चैनल लांचिंग के संग बही काव्य की रसधार
लखनऊ (उ.प्र.)
24 मई दिन रविवार को गहमर की साहित्य सरोज संस्था की ओर से जासूसी कहानियों पर यहां प्रेस क्लब लखनऊ में आयोजित परिचर्चा में प्रथम जासूसी कथाकार गोपालराम गहमरी को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। साथ ही चैनल लांचिंग के संग काव्य की रस-धार बही। सर्वप्रथम सभी गणमान्य अतिथियो द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

परिचर्चा के अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रो.विश्वभर शुक्ल ने जासूसी उपन्यासकार सुरेन्द्र मोहन पाठक, ओम प्रकाश शर्मा आदि के संग ‘जान-ली-कैरे’ एवं ‘टाम कलैसी’ जैसे विदेशी लेखकों के रचना कर्म की मीमांसा की। इससे पहले संयोजक अखंड प्रताप सिंह गहमरी ने वक्ताओं का स्वागत करते हुए देश के पहले जासूसी उपन्यासकार गोपाल राम गहमरी के विविधता भरे जासूसी लेखन से परिचित कराया। अर्चना बाजपेयी ने विविध पहलुओं का जिक्र करते हुए तिलिस्मी कथाओं और जासूसी लेखन को आम कहानियों के लेखन से ज्यादा कठिन बताया। आर बी शर्मा ने कहा कि जासूसी लेखन करने वाला तभी सफल होता है, जब वह श्रृंगार लेखन करने वाले रचनाकार से ज्यादा बारीकी से उद्घाटित करके कथा को आगे बढा़ये। धर्म देव सिंह यादव धर्मेश ने कहा कि जासूसी कथाकार तथ्यों का विश्लेषण करते हुए कथा को रुचिकर बनाता चलता है। देवेन्द्र मोदी ने विशेष रूप से जासूसी फिल्मों और जासूसी चरित्रों की चर्चा की।
इसी क्रम में साहित्य सरोज यूट्यूब चैनल की लांचिंग राजवीर रतन, अखंड प्रताप सिंह गहमरी, ओम जी मिश्र, संचालक ज्योति किरन रतन व मंजु श्रीवास्तव की उपस्थिति में हुई।
आयोजन के दूसरे सत्र में साहित्य सरोज पत्रिका के द्वारा सच्चिदानंद तिवारी शलभ व डा.नीलिमा रंजन को महादेवी काव्य गौरव, सौम्या को साहित्य सरोज, अभिनेत्री डा. दोगे डमडीर को सुभद्रा कुमारी काव्य श्री सम्मान। गीतों के पाखी पुस्तक को महादेवी वर्मा पुरस्कार, राम लखन सिंह यादव को काव्य रतन सम्मान से नवाजा गया।

अखिल भारतीय साहित्य परिषद अवध प्रान्त के अध्यक्ष व मुख्य अतिथि विजय त्रिपाठी की उपस्थित में काव्यपाठ से पूर्व पुस्तक ‘गहमर और गोपालराम’ का विमोचन हुआ।
सीमा सरकार ने अपने दिवंगत पिता की रचना पढ़ी। सच्चिदानंद तिवारी शलभ, रेणुका सिंह, सम्पत्ति कुमार मिश्र ‘भ्रमर’ बैसवारी, धर्मदेव सिंह यादव धर्मेश, डा.आरती वाजपेयी, निरुपमा गुप्ता, मीडिया प्रभारी/पत्रकार डा.राम लखन वर्मा, आर बी वर्मा पागल, देवेन्द्र मोदी, कुमार सौरभ, ईश्वर चन्द्र विद्या वाचस्पति, पत्रकार राम राज भारती ने काव्य-पाठ किया। उपस्थित सभी साहित्यकारों को साहित्य सरोज संस्था द्वारा सम्मानित किया गया। एवरग्रीन पुस्तक की प्रधान संपादिका रेणुका सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए जानकारी दी कि आगामी आयोजन महिलाओं के पारम्परिक परिधान और मिसेज उत्तर प्रदेश जैसी सौंदर्य प्रतियोगिताओं के होंगे।