नॉर्थ लेबनान में भी इजराइली सेना का हमला शुरू:बेद्दावी रिफ्यूजी कैंप पर हमला किया, अल-कासिम ब्रिगेड के लीडर की मौत

इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने दक्षिणी लेबनान के बाद अब उत्तरी लेबनान में भी हवाई हमले तेज कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइली सेना ने त्रिपोली के बेद्दावी इलाके में फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप के पास एक इमारत पर हवाई हमला किया। इस हमले में हमास के मिलिट्री विंग अल कासिम के नेता सईद अतलाह अली की मौत हो गई है। इसमें उसके परिवार के 3 और लोग मारे गए हैं। अल-कासिम ब्रिगेड ने ही 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमला किया था। लेबनान की हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक 7 अक्टूबर के बाद से हुए हमले में अब तक 2 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इनमें से ज्यादातर मौतें पिछले दो हफ्तों में हुई हैं। लेबनान की सरकार ने इजराइल पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जिसमें दर्जनों महिलाएं और बच्चे मारे गए हैं। इजराइल के लेबनान पर मिसाइल हमले से जुड़ी तस्वीरें… इजराइली सेना ने हिजबुल्लाह के 250 लड़ाके मारे
इजराइली सेना का दक्षिणी लेबनान में ग्राउंड ऑपरेशन जारी है। इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 4 दिनों में उन्होंने 250 हिजबुल्लाह लड़ाकों को मारा है। इनमें से 5 बटालियन कमांडर, 10 कंपनी कमांडर, 6 प्लाटून कमांडर शामिल हैं। IDF ने कहा कि उन्होंने हिजबुल्लाह के 2000 से अधिक सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। इजराइली हमले की वजह से लेबनान से भागकर लोग सीरिया जा रहे हैं। इजराइली हवाई हमले की वजह से लेबनान को सीरिया से जोड़ने वाले हाईवे टूट गया है। CNN के मुताबिक लेबनान से 3 लाख लोग सीरिया चले गए हैं। लेबनान सरकार के मुताबिक अब तक 12 लाख से ज्यादा लोगों ने देश छोड़ दिया है। इजराइली हमले बढ़ने के बाद ये आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। अमेरिका को इजराइल पर यकीन नहीं, ईरान के एटमी ठिकाने पर कर सकता है हमला
इजराइल, ईरान के मिसाइल हमलों के जवाब में उसके एटमी ठिकाने पर हमला नहीं करेगा, इसकी गारंटी उसने अमेरिका को नहीं दी है। CNN ने एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमले के एक साल पूरे हो रहे हैं। ऐसे वक्त में इजराइल जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा, यह कहना मुश्किल है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बुधवार को कहा था कि अमेरिका, ईरान के एटमी ठिकानों पर हमले का समर्थन नहीं करेगा। बाइडेन ने कहा था कि वे चाहते हैं कि बातचीत से इस समस्या का समाधान हो। रिपोर्ट के मुताबिक कई अमेरिकी अधिकारियों ने इजराइल को ईरान पर हमला करने के लिए समर्थन दिया है। वहीं, कइयों का यह मानना है कि इससे मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ सकती है।