‘कुमार विश्वास, थोड़ी सी भी शर्म हो तो माफी मांगिए’:भड़कीं सुप्रिया श्रीनेता ने उठाई मांग; कवि ने सोनाक्षी सिन्हा को मारा था ताना

कवि और रामकथा वाचक कुमार विश्वास पर कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पलटवार किया है। सुप्रिया ने कहा- कुमार विश्वास जी, आपमें रामकथा वाचक बनने की बड़ी लालसा है। काश थोड़ी सी प्रभुराम की मर्यादा, उनकी शालीनता भी आपमें होती एक लड़की के ऊपर आप फूहड़ टिप्पणी करके सस्ती तालियां तो बटोर सकते हैं, पर सम्मान नहीं। आप एक लड़की के पिता हैं, थोड़ी सी भी शर्म हो तो माफी मांगिए। कुमार विश्वास ने मेरठ महोत्सव में मंच से सोनाक्षी सिन्हा और उनके पति जहीर इकबाल पर इशारों-इशारों में कमेंट किया। कहा- ऐसा न हो कि आपके घर का नाम रामायण और आपके घर की श्री लक्ष्मी को कोई और उठाकर ले जाए। हालांकि कुमार विश्वास ने किसी का नाम नहीं लिया। लेकिन, विवाद शुरू हो गया है। सुप्रिया श्रीनेत ने और क्या-क्या कहा, पढ़िए… अगर आपके अपने घर में एक बेटी हो तो क्या आप किसी और की बेटी पर भद्दी टिप्पणी करके सस्ती तालियां बटोरेंगे। ऐसा करने पर आप किस हद तक गिरे हुए हैं, इसका तो अंदाजा लग ही गया है। कुमार विश्वास आपने सोनाक्षी सिन्हा के अंतर-धार्मिक विवाह पर तो घटिया तंज किया ही पर आपने अपने अंदर महिलाओं के लिए जो असल सोच है उसे भी उजागर कर दिया। आपके शब्द ‘वरना आपके घर की श्रीलक्ष्मी को कोई और उठा कर ले जाएगा’ क्या लड़की कोई समान है, जिसको कोई कहीं उठा कर ले जाएगा? कब तक आपके जैसे लोग एक औरत को पहले पिता और फिर पति की संपत्ति समझते रहेंगे। विवाह और दांपत्य की नींव बराबरी, आपसी विश्वास और आपसी प्रेम है। कोई किसी को कहीं उठा कर नहीं ले जाता और 2024 के भारत में आप अपनी मर्जी से शादी करने पर परवरिश पर सवाल उठा रहे हैं? क्या एक लड़की को यह हक नहीं कि जिससे उसकी मर्जी हो उससे वह विवाह करे? या कौन क्या खाएगा, क्या पहनेगा, किससे प्यार करेगा, कैसे विवाह करेगा इसका निर्णय भी धर्म के स्वयंभू ठेकेदार करेंगे। वैसे परवरिश पर तो सवाल तब भी नहीं होना चाहिए, जब आपके साथ वाले बाउंसर एक संभ्रांत डॉक्टर को पीट डालें यह तो आपकी कमी है जो आपका स्टाफ आपके रहते हुए ऐसा करे। आपके सर्टिफिकेट की ना तो शत्रुघ्न सिन्हा को जरूरत है, ना उनकी कामयाब बेटी सोनाक्षी को, लेकिन अपने से 17 साल उम्र में छोटी लड़की पर आपकी टिप्पणी आपकी छोटी सोच को बेनकाब जरूर कर देती है। ना श्रीराम किसी की बपौती हैं, ना रामायण, ना उससे जुड़ा कोई नाम। दूसरों के बच्चों को रामायण और गीता पढ़ने की सीख देने वाले कवि महोदय, सोनाक्षी के पति के धर्म से नफरत करने में आप रामायण में परस्पर प्रेम पर कितना मधुर अंकित है वो भूल गए? आपने रामायण का अध्ययन वाकई में किया होता तो प्रेम जरूर समझते। आपके अंदर राम कथा वाचक बनने की लालसा तो बहुत है लेकिन प्रभु राम की शालीनता और मर्यादा का रत्ती भर गुण नहीं। दो मिनट की सस्ती तालियां तो आपको जरूर मिलीं, लेकिन आपका कद जमीन में और धंस गया। आपको गलती का एहसास करके एक पिता और उनकी बेटी दोनों से माफी मांगनी चाहिए। अब पढ़िए कुमार की पूरी बात, जिस पर विवाद मेरठ महोत्सव में शनिवार को कुमार विश्वास पहुंचे। मंच से उन्होंने कहा, अपने बच्चों को नाम याद कराइए सीताजी की बहनों के, भगवान रामजी के भाइयों के..एक संकेत दे रहा हूं जो समझ जाएं उनकी तालियां उठें। अपने बच्चों को रामायण सुनवाइए। गीता पढ़वाइए…अन्यथा ऐसा न हो कि आपके घर का नाम तो रामायण है और आपके घर की श्रीलक्ष्मी को कोई और उठाकर ले जाए। सांसद अरुण गोविल पर कुमार विश्वास का तंज- पहले के राम अच्छे थे
कुमार विश्वास ने मेरठ के भाजपा सांसद अरुण गोविल पर भी तंज कसा। कहा- पहले के राम असली थे। आप पहले भी भगवान राम के भरोसे थे। आगे भी उनके ही भरोसे रहोंगे। दरअसल, अरुण गोविल इस कार्यक्रम में देर से पहुंचे थे। जबकि बीजेपी के पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल यहां पर पहले से मौजूद थे। विश्वास बोले- मेरा पेमेंट हो गया है, किसी को नहीं छोडूंगा
कुमार विश्वास ने भाजपा नेताओं की चुटकी ली। कहा- मैं आज यहां पर आया हूं तो भाजपा वाले ये न समझे कि मैं आज कोई अच्छी बात बोलूंगा। मेरा पेमेंट हो चुका है। इसलिए आज किसी को नहीं छोड़ने वाला हूं। पूर्व भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल का नाम लेते हुए कहा- लोग कह रहे हैं राजेंद्र जी बदल गए हैं, अब वो सांसद नहीं है। जबकि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो कह रहे हैं पहले वाले राम अच्छे थे। उन्होंने राजेंद्र अग्रवाल की चुटकी लेते हुए कहा- आज यहां पर भीड़ अधिक हो गई है। अगर किसी को बैठने की सीट न मिली हो तो आप राजेंद्र अग्रवाल की तरफ देख सकते हैं। कवि अपनी भाषा नेताओं को देखकर नहीं बदलते
जब आयोजन में मेरठ-हापुड़ सीट के वर्तमान सांसद अरुण गोविल पहुंचे तो भी कुमार विश्वास ने मंच से इशारों-इशारों में बहुत कुछ कहा। उन्होंने कहा कि हम कवि हैं, कलम के सिपाही हैं। भले हमें मायानगरी के कलाकारों की तरह फेम नहीं मिलता। लेकिन हम कभी अपने सुर नहीं बदलते। कुमार ने कहा कि एक कवि ही ऐसा है, जो नेताओं को देखकर कभी अपनी भाषा नहीं बदलता। काव्य सम्मेलन के मंच पर बैठे कवि के सामने चाहे जो बैठा हो उसकी कविता उसकी भाषा नहीं बदलती। नेता आते हैं, जाते हैं, जो आज पक्ष में हैं, कल विपक्ष में दिखते हैं, लेकिन कवि फिर भी अपनी भाषा पर कायम रहता है। जबकि अभिनेता या अन्य लोग नेताओं को देखकर भाषा बदल लेते हैं। 23 जून को सोनाक्षी और जहीर ने की थी शादी सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल ने 23 जून को मुंबई में शादी की थी। कपल की रजिस्टर्ड मैरिज सोनाक्षी के बांद्रा स्थित अपार्टमेंट में हुई। सोनाक्षी और जहीर की मुलाकात सलमान खान की एक पार्टी में हुई थी। इस पार्टी में हुई मुलाकात के बाद दोनों मिलने लगे थे। फिर कुछ समय की दोस्ती के बाद दोनों रिश्ते में आ गए। …………………… ये खबर भी पढ़िए… IIT छात्रा और ACP मोहसिन की वॉट्सऐप चैट:तुम मुझे छोड़ सकती हो…मैं तुम्हें कभी नहीं छोडूंगा; पीड़िता ने पुलिस को सौंपी 500 पेज की चैट यौन उत्पीड़न की शिकार कानपुर IIT की छात्रा ने वॉट्सऐप चैट के 500 से अधिक पेज पुलिस को सौंपे हैं। यह वॉट्सऐप चैट दैनिक भास्कर के हाथ लगी है। छात्रा ने ACP पर आरोप लगाया था कि शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया। पढ़िए पूरी खबर