रेफाइट सहित समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न देश है। ये सभी जरूरी खनिज भारतीय उद्योग के लिए उपयोगी हैं। नामीबिया में जन औषधि शुरू करने की संभावना और भारत से दवाओं की आपूर्ति और सीधे सोर्सिंग पर भी बातचीत हुई।’ नामीबिया में सबसे ज्यादा समुद्री हीरा, भारत को डायरेक्ट नहीं देता
नामीबिया में दुनिया का सबसे ज्यादा समुद्री हीरे का भंडार है। यहां समुद्र के नीचे लगभग 80 मिलियन कैरेट से ज्यादा हीरा मौजूद है। हालांकि, नामीबिया भारत को कच्चा हीरा डायरेक्ट एक्सपोर्ट नहीं करता है। इसके बजाय, ये लंदन, एंट्वर्प और दूसरे वैश्विक व्यापार केंद्रों से होते हुए भारतीय तटों तक पहुंचते हैं। PM मोदी की यात्रा हीरे के डायरेक्ट खरीद-बिक्री के लिए आधार तैयार करने में मदद कर सकती है। खासकर इसलिए क्योंकि भारत की कई डायमंड प्रोसेसिंग कंपनियां पहले से ही नामीबिया में काम कर रही हैं। भारत ने नामीबिया में माइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, डायमंड प्रोसेसिंग और सर्विसेज सहित कई क्षेत्रों में 800 मिलियन डॉलर (लगभग ₹6,600 करोड़) से ज्यादा का निवेश किया है। हीरे के अलावा, नामीबिया में कोबाल्ट, लिथियम और दुर्लभ मृदा तत्व (Rare Earth Elements) और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो क्लीन एनर्जी की तरफ बढ़ने में भारत के लिए जरूरी है। नामीबिया यूरेनियम का भी प्रमुख उत्पादक है, जो भारत के सिविलियन न्यूक्लियर एनर्जी प्रोग्राम में मदद कर सकता है। 2022 में बोइंग 747 से नामीबिया से 8 चीते भारत आए थे
नामीबिया दुनिया भर में जंगली चीतों की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है। 17 सितंबर, 2022 में भारत सरकार ने नामीबिया सरकार के साथ एक औपचारिक समझौते (MoU) के तहत 8 अफ्रीकी चीतों का पहला बैच मंगवाया था। इनमें 5 मादाएं और 3 नर थे, जिनकी उम्र तब दो से छह साल के बीच थी। 9 दिन क्वारंटाइन में रखने के बाद PM मोदी ने चीतों के मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। PM मोदी ने एक चीते का नाम आशा रखा था। आशा ने दिसंबर 2024 में तीन शावकों को जन्म दिया। नामीबिया से भारत में चीतों का ट्रांसफर दुनिया में चीतों के पहले अंतरमहाद्वीपीय ट्रांसफर था। भारत में शिकार और जंगलों की कटाई के चलते अफ्रीकी चीतों की प्रजाति 70 साल से विलुप्त हो चुकी थी। अफ्रीकी चीतों को 1952 में आधिकारिक रूप से विलुप्त घोषित किया गया था। सीधे तौर पर भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जिसे नामीबिया ने जंगल में बसाने के लिए चीते ट्रांसफर किए हैं। हालांकि, कुछ चीतों को वैज्ञानिक अध्ययन, चिड़ियाघरों, या जनसंख्या प्रबंधन के लिए अमेरिका और यूरोप के संस्थानों को अस्थायी रूप से भेजा गया है, लेकिन ये सब बहुत ही छोटे पैमाने पर और संरक्षण के मकसद से थे। दोनों देशों में पिछले साल 4.5 हजार करोड़ का व्यापार
पिछले कुछ सालों में भारत और नामीबिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार में तेजी देखी गई है। साल 2024-25 में दोनों तरफ से करीब ₹4,858 करोड़ का व्यापार हुआ। भारत का निर्यात ₹2,798 करोड़ और नामीबिया से आयात ₹2,061 करोड़ का रहा। दोनों देशों में वित्तीय वर्ष 2022-23 में करीब ₹2,320 करोड़ का व्यापार हुआ था, जिसमें भारत का निर्यात ₹2,004 करोड़ था। 2023 में अप्रैल और नवंबर के बीच, 178% की बढ़ोतरी के साथ दोनों देशों के बीच लगभग साढ़े 5 हजार करोड़ का व्यापार हुआ। 8 महीने के दौरान भारत का निर्यात करीब ₹3,488 करोड़ था और नामीबिया से करीब ₹1,962 करोड़ का आयात था। मार्च 24 तक दोनों तरफ से ₹6,735 करोड़ का व्यापार हुआ, जिसमें भारत का निर्यात ₹3,785 करोड़ था। ग्राफिक्स- अंकित पाठक ………………………………………. PM मोदी की विदेश यात्रा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… मोदी बोले- महामारी ने दिखाया बीमारी को पासपोर्ट नहीं चाहिए, लोग और धरती की हेल्थ जुड़ी हुई PM मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में पर्यावरण, जलवायु सम्मेलन (COP-30) और वैश्विक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि लोगों और धरती का स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। मोदी ने कहा- कोरोना महामारी ने दिखा दिया कि बीमारी किसी पासपोर्ट या वीजा की मोहताज नहीं होती और इसका समाधान भी सबको मिलकर ही निकालना होता है। इसलिए, हमें अपने ग्रह को स्वस्थ रखने के लिए मिलकर कोशिश करनी होगी। पूरी खबर पढ़ें… अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने मोदी को गले लगाया, खनिज-व्यापार और निवेश पर बातचीत की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जुलाई को अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलई से मुलाकात की। राष्ट्रपति जेवियर ने पीएम मोदी को गले लगाकर स्वागत किया। दोनों नेताओं ने ब्यूनस आयर्स में डेलिगेशन लेवल पर बातचीत की। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, मोदी और जेवियर के बीच जरूरी खनिजों, व्यापार-निवेश, ऊर्जा, कृषि सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर बातचीत हुई। दोनों देशों में लिथियम सप्लाई पर भी बातचीत हुई। पूरी खबर पढ़ें…