हरियाणा में विधानसभा चुनाव के बीच जुलाना से कांग्रेस उम्मीदवार एवं पूर्व रेसलर विनेश फोगाट का दावा है कि पेरिस ओलिंपिक में 100 ग्राम बढ़े वजन से डिसक्वालिफाई होने पर PM नरेंद्र मोदी की तरफ से उन्हें कॉल आई थी लेकिन उसमें कुछ शर्तें रखी गई थी। वह ये वीडियो सोशल मीडिया पर भी डालना चाहते थे, इसलिए मैंने बात करने से इनकार कर दिया। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में विनेश ने इसका खुलासा किया। हालांकि विनेश फोगाट का एक और इंटरव्यू वीडियो सामने आया है, जिसमें वह दावा कर रही हैं कि डिसक्वालिफिकेशन के बाद उन्हें किसी भाजपा नेता ने फोन नहीं किया। PM मोदी की कॉल को लेकर विनेश फोगाट ने क्या कहा… 1. पीएम का फोन आया था, मैंने मना किया
इंटरव्यू में विनेश से सवाल किया गया कि ओलिंपिक में मेडल से चूकने के बाद क्या आपसे प्रधानमंत्री ने बात की थी। इस पर पहले विनेश हंस पड़ी और फिर कहा कि फोन आया था, लेकिन मैंने मना कर दिया। 2. मुझे कहा था- आपका कोई आदमी वहां नहीं होगा
विनेश ने कहा कि ‘उनका डायरेक्ट फोन नहीं आया। इंडिया के जो ऑफिशियल हैं उन्होंने फोन किया था। उन्होंने बताया था कि वह (PM) बात करना चाहते हैं। मैंने बोला ठीक है। उन्होंने मेरे सामने शर्त रखी कि आपका कोई आदमी साथ नहीं रहेगा। 3. वीडियो शूट कर सोशल मीडिया पर डालना था, मैंने सॉरी कहा
हमारी टीम शामिल रहेगी। इसमें 2 लोग हैं। एक वीडियो शूट करेगा और दूसरा बात करवाएगा। ये सोशल मीडिया पर जाएगा। इसके बाद मैंने कहा सॉरी। विनेश ने कहा कि मैं अपनी भावनाओं का मजाक नहीं उड़ाना चाहती हूं। 4. PM को बात करनी थी तो बिना रिकॉर्डिंग करते
अगर उनको सच में सहानुभूति है कि वह बिना रिकॉर्डिंग बात कर सकते तो मैं बहुत धन्यवाद रहूंगी। शायद उन्हें पता था कि विनेश बात करेगी तो दो साल का हिसाब मानेगी। वह अपने हिसाब से रिकॉर्डिंग को काट सकते थे, लेकिन मैं तो ऐसा नहीं कर सकती। विनेश के दूसरे वीडियो में किसी का फोन न आने का दावा
विनेश फोगाट का एक और वीडियो सामने आया है। जिसमें वह निजी मीडिया चैनल में इंटरव्यू के दौरान कह रही हैं कि पेरिस ओलिंपिक से डिसक्वालिफाई होने के बाद BJP के सिंगल नेता ने न फोन किया और न मैसेज किया। विनेश ने पूछा कि क्या उनके पास मेरा नंबर नहीं था, क्या वह मुझे जानते नहीं थे। आप ये नैरेटिव तोड़ भी सकते थे। हालांकि विनेश ने इसमें खास तौर पर प्रधानमंत्री का जिक्र नहीं किया। विनेश ने पहले कहा था- ओलिंपिक में डिसक्वालिफाई होने के बाद कोई मदद नहीं की
इससे पहले भी विनेश कह चुकी हैं कि ओलिंपिक में डिसक्वालिफाई होने के बाद भारतीय दल ने उनकी कोई मदद नहीं की। विनेश से पूछा गया था कि पेरिस ओलिंपिक में 100 ग्राम वजन बढ़ा हुआ मिला तो आपके पास कानूनी विकल्प थे, ये किसने बताया?। इस पर विनेश ने कहा कि जब हम प्रोटेस्ट में थे तो एक फ्रेंड थी जो इंटरनेशनल स्पोर्ट्स में है। उन्होंने मुझे अप्रोच किया कि ऐसी चीजें हैं। विनेश से पूछा गया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल में जो लोग थे, उन्होंने कोई आपकी मदद नहीं की? तो विनेश ने कहा था कि नहीं, वह सब बाद में आए। केस मैंने किया। इनके वकील बाद में आए। विनेश से पूछा गया कि आपको कुछ विदेशी खिलाड़ियों ने बताया कि सही तरीके से लड़ाई लड़ी जाती तो मेडल आपका होता। इस पर विनेश ने कहा था कि यह सच है। दुर्भाग्य देश का है। ये इतनी ईगो पर बात ले गए कि वह मेडल मेरा था। वह मेरा नहीं, देश का मेडल था। देश चाहता तो ला सकता था। वह कौन नहीं लेकर आए, सबको पता है। विनेश से पूछा गया था कि वह मेडल तो भारत का था? इस पर विनेश ने कहा था कि BJP वाले तो सोच रहे हैं कि विनेश का था। तभी इन्होंने मुझसे बदला लेने के लिए इतना कुछ किया। मुझे कोई मदद नहीं मिली। हरीश सॉल्वे ने विनेश के आरोपों को गलत करार दिया था
विनेश के इस इंटरव्यू पर ओलिंपिक में उनकी मदद के लिए नियुक्त पूर्व सॉलिसिटर जनरल एडवोकेट हरीश सॉल्वे का बयान सामने आया था। एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए साल्वे ने कहा था कि खेल कोर्ट (CAS) के फैसले को वह स्विस कोर्ट में चैलेंज करना चाहते थे। मगर, इस बारे में विनेश ने अपने वकीलों के जरिए आगे कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। सरकार के सहयोग न करने के सवाल पर सॉल्वे ने कहा था कि इसमें सरकार का कोई रोल नहीं था। अगर सरकार को कोई रोल निभाना होता तो IOA बाहर हो जाती। IOA अपने आप में स्वतंत्र संस्था है। IOA के मामले को और बेहतर ढंग से हैंडल करने पर सॉल्वे ने कहा था कि मुझे ऐसा नहीं लगता। इसमें पीटी ऊषा से पूछ सकते हैं कि वह कितनी बेसब्री से विनेश फोगाट से मिलना चाहती थीं, लेकिन ओलिंपिक खत्म होने से पहले एथलीट को बाहर नहीं आने दिया जाता। विनेश ओलिंपिक गांव में थीं, वहां एक्सेस की प्रॉब्लम थी। पीटी ऊषा इस बारे में बता सकती हैं। इस मामले को राजनीतिक बनाए जाने के सवाल पर सॉल्वे ने कहा था कि मैं विनेश से सिर्फ उम्मीद करता हूं कि वह मिसगाइडेड कमेंट न करें। विनेश बोलीं- साक्षी मलिक का राजनीति में न आना निजी फैसला
विनेश फोगाट ने यह भी बताया कि साक्षी मलिक का राजनीति में न आना निजी फैसला है। उन्होंने या बजरंग ने साक्षी को राजनीति में आने के लिए दबाव नहीं दिया। विनेश ने कहा कि जब रेसलिंग को चुना तब भी हमारा फैसला था। अब हम स्पोर्ट्स छोड़कर राजनीति में आए हैं तो भी यह हमारा निजी फैसला है। न तो हम साक्षी पर दबाव डाल सकते हैं न वह डाल सकती है। हमारी लड़ाई एक ही है। आखिर तक हमारा लक्ष्य एक ही रहेगा। जब हम जिंदा हैं तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। जुलाना से चुनाव लड़ रहीं विनेश फोगाट
विनेश फोगाट कांग्रेस की टिकट पर जींद की जुलाना सीट से चुनाव लड़ रही हैं। उनका यह पहला चुनाव है। उनके लिए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी प्रचार करने पहुंचीं। वहीं यहां उनके सामने भाजपा से कैप्टन योगेश बैरागी, इनेलो-बसपा से डॉ. सुरेंद्र लाठर, आम आदमी पार्टी (AAP) से WWE में जाने वाली पहली महिला रेसलर कविता दलाल और JJP से अमरजीत ढांडा चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले महीने कांग्रेस में शामिल हुईं थी
हरियाणा विधानसभा चुनाव के 30 दिन पहले रेसलर विनेश फोगाट 6 सितंबर को कांग्रेस में शामिल हुईं थीं। कांग्रेस में शामिल होने से पहले विनेश ने रेलवे की नौकरी छोड़ दी। वह ओएसडी स्पोर्ट्स के पद पर थीं। 100 ग्राम ज्यादा वजन होने पर ओलिंपिक से डिसक्वालिफाई
करीब 2 महीने पहले पेरिस में हुए ओलिंपिक में 100 ग्राम ज्यादा वजन होने पर विनेश फोगाट को डिसक्वालिफाई कर दिया गया था। विनेश ने रेसलिंग के 50 किग्रा विमेंस कैटेगरी में लगातार 3 मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी। 8 अगस्त को फाइनल होना था, लेकिन मैच से पहले ओलिंपिक कमेटी ने विनेश का वजन 50 किलो से 100 ग्राम ज्यादा होने के कारण रेसलर को डिसक्वालिफाई कर दिया था। इसको लेकर वह कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (CAS) में पहुंची थीं, लेकिन उनकी सिल्वर मेडल की मांग वाली याचिका खारिज कर दी गई थी।
इंटरव्यू में विनेश से सवाल किया गया कि ओलिंपिक में मेडल से चूकने के बाद क्या आपसे प्रधानमंत्री ने बात की थी। इस पर पहले विनेश हंस पड़ी और फिर कहा कि फोन आया था, लेकिन मैंने मना कर दिया। 2. मुझे कहा था- आपका कोई आदमी वहां नहीं होगा
विनेश ने कहा कि ‘उनका डायरेक्ट फोन नहीं आया। इंडिया के जो ऑफिशियल हैं उन्होंने फोन किया था। उन्होंने बताया था कि वह (PM) बात करना चाहते हैं। मैंने बोला ठीक है। उन्होंने मेरे सामने शर्त रखी कि आपका कोई आदमी साथ नहीं रहेगा। 3. वीडियो शूट कर सोशल मीडिया पर डालना था, मैंने सॉरी कहा
हमारी टीम शामिल रहेगी। इसमें 2 लोग हैं। एक वीडियो शूट करेगा और दूसरा बात करवाएगा। ये सोशल मीडिया पर जाएगा। इसके बाद मैंने कहा सॉरी। विनेश ने कहा कि मैं अपनी भावनाओं का मजाक नहीं उड़ाना चाहती हूं। 4. PM को बात करनी थी तो बिना रिकॉर्डिंग करते
अगर उनको सच में सहानुभूति है कि वह बिना रिकॉर्डिंग बात कर सकते तो मैं बहुत धन्यवाद रहूंगी। शायद उन्हें पता था कि विनेश बात करेगी तो दो साल का हिसाब मानेगी। वह अपने हिसाब से रिकॉर्डिंग को काट सकते थे, लेकिन मैं तो ऐसा नहीं कर सकती। विनेश के दूसरे वीडियो में किसी का फोन न आने का दावा
विनेश फोगाट का एक और वीडियो सामने आया है। जिसमें वह निजी मीडिया चैनल में इंटरव्यू के दौरान कह रही हैं कि पेरिस ओलिंपिक से डिसक्वालिफाई होने के बाद BJP के सिंगल नेता ने न फोन किया और न मैसेज किया। विनेश ने पूछा कि क्या उनके पास मेरा नंबर नहीं था, क्या वह मुझे जानते नहीं थे। आप ये नैरेटिव तोड़ भी सकते थे। हालांकि विनेश ने इसमें खास तौर पर प्रधानमंत्री का जिक्र नहीं किया। विनेश ने पहले कहा था- ओलिंपिक में डिसक्वालिफाई होने के बाद कोई मदद नहीं की
इससे पहले भी विनेश कह चुकी हैं कि ओलिंपिक में डिसक्वालिफाई होने के बाद भारतीय दल ने उनकी कोई मदद नहीं की। विनेश से पूछा गया था कि पेरिस ओलिंपिक में 100 ग्राम वजन बढ़ा हुआ मिला तो आपके पास कानूनी विकल्प थे, ये किसने बताया?। इस पर विनेश ने कहा कि जब हम प्रोटेस्ट में थे तो एक फ्रेंड थी जो इंटरनेशनल स्पोर्ट्स में है। उन्होंने मुझे अप्रोच किया कि ऐसी चीजें हैं। विनेश से पूछा गया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल में जो लोग थे, उन्होंने कोई आपकी मदद नहीं की? तो विनेश ने कहा था कि नहीं, वह सब बाद में आए। केस मैंने किया। इनके वकील बाद में आए। विनेश से पूछा गया कि आपको कुछ विदेशी खिलाड़ियों ने बताया कि सही तरीके से लड़ाई लड़ी जाती तो मेडल आपका होता। इस पर विनेश ने कहा था कि यह सच है। दुर्भाग्य देश का है। ये इतनी ईगो पर बात ले गए कि वह मेडल मेरा था। वह मेरा नहीं, देश का मेडल था। देश चाहता तो ला सकता था। वह कौन नहीं लेकर आए, सबको पता है। विनेश से पूछा गया था कि वह मेडल तो भारत का था? इस पर विनेश ने कहा था कि BJP वाले तो सोच रहे हैं कि विनेश का था। तभी इन्होंने मुझसे बदला लेने के लिए इतना कुछ किया। मुझे कोई मदद नहीं मिली। हरीश सॉल्वे ने विनेश के आरोपों को गलत करार दिया था
विनेश के इस इंटरव्यू पर ओलिंपिक में उनकी मदद के लिए नियुक्त पूर्व सॉलिसिटर जनरल एडवोकेट हरीश सॉल्वे का बयान सामने आया था। एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए साल्वे ने कहा था कि खेल कोर्ट (CAS) के फैसले को वह स्विस कोर्ट में चैलेंज करना चाहते थे। मगर, इस बारे में विनेश ने अपने वकीलों के जरिए आगे कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। सरकार के सहयोग न करने के सवाल पर सॉल्वे ने कहा था कि इसमें सरकार का कोई रोल नहीं था। अगर सरकार को कोई रोल निभाना होता तो IOA बाहर हो जाती। IOA अपने आप में स्वतंत्र संस्था है। IOA के मामले को और बेहतर ढंग से हैंडल करने पर सॉल्वे ने कहा था कि मुझे ऐसा नहीं लगता। इसमें पीटी ऊषा से पूछ सकते हैं कि वह कितनी बेसब्री से विनेश फोगाट से मिलना चाहती थीं, लेकिन ओलिंपिक खत्म होने से पहले एथलीट को बाहर नहीं आने दिया जाता। विनेश ओलिंपिक गांव में थीं, वहां एक्सेस की प्रॉब्लम थी। पीटी ऊषा इस बारे में बता सकती हैं। इस मामले को राजनीतिक बनाए जाने के सवाल पर सॉल्वे ने कहा था कि मैं विनेश से सिर्फ उम्मीद करता हूं कि वह मिसगाइडेड कमेंट न करें। विनेश बोलीं- साक्षी मलिक का राजनीति में न आना निजी फैसला
विनेश फोगाट ने यह भी बताया कि साक्षी मलिक का राजनीति में न आना निजी फैसला है। उन्होंने या बजरंग ने साक्षी को राजनीति में आने के लिए दबाव नहीं दिया। विनेश ने कहा कि जब रेसलिंग को चुना तब भी हमारा फैसला था। अब हम स्पोर्ट्स छोड़कर राजनीति में आए हैं तो भी यह हमारा निजी फैसला है। न तो हम साक्षी पर दबाव डाल सकते हैं न वह डाल सकती है। हमारी लड़ाई एक ही है। आखिर तक हमारा लक्ष्य एक ही रहेगा। जब हम जिंदा हैं तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। जुलाना से चुनाव लड़ रहीं विनेश फोगाट
विनेश फोगाट कांग्रेस की टिकट पर जींद की जुलाना सीट से चुनाव लड़ रही हैं। उनका यह पहला चुनाव है। उनके लिए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी प्रचार करने पहुंचीं। वहीं यहां उनके सामने भाजपा से कैप्टन योगेश बैरागी, इनेलो-बसपा से डॉ. सुरेंद्र लाठर, आम आदमी पार्टी (AAP) से WWE में जाने वाली पहली महिला रेसलर कविता दलाल और JJP से अमरजीत ढांडा चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले महीने कांग्रेस में शामिल हुईं थी
हरियाणा विधानसभा चुनाव के 30 दिन पहले रेसलर विनेश फोगाट 6 सितंबर को कांग्रेस में शामिल हुईं थीं। कांग्रेस में शामिल होने से पहले विनेश ने रेलवे की नौकरी छोड़ दी। वह ओएसडी स्पोर्ट्स के पद पर थीं। 100 ग्राम ज्यादा वजन होने पर ओलिंपिक से डिसक्वालिफाई
करीब 2 महीने पहले पेरिस में हुए ओलिंपिक में 100 ग्राम ज्यादा वजन होने पर विनेश फोगाट को डिसक्वालिफाई कर दिया गया था। विनेश ने रेसलिंग के 50 किग्रा विमेंस कैटेगरी में लगातार 3 मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी। 8 अगस्त को फाइनल होना था, लेकिन मैच से पहले ओलिंपिक कमेटी ने विनेश का वजन 50 किलो से 100 ग्राम ज्यादा होने के कारण रेसलर को डिसक्वालिफाई कर दिया था। इसको लेकर वह कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (CAS) में पहुंची थीं, लेकिन उनकी सिल्वर मेडल की मांग वाली याचिका खारिज कर दी गई थी।