सवाल: मैं अपने मौजूदा पार्टनर से मिलने से पहले एक एब्यूजिव रिलेशनशिप में थी। मेरा करेंट पार्टनर काइंड और समझदार है, लेकिन मुझे उस पर पूरी तरह भरोसा करना मुश्किल लगता है। मुझे अक्सर एंग्जाइटी होती है और जब वह करीब आने की कोशिश करता है, तो मैं उसे दूर धकेल देती हूं। उसमें खूब पेशेंस है, लेकिन मेरे इस बर्ताव से उस पर असर पड़ रहा है। मैं अपने अतीत से उबरने के लिए क्या करूं और उसके साथ एक हेल्दी रिश्ता कैसे बनाऊं? क्या मुझे प्रोफेशनल मदद लेनी चाहिए या यह समय के साथ ठीक हो जाएगा? एक्सपर्ट: अदिति सक्सेना, काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट, भोपाल जवाब: एक अपमानजनक रिश्ते से गुजरना किसी के लिए भी आसान नहीं होता है। चाहे वह इमोशनल शोषण हो, मानसिक तनाव हो या शारीरिक नुकसान, ऐसे अनुभव हमारे मन पर गहरे निशान छोड़ जाते हैं। ये निशान इतने गहरे हो सकते हैं कि जब हम एक नए रिश्ते में कदम रखते हैं, तो अपने दयालु और प्यार करने वाले पार्टनर पर भरोसा करना भी मुश्किल लगने लगता है। अगर आप भी इस स्थिति से गुजर रहे हैं, जहां आपका दिल चाहता है कि आप अपने नए पार्टनर के साथ खुश रहें, लेकिन आपका दिमाग बार-बार आपको डर और शक की ओर धकेलता है, तो यह लेख आपके लिए है। हम यहां उन चुनौतियों की बात करेंगे जो आपके सामने आती हैं, उनके पीछे के कारण समझेंगे, और फिर कुछ ऐसे आसान और कारगर तरीके जानेंगे जिनसे आप अपने नए रिश्ते को मजबूत बना सकते हैं। साथ ही, हम यह भी देखेंगे कि आपके पार्टनर इसमें कैसे आपकी मदद कर सकते हैं, और समय व प्रोफेशनल मदद का क्या रोल हो सकता है। तो चलिए, इस सफर को साथ में शुरू करते हैं। क्या-क्या परेशान करता है? जब आप एक अपमानजनक रिश्ते से निकलकर नए रिश्ते में आते हैं, तो कुछ परेशानियां बार-बार आपके सामने आती हैं। ये वो मुश्किलें हैं जो आपके रिश्ते को प्रभावित करती हैं। आइए इन्हें समझते हैं: विश्वास की कमी: मान लीजिए आप अपने पार्टनर के साथ बाहर घूमने गए हैं। वे आपके लिए कुछ खास करते हैं, लेकिन आपके मन में एक सवाल उठता है- क्या ये सच में मेरे लिए हैं या सिर्फ दिखावा है? आप उनके फोन को चेक करना चाहते हैं, हालांकि आपको पता है कि यह गलत है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके पिछले रिश्ते में आपका भरोसा बार-बार टूटा है। चिंता और डर: अगर आपका पार्टनर आपको मैसेज करने में थोड़ी देर कर दे, तो आपका दिल तेजी से धड़कने लगता है। क्या वे मुझसे नाराज हैं? क्या वे मुझसे कुछ छिपा रहे हैं? यह डर आपके पिछले अनुभवों का नतीजा है, जो आपको हर पल सतर्क रखता है। भावनात्मक दूरी बनाना: अपने दिल को फिर से टूटने से बचाने के लिए, आप अपने पार्टनर से थोड़ा दूर रहने की कोशिश करते हैं। आप उन्हें अपने मन की बात नहीं बताते, और धीरे-धीरे रिश्ते में एक खालीपन सा आ जाता है। पार्टनर पर प्रभाव: आपकी ये परेशानियां सिर्फ आपको ही नहीं, आपके पार्टनर को भी प्रभावित करती हैं। वे कोशिश करते हैं कि आपको अच्छा लगे, लेकिन जब आप उनसे दूरी बनाते हैं, तो उन्हें लगता है कि शायद वे कुछ गलत कर रहे हैं। इससे वे उदास या असहाय महसूस कर सकते हैं। इन चुनौतियों के पीछे क्या कारण हैं? इन परेशानियों को समझने के लिए हमें उनके कारणों पर नज़र डालनी होगी। ये वो वजहें हैं जो आपके मन को प्रभावित करती हैं: इसे थोड़ा विस्तार से समझिए- इस मुश्किल से कैसे निकलें? अब सवाल यह है कि इन चुनौतियों से निपटने और अपने नए रिश्ते को मज़बूत करने के लिए आप क्या कर सकते हैं। यहां कुछ आसान और कारगर उपाय हैं: अपने अतीत को समझें और स्वीकार करें सबसे पहले यह मान लें कि आपके पिछले अनुभवों ने आपको प्रभावित किया है। यह सोचें कि आपकी चिंता या शक आपके पार्टनर की गलती नहीं, बल्कि आपके अतीत का असर है। अपनी भावनाओं को एक डायरी में लिखें या किसी करीबी से साझा करें- यह आपके मन को हल्का करेगा। खुलकर बात करें अपने पार्टनर से अपनी भावनाओं के बारे में ईमानदारी से बात करें। उन्हें बताएं, “मुझे तुम पर भरोसा करने में दिक्कत हो रही है, लेकिन यह मेरे पुराने रिश्ते की वजह से है।” इससे वे आपकी मदद कर सकेंगे। प्रोफेशनल मदद लें अगर आपको लगता है कि अतीत का बोझ बहुत भारी है, तो किसी काउंसलर या थेरेपिस्ट से मिलें। वे आपको आपके डर और नकारात्मक सोच से बाहर आकर विश्वास बनाने में मदद करेंगे। अपना ख्याल रखें खुद को समय दें और ऐसी चीज़ें करें जो आपको खुशी दें। योग करें, सुबह की सैर पर जाएं, या अपनी पसंद का कोई शौक अपनाएं, like पेंटिंग या गाना। यह आपके मन को शांति देगा। धीरे-धीरे विश्वास बनाएं छोटे-छोटे कदम उठाएं। जैसे, अपने पार्टनर को कोई छोटी ज़िम्मेदारी दें और देखें कि वे उसे कैसे निभाते हैं। हर सकारात्मक अनुभव आपके भरोसे को बढ़ाएगा। सीमाएं तय करें अपने पार्टनर के साथ यह साफ करें कि आपको कितना समय और कितनी आज़ादी चाहिए। इससे आप दोनों के बीच गलतफहमियां कम होंगी। अपनों से मदद लें दोस्तों और परिवार से बात करें। वे आपको हिम्मत देंगे और आपको अकेलापन महसूस नहीं होने देंगे। धैर्य रखें यह प्रक्रिया धीमी है। अपने और अपने पार्टनर के साथ नरमी बरतें। हर छोटी जीत को सेलिब्रेट करें। आपके पार्टनर के लिए सुझाव आपके पार्टनर का साथ इस सफर को आसान बना सकता है। यहां उनके लिए कुछ सुझाव हैं- धैर्य रखें: उन्हें आपकी स्थिति समझने और जल्दबाज़ी न करने के लिए कहें। खुलकर बात करें: वे भी अपनी भावनाएं साझा करें ताकि आप दोनों करीब आएं। सहानुभूति दिखाएं: उन्हें बताएं कि आपकी दूरी उनकी गलती नहीं, बल्कि आपके अतीत का नतीजा है। सीमाओं का सम्मान करें: अगर आपको अकेले समय चाहिए, तो वे उसे समझें। क्या समय सब ठीक कर देगा? कहते हैं कि समय हर घाव भर देता है, लेकिन सच यह है कि सिर्फ समय काफी नहीं है। आपको अपने दर्द पर काम करना होगा। अगर आप इसे अनदेखा करेंगे, तो यह आपके रिश्ते को और कमज़ोर कर सकता है। प्रोफेशनल मदद जैसे कि थेरेपी, आपके लिए एक बेहतर रास्ता हो सकती है, खासकर अगर आपकी चिंता आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है। भरोसा ही है इस समस्या का हल अपमानजनक रिश्ते से निकलकर एक नए रिश्ते में विश्वास बनाना आसान नहीं है, लेकिन यह नामुमकिन भी नहीं। अपने अतीत को स्वीकार करें, अपने पार्टनर के साथ खुलकर बात करें, और ज़रूरत पड़ने पर मदद लें। छोटे-छोटे कदम उठाएं और धैर्य रखें। आप अकेले नहीं हैं, हजारों लोग इस राह से गुजर चुके हैं और एक खुशहाल रिश्ता बना चुके हैं। आप भी यह कर सकते हैं। बस खुद पर भरोसा करें और आगे बढ़ें। …………………….. ये खबर भी पढ़ें रिलेशनशिप एडवाइज- तलाक के बाद की दूसरी शादी:मेरी बेटी नए पापा को एक्सेप्ट नहीं कर रही, उसे लगता है उसकी मां का प्यार बंट गया मैं तलाकशुदा महिला हूं और मेरी एक 10 साल की बेटी है। मैंने एक विडोवर से दूसरी शादी की है, जिसकी एक 12 साल की बेटी है। पूरी खबर पढ़िए…