26 फरवरी को महाशिवरात्रि:मंदिर में पूजा न कर पाएं तो घर में भी स्थापित कर सकते हैं शिवलिंग, जानिए घर में कितना बड़ा शिवलिंग रखें?

बुधवार, 26 फरवरी को महाशिवरात्रि है। शिवपुराण के मुताबिक, ब्रह्मा और विष्णु का विवाद शांत करवाने के लिए शिव शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। जिस दिन ये घटना हुई थी, उस दिन फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि थी, इसी वजह से महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस पर्व पर शिव मंदिरों में विशेष पूजा की जाती है, व्रत किया जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, जो लोग शिव मंदिर में पूजा नहीं कर पाते हैं, वे घर में शिवलिंग स्थापित करके पूजा कर सकते हैं। घर में शिवलिंग स्थापना के लिए महाशिवरात्रि बहुत शुभ दिन है। घर में शिवलिंग स्थापित कर सकते हैं, लेकिन शिवलिंग के आकार और धातु के संबंध में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जानिए ये बातें कौन-कौन सी हैं… सबसे पहले जानिए घर के लिए शिवलिंग कितना बड़ा होना चाहिए? अब बात करते हैं शिवलिंग की धातु की… अगर घर में रखा शिवलिंग खंडित हो गया है तो क्या करना चाहिए? सूर्य, बुध और शनि के योग में मनेगी महाशिवरात्रि महाशिवरात्रि पर सूर्य, बुध और शनि एक साथ कुंभ राशि में स्थित रहेंगे। इन तीनों ग्रहों की युति और महाशिवरात्रि का योग 2025 से पहले 1965 में बना था। ग्रहों के दुर्लभ योग में शिव पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं जल्दी पूरी हो सकती हैं, ऐसी मान्यता है।
इस साल शिवरात्रि पर शिव जी के साथ ही सूर्य, बुध और शनि ग्रह की भी विशेष पूजा करने का शुभ योग है। इस योग में की गई पूजा-पाठ से कुंडली से जुड़े ग्रह दोष भी शांत हो सकते हैं। इस दिन शिव जी के 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन-पूजन करने का विशेष महत्व है। जो लोग किसी ज्योतिर्लिंग के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं, वे शिव जी के किसी अन्य पौराणिक मंदिर में पूजा-पाठ कर सकते हैं। अगर मंदिर जाना भी संभव न हो तो घर पर ही शिव पूजा की जा सकती है।