ओडिशा के CM होंगे मोहन चरण माझी:क्योंझर से 4 बार के विधायक हैं; के.वी. सिंहदेव और प्रभाती परिदा डिप्टी CM होंगे

मोहन चरण माझी ओडिशा के नए मुख्यमंत्री होंगे। पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव ने पार्टी विधायकों के साथ भुवनेश्वर में हुई बैठक में उनके नाम की घोषणा की। माझी के अलावा केवी सिंहदेव और प्रभाती परिदा राज्य के डिप्टी CM होंगे। मोहन चरण माझी 4 बार के विधायक हैं। उन्होंने 2024 में BJD वीणा माझी को 11 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। इसके अलावा वे 2019, 2009 और साल 2000 में भी विधायक रह चुके हैं। राज्य के नए मुख्यमंत्री मोहन चरण और दो डिप्टी सीएम केवी सिंहदेव और प्रभाती परिदा कल बुधवार को शपथ लेंगे। ओडिशा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार बहुमत के साथ जीत हासिल की है। राज्य की 147 सीटों में से भाजपा को 78 सीटें मिली हैं। वहीं, नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (BJD) को 51, कांग्रेस को 14, सीपीआईएम को 1 और अन्य को 3 सीटों पर जीत मिली है। पीएम मोदी समेत 50 हजार लोग शामिल हो सकते हैं
ओडिशा में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिरकत करेंगे। वे 12 जून को दोपहर 2:30 बजे भुवनेश्वर पहुंचेंगे। इसके बाद वे जनता मैदान जाएंगे। हालांकि पार्टी ने शपथ ग्रहण समारोह से पहले मोदी के लिए रोड शो का प्रस्ताव रखा है, लेकिन पुलिस से कन्फर्मेशन पेंडिंग है। समारोह में मोदी के अलावा, केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न भाजपा शासन वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत कई मेहमान शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में विधायकों और सांसदों सहित लगभग 50,000 लोगों के शामिल होने का अनुमान है। भुवनेश्वर में आधे दिन की सरकारी छुट्‌टी
ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक नए मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह के लिए 12 जून को दोपहर 1 बजे के बाद भुवनेश्वर में सभी राज्य सरकार के कार्यालय और अदालतों को आधे दिन की छुट्‌टी देने का ऐलान किया है। नई भाजपा सरकार 12 जून को शाम 5 बजे शपथ लेगी। देखिए 2024 ओडिशा विधानसभा चुनाव का परिणाम भाजपा ने 25 साल का पटनायक राज खत्म किया
ओडिशा विधानसभा की 147 सीटों में से BJP ने 78 सीटें जीती हैं। वहीं, पटनायक की BJD को सिर्फ 51 सीटें मिली हैं। नवीन पटनायक ने 5 मार्च 2000 को पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। तब से जून 2024 तक वे 5 बार से ओडिशा के CM रहें। 2009 विधानसभा चुनाव से पहले BJD ने भाजपा से 11 साल पुराना का गठबंधन तोड़ था। 2000 और 2004 में BJD-BJP गठबंधन की सरकार थी। BJD-भाजपा ने दो बार गठबंधन में सरकार बनाई थी
भाजपा और BJD ने दो विधानसभा चुनाव (2000 और 2004) गठबंधन में लड़ा था। उस समय BJD, NDA की सबसे भरोसेमंद पार्टी मानी जाती थी। साल 2000 में BJD ने 68 और भाजपा ने 38 सीटें जीती थीं। 147 में से 106 सीटों के साथ दोनों पार्टियों ने पहली बार गठबंधन की सरकार बनाई और कांग्रेस को सत्ता से बेदखल किया। 2004 के चुनाव में भाजपा और BJD ने कुल 93 सीटें जीतीं। दोबारा सत्ता में आईं।