ब्रॉन्ज मेडलिस्ट भारतीय हॉकी टीम भारत लौटी:दिल्ली एयरपोर्ट पर फैंस ने स्वागत किया; खिलाड़ी ढोल-नगाड़ों पर डांस करते दिखे

पेरिस ओलिंपिक 2024 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय हॉकी टीम अपने देश लौट चुकी है। दिल्ली एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया जा रहा है। इस दौरान टीम इंडिया के खिलाड़ी ढोल-नगाड़ों पर डांस करते दिखे। भारतीय हॉकी टीम ने पेरिस ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता। टीम इंडिया ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में स्पेन को 2-1 से हराया था। दोनों गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने किए थे। वे 10 गोल के साथ टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर भी रहें। भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में कहा, “पदक तो पदक होता है और देश के लिए इसे जीतना बड़ी बात है। हमने फाइनल में पहुंचने और स्वर्ण जीतने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से हमारा सपना पूरा नहीं हुआ। लेकिन, हम खाली हाथ नहीं लौटे हैं, लगातार पदक जीतना अपने आप में एक रिकॉर्ड है। हमें जो प्यार मिला है, वह बहुत बड़ी बात है। उन्होंने आगे कहा, यह उनके (पीआर श्रीजेश) लिए एक भावुक क्षण था क्योंकि वह अपना आखिरी मैच खेल रहे थे। वे रिटायर हो चुके हैं, लेकिन वह हमारे साथ रहेंगे। मैं भारत सरकार, SAI और ओडिशा सरकार को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। हमें जो प्यार मिल रहा है, वह हमारी जिम्मेदारी को दोगुना कर देता है, हम जब भी खेलेंगे, देश के लिए पदक लाने की कोशिश करेंगे।” लगातार पदक जीतना एक बड़ी उपलब्धि- श्रीजेश हॉकी इंडिया के सेक्रेटरी भोला नाथ सिंह ने कहा, वे (पीआर श्रीजेश) ओलिंपिक के क्लोजिंग सेरेमनी में ध्वजवाहक बनने के हकदार थे। भारत सरकार और भारतीय ओलिंपिक समिति ने उन्हें यह मौका दिया, हॉकी इंडिया उन्हें धन्यवाद देती है। यह एक शानदार जीत थी, लगातार पदक जीतना एक बड़ी उपलब्धि है। लेकिन, हमारा लक्ष्य फाइनल खेलना था, रेफरी द्वारा अमित रोहिदास को बाहर बैठाने की गलती हमें भारी पड़ी और इसलिए हम यहां ब्रॉन्ज मेडल के साथ हैं, अन्यथा पदक का रंग बदल गया होता।” ओलिंपिक में हॉकी का 13वां मेडल जीता
भारतीय टीम ने ओलिंपिक गेम्स में हॉकी में 13वां मेडल जीता है। यह टीम का चौथा ब्रॉन्ज मेडल है। इससे पहले टीम 8 गोल्ड और एक सिल्वर जीत चुकी है। 52 साल बाद लगातार दो ओलिंपिक में हॉकी मेडल
भारत ने 52 साल बाद लगातार दो ओलिंपिक गेम्स में हॉकी का ब्रॉन्ज जीता है। इससे पहले भारतीय हॉकी टीम ने 1968 और 1972 के ओलिंपिक में लगातार दो मेडल जीते थे। श्रीजेश का आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला ओलिंपिक का यह ब्रॉन्ज मेडल मैच गोलकीपर श्रीजेश का आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला था। उन्होंने ओलिंपिक से पहले ही अपने संन्यास का ऐलान कर दिया था। श्रीजेश ने ब्रिटेन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में 11 पेनल्टी कॉर्नर सेव किए थे। यह मैच पेनल्टी शूटआऊट में गया था, इसमें भी उन्होंने 2 शानदार सेव किए थे। इंडियन टीम ने ओलिंपिक में लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मेडल जीता है। टोक्यो में इंडिया ने जर्मनी को हराकर ब्रॉन्ज जीता था। पेरिस ओलिंपिक के टॉप स्कोरर कप्तान हरमनप्रीत पेरिस ओलंपिक में भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पूरे टूर्नामेंट में यानी 8 मुकाबलों में 10 गोल किए। स्पेन के खिलाफ मुकाबले में भारत के लिए हरमनप्रीत ने 30वें और 34वें मिनट में गोल दागे और यहीं दो गोल भारत की जीत के अहम कारण रहे। नॉकआउट मैचों में कप्तान हरमनप्रीत सिंह का प्रदर्शन दमदार रहा। उन्होंने चार गोल तीन मैचों में दागे और देश को पेरिस ओलंपिक 2024 में चौथा पदक दिलाया। स्पोर्ट्स की अन्य खबरें भी पढ़े… अमन ने जोरदार अटैक और स्टेमिना से जीता ब्रॉन्ज:10 घंटे में घटाया 4.6 किलो वजन; भारत के सबसे युवा ओलिंपिक मेडलिस्ट 21 साल 24 दिन की उम्र में अमन सहरावत भारत के सबसे युवा ओलिंपिक मेडलिस्ट बन गए हैं। शुक्रवार को अमन ने पेरिस ओलिंपिक में भारत को रेसलिंग का पहला मेडल दिलाया। इसी के साथ अमन ने भारतीय रेसलर्स की उस विरासत को आगे बढ़ाया, जिसकी नींव 1952 में केडी जाधव ने ब्रॉन्ज जीतकर रखी थी। भारतीय रेसलर्स ने लगातार 5वें ओलिंपिक खेलों में मेडल जीता है। पूरी खबर… अमन ने 11 की उम्र में मां-बाप खोए:10 साल बाद ओलिंपिक मेडल जीता; कमरे में लिखा था- आसान होता तो हर कोई कर लेता “अमन 11 साल का था, जब उसकी मां दुनिया छोड़कर चली गई। बेटा डिप्रेशन में न चला जाए, इसलिए पिता ने कुश्ती में डाल दिया, लेकिन 6 महीने बाद पिता का भी देहांत हो गया।” यह बताते हुए भारत को रेसलिंग का ओलिंपिक ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाले अमन सहरावत की मौसी सुमन की आंखों में आंसू आ गए। पूरी खबर…