ईरान के राष्ट्रपति इजराइली हमले में घायल हुए थे:मीटिंग के दौरान इजराइली सेना ने 6 मिसाइलें दागीं, इमरजेंसी गेट से भागे

ईरान और इजराइल के बीच पिछले महीने 12 दिन जंग चली है। इस दौरान 16 जून को इजराइल के हमले में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान घायल हो गए थे। ईरानी न्यूज एजेंसी फार्स ने इसकी जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल ने 16 जून को तेहरान के पश्चिमी हिस्से में एक इमारत पर 6 मिसाइलों से हमला किया था। उस समय इमारत में देश की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी कैबिनेट की बैठक चल रही थी। बैठक में उनके साथ ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, न्यायपालिका प्रमुख गुलाम-हुसैन मोहसेनी एजेई और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। हालांकि, ईरानी अधिकारी इमारत की निचली मंजिलों पर मौजूद थे, इसलिए हमले का उन पर बहुत असर नहीं हुआ। वे इमरजेंसी गेट से भागने में कामयाब रहे। दम घोंट कर राष्ट्रपति को मारना चाहता था इजराइल रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइल, राष्ट्रपति पजशकियान को नसरल्लाह की तरह मारना चाहता था। इजराइल ने 1 अक्टूबर 2024 को नसरल्लाह के सीक्रेट बंकर पर हमला किया था, जिसमें 64 साल के नसरल्लाह की जहरीले धुएं में दम घुटने से मौत हो गई थी। इस बार भी इजराइली मिसाइलों ने खास तौर पर इमारत के आने-जाने के रास्तों और वेंटिलेशन सिस्टम को निशाना बनाया था, ताकि अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने से रोका जा सके और उन्हें दम घोंटू माहौल में फंसाया जा सके। हमले के बाद इमारत की बिजली भी काट दी गई, लेकिन वहां पहले से बनाए गए एक इमरजेंसी गेट की मदद से राष्ट्रपति और बाकी बड़े अधिकारी बाहर निकलने में सफल रहे। भागने के दौरान राष्ट्रपति पजशकियान के पांव में चोट लग गई थी। वहीं, दूसरे अधिकारियों को भी हल्की चोटें आईं। राष्ट्रपति बोले- इजराइल मुझे मारने में नाकाम रहा कुछ दिन बाद, राष्ट्रपति पजशकियान ने 7 जुलाई को दिए एक इंटरव्यू में यह साफ तौर पर कहा था कि इजराइल ने उन्हें मारने की कोशिश की थी, लेकिन वे नाकाम रहे। राष्ट्रपति ने अमेरिकी पत्रकार टकर कार्लसन को बताया कि इजराइली सेना ने जासूसों की मदद से उस जगह की जानकारी हासिल की, जहां वे बैठक कर रहे थे, और फिर उसी जगह बमबारी की। इजराइल को जानकारी कैसे मिली, इसकी जांच फार्स एजेंसी ने बताया कि इजराइल के पास उस इमारत के बारे में जो सटीक जानकारी थी, वह बहुत चौंकाने वाली है। इसलिए ईरानी अधिकारी अब यह जांच कर रहे हैं कि कहीं इजराइल को अंदर से कोई जानकारी तो नहीं मिली। हालांकि, रिपोर्ट में हमले की सटीक जगह नहीं बताई गई, लेकिन ईरान इंटरनेशनल नाम की एक स्वतंत्र मीडिया संस्था ने यह दावा किया कि 16 जून को तेहरान के शाहरक-ए-गर्ब इलाके में इमारत पर हमला हुआ था। उसी संस्था की एक और रिपोर्ट में IRGC के जनरल मोहसेन रेजाई के हवाले से बताया गया कि इजराइल ने वास्तव में उस स्थान पर हमला किया था जहां राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक चल रही थी। हालांकि इसमें किसी भी अधिकारी को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा। इजराइल और ईरान के बीच चल रहे 12 दिन लंबे युद्ध में इजराइल ने कई टॉप ईरानी सैन्य कमांडरों और वैज्ञानिकों को मार गिराया था। ……………………………………… ईरान-इजराइल जंग से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… नेतन्याहू बोले- ट्रम्प को फरवरी में हमले का प्लान बताया:साथ देने का फैसला उनका था; ट्रम्प बोले- अमेरिकी हमलों से ईरान-इजराइल जंग रुकी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने फरवरी में व्हाइट हाउस की यात्रा के दौरान ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान पर हमले का प्लान बता दिया था। नेतन्याहू ने यरुशलम में कैबिनेट मीटिंग से पहले कहा, ‘मैंने हमले का दो प्लान शेयर किया था। एक अमेरिका के साथ और दूसरा अमेरिका के बिना। मैंने साथ देने या न देने का फैसला ट्रम्प पर छोड़ा था।’ पूरी खबर यहां पढ़ें…