गुजरात में वडोदरा और आणंद को जोड़ने वाला पुल टूटने के बाद महिसागर नदी से 18 शव निकाले जा चुके हैं। NDRF को गुरुवार सुबह 2 और दोपहर में एक और शाम को एक शव मिला, जबकि 13 बॉडी बुधवार को ही बरामद हो चुकी थीं। हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई है। अभी भी 2 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनकी तलाश जारी है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पुल ढहने के सिलसिले में राज्य के सड़क एवं भवन विभाग के चार इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। महिसागर नदी पर बना ब्रिज बुधवार सुबह टूट गया था। चलते ट्रैफिक के बीच पुल टूट जाने से दो ट्रक, दो कार और एक रिक्शा नदी में गिर गए थे। एक टैंकर टूटे सिरे पर फंस गया था। 45 साल पुराना यह ब्रिज दक्षिण गुजरात को सौराष्ट्र से जोड़ता था। इसके टूटने से भरूच, सूरत, नवसारी, तापी और वलसाड से सौराष्ट्र पहुंचना मुश्किल हो गया है। अब इसके लिए अहमदाबाद होकर जाना होगा। 5 तस्वीरों में टूटा पुल और नदी में गिरी गाड़ियां अब रेस्क्यू ऑपरेशन की 3 तस्वीरें.. 2015 में पुल की बेयरिंग बदलनी पड़ी थी गंभीरा पुल का निर्माण 1981-82 में उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने किया था। जानकारी के मुताबिक 2015 में भी गंभीरा पुल जर्जर पाया गया था। उस समय सरकार ने इसका निरीक्षण करवाया था और बेयरिंग बदलनी पड़ी थी। यह स्थिति इसलिए बनी थी, क्योंकि पुल के निर्माण में अच्छी सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया था। लोग बोले- शिकायत के बाद भी मरम्मत नहीं हुई
हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और लोगों को रेस्क्यू किया। एक स्थानीय युवक ने बताया, ‘हम सुबह से ही बचाव अभियान चला रहे हैं। अब तक 13 शव बरामद हुए हैं, जिनमें से एक बच्चा है और एक बच्चा लापता है। इस दौरान हमें प्रशासन और अधिकारियों से कोई मदद नहीं मिली है।’ इनका कहना है कि 45 साल पुराने इस पुल की मरम्मत के लिए प्रशासन को कई बार सूचित किया जा चुका है। प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण आज यह हादसा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस हादसे के लिए पूरी तरह से प्रशासन ही जिम्मेदार है। हादसे में बचे लोगों ने भास्कर को बताई आंखो-देखी…
हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और लोगों को रेस्क्यू किया। एक स्थानीय युवक ने बताया, ‘हम सुबह से ही बचाव अभियान चला रहे हैं। अब तक 13 शव बरामद हुए हैं, जिनमें से एक बच्चा है और एक बच्चा लापता है। इस दौरान हमें प्रशासन और अधिकारियों से कोई मदद नहीं मिली है।’ इनका कहना है कि 45 साल पुराने इस पुल की मरम्मत के लिए प्रशासन को कई बार सूचित किया जा चुका है। प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण आज यह हादसा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस हादसे के लिए पूरी तरह से प्रशासन ही जिम्मेदार है। हादसे में बचे लोगों ने भास्कर को बताई आंखो-देखी…
———————————————- पुल गिरने की यह खबर भी पढ़ें… पुणे में इंद्रायणी नदी पर बना पुल टूटा; 4 लोगों की मौत, 18 घायल महाराष्ट्र के पुणे जिले के मावल तहसील के कुंडमाला गांव के पास में 15 जून को दोपहर 3:30 बजे इंद्रायणी नदी पर बना पुल ढह गया। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 घायल हुए। पूरी खबर पढ़ें…