क्या आप भी घर के अंदर जैसे हॉल, बेडरूम, किचन, बाथरूम, गैलरी, इन सभी जगहों पर चप्पल पहनकर रहते हैं? अगर हां, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है। घर के अंदर हम अपने पैरों को धूल और एड़ी फटने से बचाने के लिए चप्पल तो पहन लेते हैं। लेकिन ये भूल जाते हैं कि हम कई आंखों से न दिखने वाले बैक्टीरिया को भी अपने घर में एंट्री दे रहे हैं। अमेरिका की एरिजोना यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजिस्ट और प्रोफेसर डॉ. चार्ल्स गेर्बा ने हमारे जूतों में मौजूद कीटाणुओं पर एक अनोखी स्टडी की। इस स्टडी में उन्होंने पाया कि जूतों के अंदर और उसके तल्ले में बड़ी संख्या में बैक्टीरिया मौजूद थे। एक जूते के बाहरी हिस्से में औसतन 421,000 यूनिट बैक्टीरिया और अंदर 2,887 यूनिट बैक्टीरिया पाए गए। कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक, आपके घर के अंदर जमा होने वाली गंदगी का लगभग एक तिहाई हिस्सा बाहर से आता है। इनमें से अधिकांश हमारे जूतों के के जरिए अंदर आता है। बाहर या घर के बगीचे तक में पहनी जाने वाली चप्पल सभी प्रकार की गंदगी और कीटाणुओं की कैरियर हो सकती हैं। यह तो हम पहले से ही जानते हैं, लेकिन यह शायद ही जानते होंगे कि ये सेहत के लिए कितना खतरनाक है? इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज बात करेंगे कि घर के अंदर क्यों नहीं पहनना चाहिए जूते-चप्पल। साथ ही जानेंगे कि ऐसा करने से क्या होता है और इस पर विज्ञान क्या कहता है। एक्सपर्ट- राहुल मेहरुल, एक्यूप्रेशर थेरेपिस्ट, आराध्या एक्यूपंक्चर सेंटर, नई दिल्ली पुराने जमाने में घर के अंदर जूते-चप्पल पहनना मना था पहले के जमाने में घर में यह रिवाज था कि चप्पल-जूते बाहर उतारकर ही घर के अंदर प्रवेश करते थे। न कोई घर की अलग से चप्पल होती थीं और न ही बाथरूम की कोई स्लिपर्स। बिना चप्पल पहने ही घर में रहा जाता था। लेकिन आजकल घर के अंदर भी चप्पल पहनना एक तरह का फैशन बन गया है। बेडरूम के लिए सॉफ्ट फर वाले फ्लिप फ्लॉप्स, बाथरूम के लिए स्लाइडर्स, गार्डन-गैलरी के लिए क्रॉक्स, किचन-रूम में नॉर्मल स्लिपर्स। न जाने घर में एक ही इंसान की कितनी चप्पलें हो जाती हैं। आराध्या एक्यूपंक्चर सेंटर, नई दिल्ली के एक्यूप्रेशर थेरेपिस्ट राहुल मेहरुल कहते हैं कि ‘घर के अंदर स्लिपर्स पहनने का चलन वेस्टर्न कल्चर से आया है। पहले के समय में हम घर के अंदर कभी चप्पल का इस्तेमाल नहीं करते थे। हमारी संस्कृति भी यही कहती है कि घर के अंदर चप्पल नहीं पहनना चाहिए। अगर चप्पल पहनना भी है तो सिर्फ टॉयलेट में इसका इस्तेमाल करें।’ सवाल- घर के अंदर चप्पल क्यों नहीं पहननी चाहिए? जवाब- बाहर के हों या घर के फुटवियर, दोनों ही घर के अंदर नहीं पहनने चाहिए। जो लोग घर में बाहर के फुटवियर पहनकर आराम से सोफे पर बैठ जाते हैं, वे ये भूल जाते हैं कि वे अपने साथ बाहर की कितनी सारी गंदगी साथ ला रहे हैं। जूते पहने रहने से बैक्टीरिया, कई नुकसानदायक केमिकल्स और गंदगी जैसे कई बिन बुलाए मेहमान आपके घर में आ जाते हैं। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ यूटा हेल्थ की बाल रोग विशेषज्ञ सिंडी गेलनर कहती हैं कि ई. कोली नामक बैक्टीरिया, जो गंदगी और बीमारियां फैलाते हैं, वो ज्यादातर हमारे जूतों में पाए जाते हैं। जूते शौचालय के फर्श और बाहरी वातावरण से इस बैक्टीरिया के संपर्क में आते हैं और फिर बीमारियों का कारण बनते हैं। एक पुरानी अफ्रीकी कहावत है, ‘‘जब आप अपने जूते दरवाजे पर छोड़ते हैं तो अपनी परेशानियां भी पीछे छोड़ जाते हैं।’’ साफ शब्दों में कहें तो अपनी गंदगी दरवाजे के बाहर ही छोड़ना सबसे अच्छा है। घर के अंदर चप्पल-जूते न पहनने के पीछे कई साइंटिफिक कारण हैं। नीचे दिए ग्राफिक में जानिए घर में जूते-चप्पल नहीं पहनने के पीछे के साइंटिफिक कारण- ग्राफिक में दिए कारणों को विस्तार से इन पॉइंटर्स में समझिए- सवाल- क्या प्लास्टिक वाली चप्पल पहनना सही है? जवाब- ज्यादातर जिन चप्पलों का इस्तेमाल हम घर में करते हैं, वह प्लास्टिक से ही बनी होती हैं। यह हमारी स्किन के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। इससे इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है। सवाल- बिना चप्पल पहने कैसे रखें पैरों का ख्याल? जवाब- घर के अंदर बिना चप्पल के भी हम अपने पैरों का ख्याल रख सकते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि सबसे पहले तो आप अपने फर्श को साफ रखें, जिससे बैक्टीरिया का आधा खतरा कम हो सकता है। नीचे ग्राफिक में दिए टिप्स में जानें कि घर में कैसे रखें पैरों का ख्याल-