लखनऊ
20 सितम्बर दिन रविवार को गीत ऋषि स्व. गोपालदास नीरज की स्मृति में रविवार को लखनऊ काव्य, गीत, गजल संगम एवं सम्मान समारोह का आयोजन कृष्णानगर के अलीनगर सुनेहरा स्थित एस.एस.डी. पब्लिक स्कूल परिसर में किया गया। अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद एवं काशी हिन्दी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में विभिन्न प्रदेशों से आये हुए साहित्यकारों का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर कई साहित्यकारों को काशी हिन्दी पीठ द्वारा विद्या वाचस्पति एवं विद्या सागर मानद विशेष उपाधि से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम आचार्यकुल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति आरा विश्वविद्यालय के आचार्य धर्मेंद्र जी महाराज के सानिध्य तथा काशी हिन्दी विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ. धर्मदेव यादव धर्मेश की अध्यक्षता में हुआ।

मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय कवि एवं गीतकार डॉ. जय सिंह आर्य (दिल्ली) रहे। पूर्व शिक्षा निदेशक एवं अंतरराष्ट्रीय कवि डॉ. महेंद्र सिंह गौर तथा कैप्टन सरोज सिंह अतिविशिष्ट अतिथि रहे। डॉ. गीता पांडेय अपराजिता और हरियाणा की युवा कवयित्री डॉ. सीमा रांगा इंद्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

समारोह में डॉ. विद्यासागर उपाध्याय के साहित्यिक, दार्शनिक एवं वैचारिक योगदान को रेखांकित करते हुए आचार्य धर्मेंद्र ने कहा कि डॉ. उपाध्याय भारतीय एवं पाश्चात्य दर्शन के विशेषज्ञ हैं।

समारोह में देश के विभिन्न प्रदेशों एवं जिलों से आए हुए साहित्यकारों को गीत ऋषि स्व.गोपालदास नीरज स्मृति सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का प्रमुख संयोजन कवि इंद्रजीत तिवारी निर्भीक ने किया। स्वागत संरक्षक के रूप में डॉ. ओमप्रकाश द्विवेदी ओम, डॉ. प्रमोद वाचस्पति, कवि नन्दलालमणि त्रिपाठी पीतांबर, डॉ. ओमप्रकाश पाण्डेय निर्भय, पवन कुमार सिंह एडवोकेट, रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच के संस्थापक डॉ शिव नाथ सिंह शिव, रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच के कवि एवं केंद्रीय मीडिया प्रभारी/पत्रकार डॉ राम लखन वर्मा, ईश्वर चन्द्र विद्या वाचस्पति, कवि रविन्द्र पाण्डेय निर्झर प्रतापगढ़ी और डॉ. वीरेंद्र सिंह कुसुमाकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वागत संयोजन में कवि गिरिराज शर्मा ठेठ मलिहाबादी, अयोध्या प्रसाद लीधी ‘सुमन’, कवि अमित, डॉ. राजेश शर्मा, कवि अनुज प्रताप सिंह अनुज, पूर्व जिला जज डॉ. राम लखन यादव, वन्दना श्रीवास्तव, नाट्य रंगकर्मी विजय कुमार गुप्ता तथा युवा कवि अमित कुमार शर्मा के अलावा तमाम कवियो, साहित्यकारों एवं रचनाकारों ने काव्य पाठ किया।