जरूरत की खबर- मोबाइल-चार्जर से बच्ची की मौत:एडाप्टर खरीदते समय देखें ये सिंबल, चार्जिंग के समय बरतें ये 10 सावधानियां

तेलंगाना के खम्मम जिले के मथकेपल्ली नामवरम गांव में एक 9 वर्षीय बच्ची की करंट लगने से मौत हो गई। बच्ची मोबाइल चार्जर को सॉकेट आउटलेट में लगा रही थी। 5 जुलाई को बेंगलुरु में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी, जहां मोबाइल फोन चार्ज करते समय करंट लगने से एक 24 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। हाल के महीनों में अलग-अलग राज्यों से चार्जिंग के दौरान मोबाइल फोन में ब्लास्ट या चार्जर में करंट के कई मामले आ चुके हैं। मोबाइल चार्जिंग के समय करंट लगने का बड़ा कारण नकली एडाप्टर और नकली चार्जिंग केबल हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के मुताबिक भारत में 1.2 अरब से अधिक मोबाइल फोन यूजर्स हैं और 60 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स हैं। लेकिन बहुत से लोग अनसर्टिफाइड एडाप्टर और नकली चार्जिंग केबल की पहचान नहीं कर पाते हैं। इसलिए आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कि मोबाइल फोन का चार्जर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? साथ ही जानेंगे कि- सवाल- क्या मोबाइल चार्जर की पिन को छूने से करंट लग सकता है? जवाब- आमतौर पर मोबाइल चार्जर की पिन को छूने पर करंट नहीं लगता है क्योंकि चार्जर के बाहरी हिस्से को एक इन्सुलेटर के रूप में डिजाइन किया जाता है। जो इंटरनल कम्पाउंड्स से आपके हाथ तक बिजली के फ्लो को रोकता है। दरअसल चार्जर को कुछ इस तरह बनाया जाता है कि इलेक्ट्रिसिटी फ्लो इंटरनल सर्किट और चार्जिंग केबल के माध्यम से प्रवाहित होता रहे। इसमें करंट चार्जर पिन की बाहरी कवरिंग के माध्यम से फ्लो नहीं करता है। हालांकि कुछ परिस्थितियों में संभावित रूप से मोबाइल चार्जर से बिजली का झटका लग सकता है। सवाल- मोबाइल चार्जर से कब करंट लगने का खतरा रहता है? जवाब- हर इंसान के शरीर में बिजली के प्रति प्रतिरोधक क्षमता होती है। जबकि एक मोबाइल चार्जर लगभग 5 वोल्ट और 2 एम्पीयर का आउटपुट देता है, जो हमारे शरीर की बिजली प्रतिरोध की क्षमता को भेदने के लिए पर्याप्त नहीं है। चार्जर आउटपुट टर्मिनल को जीभ या शरीर के किसी घायल हिस्से से लगाने पर हल्का बिजली का झटका लग सकता है। कई बार ऐसा करना खतरनाक भी हो सकता है। हालांकि यह चार्जर की क्वालिटी पर निर्भर करता है। नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि मोबाइल चार्जर से कब करंट लग सकता है। सवाल- मोबाइल का चार्जर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- आजकल कई मोबाइल कंपनियां नया स्मार्टफोन खरीदने पर एडाप्टर नहीं देती हैं। स्मार्टफोन के साथ सिर्फ चार्जिंग केबल ही देती हैं और एडाप्टर आपको खुद खरीदना पड़ता है। ऐसे में कई बार लोग ऑनलाइन या ऑफलाइन सस्ते मिलने वाले एडाप्टर खरीद लेते हैं, जो बाद में हादसों का कारण बनते हैं। स्मार्टफोन के एडाप्टर पर कुछ सिंबल बने होते हैं। यह सिंबल एडाप्टर की सेफ्टी को दर्शाते हैं। हर सिंबल का अर्थ अलग होता है। नीचे दिए ग्राफिक से समझिए कि चार्जर पर बने अलग-अलग सिंबल का अर्थ क्या होता है। स्मार्टफोन का चार्जर खरीदने से पहले हमेशा इन बातों का जरूर ध्यान रखें। इससे आप चार्जर के फटने या करंट आने के खतरे से बच सकते हैं। सवाल- मोबाइल फोन चार्ज करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- आज की फास्ट होती दुनिया में स्मार्टफोन हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है। सोशल मीडिया से लेकर कई जरूरी कामों के लिए हम हर रोज मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में स्मार्टफोन की बैटरी को सुरक्षित बनाए रखने के लिए चार्जिंग के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। नीचे दिए ग्राफिक में इसे देखिए। आइए ग्राफिक में दिए कुछ पॉइंट्स को विस्तार से समझते हैं। इन सावधानियों को बरतने से आप न सिर्फ अपने फोन और उसकी बैटरी को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि खुद भी सेफ रह सकते हैं।