उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में सूरजपाल उर्फ भोले बाबा के सत्संग के बाद मची भगदड़ में कुचलने से 122 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर लोगों की मौत का कारण दम घुटना है। वहीं हेड इंजरी, शॉक और हैमरेज की वजह से भी कुछ लोगों की मौत हुई है। देश में भगदड़ की वजह से लोगों की मौत की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी भगदड़ की घटनाओं में हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। रेलवे स्टेशन, धार्मिक आयोजन, मेले या चुनावी रैली जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर इस तरह की घटना होने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। ये घटनाएं अचानक होती हैं। इस वजह से कई बार लोगों को बचने का भी मौका नहीं मिलता है। ऐसे में यह जानना भी जरूरी है कि अगर आप इस स्थिति में फंस जाए तो क्या करेंगे। इसलिए आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कि कहीं भगदड़ में फंस जाएं या बहुत भीड़भाड़ वाली जगह पर जाएं तो क्या करें? साथ ही जानेंगे कि- पिछले कुछ सालों में देश में मंदिरों और धार्मिक आयोजनों के दौरान भगदड़ की वजह से सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। नीचे दिए ग्राफिक में ऐसी ही कुछ बड़ी घटनाओं को देख सकते हैं। सवाल- भगदड़ की घटनाएं क्यों होती हैं? जवाब- भगदड़ बेहद खतरनाक और घातक स्थिति होती है। किसी भी स्थल पर जब भीड़ उसकी क्षमता से अधिक हो जाती है और लोगों के पास निकलने का रास्ता नहीं होता है, भीड़ की वजह से लोगों को पैर रखने की जगह नहीं मिलती, ऐसी स्थिति में किसी तरह की अफवाह या दुर्घटना होने पर भीड़ बेकाबू हो सकती है। आयोजन स्थल पर भगदड़ का माहौल बन सकता है। सवाल- भगदड़ की घटनाओं को कैसे टाला जा सकता है? जवाब- राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के मुताबिक कोई भी ऐसी जगह जहां एक साथ हजारों-लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है तो वहां हर समय अनिश्चितता की स्थिति रहती है। भीड़ की कोई शक्ल नहीं होती है। जरा-सी अफवाह से भगदड़ की स्थिति बन सकती है। एक बार भीड़ के भड़क जाने पर अफरा-तफरी का माहौल बन सकता है, फिर इसे कंट्रोल करना बेहद मुश्किल होता है। इसलिए आजोयकों को कोई भी समारोह आयोजित करने से पहले कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। ये वो व्यवस्थाएं हैं, जिन्हें सुनिश्चित करना आयोजकों की जिम्मेदारी है। इसमें एक आम नागरिक का कोई योगदान नहीं है। लेकिन अगर आप किसी भीड़भाड़ वाली जगह पर अकेले या अपने परिवार के साथ जा रहे हैं (खासतौर पर महिलाओं और बच्चों के साथ) तो उस जगह मौजूद इन सारी व्यवस्थाओं पर जरूर गौर करें। अगर व्यवस्था में कहीं भी लापरवाही या कमी नजर आए तो बेहतर होगा कि आप ऐसी जगह पर न रुकें। आपके और आपके परिवार की सुरक्षा से बढ़कर कोई आयोजन नहीं है। सवाल- अगर किसी कार्यक्रम के दौरान भगदड़ में फंस जाएं तो क्या करें? जवाब- भगदड़ में फंस जाने की स्थिति में NDMA द्वारा बचने के लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं। जैसेकि- सवाल- आयोजकों को कार्यक्रम आयोजित करने से पहले किन बातों का ख्याल रखना चाहिए? जवाब- NDMA के मुताबिक किसी भी बड़े कार्यक्रम से पहले आयोजकों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसेकि-