गोवा में RSS नेता के बयान से विवाद:क्रिश्चियन कम्युनिटी ने गिरफ्तारी की मांग की; राहुल बोले- भाजपा तनाव पैदा कर रही

गोवा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व राज्य यूनिट प्रमुख सुभाष वेलिंगकर के एक बयान के बाद विवाद बढ़ गया है। रविवार को क्रिश्चियन कम्युनिटी ने उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। वेलिंगकर ने तीन दिन पहले कहा था कि- कैथोलिक मिशनरी संत फ्रांसिस जेवियर के अवशेषों का DNA टेस्ट कराया जान चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संत को “गोयंचो सायब” (गोवा का संरक्षक) नहीं कहा जा सकता। इस मामले पर राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा गोवा में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर रही है। एक पूर्व RSS नेता ने ईसाइयों को उकसाने वाला बयान दिया है और संघ संगठनों ने मुसलमानों के आर्थिक बहिष्कार का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में संघ परिवार की ऐसी कई कार्रवाई बिना किसी रोक-टोक के जारी हैं, जिन्हें ऊपर से समर्थन मिल रहा है। यहां भाजपा लोगों को बांटने की राजनीति कर रही है। पुलिस ने पांच प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
इस बयान को लेकर स्थानीय लोगों और कई पार्टियों के नेताओं ने ओल्ड गोवा में प्रदर्शन किया। इससे पहले शनिवार रात को कुछ प्रदर्शनकारियों ने मारगाओ में नेशनल हाइवे को ब्लॉक किया और पुलिस से भी झड़प की। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया था। गोवा के आर्चडायोसिस ने वेलिंगकर के कमेंट की निंदा की
आर्चडायोसिस गोवा की सोशल वर्क विंग काउंसिल फॉर सोशल जस्टिस एंड पीस ने बयान जारी कर कहा कि गोवा की पूरी कैथोलिक कम्युनिटी वेलिंगकर के अपमानजनक और घटिया बयान की निंदा करती है। वेलिंगकर के बयान ने सिर्फ कैथोलिक समुदाय बल्कि उन लोगों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है, जो सेंट फ्रांसिस में श्रद्धा रखते हैं। संस्था ने प्रदर्शनकारी लोगों से अपील की कि वे शांति और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए संयम बनाए रखें। साथ ही संस्था ने संबंधित अथॉरिटीज से वेलिंगकर के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की। अदालत ने वेलिंगकर को अंतरिम जमानत देने से इनकार किया
वेलिंगकर के बयानों को लेकर उनके खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के 12 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, अब तक पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है। शनिवार को उन्होंने एक स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की, लेकिन अदालत ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। इस मामले की सुनवाई सोमवार को होगी। 2016 में वेलिंगकर को संघ से निकाला गया था
सुभाष वेलिंगकर को 2016 में RSS से निकाला गया था। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा में पढ़ाई को लेकर भाजपा की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था। 2022 में भी वेलिंगकर ने कहा था कि सेंट फ्रांसिस जेवियर गोयंचो साहब नहीं हो सकते हैं। उस वक्त वेलिंगकर ने ये भी कहा था कि हम ‘द गोवा फाइल्स’ नाम से एक कैंपेन लॉन्च करेंगे और ये जागरूकता फैलाएंगे कि भगवान परशुराम गोवा के संरक्षक गोयंचो साहब हैं।