मशरूम एक ऐसा नेचुरल सुपरफूड है, जो कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है। ये न केवल खाने में स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। बहुत से लोग इसे हेल्दी डाइट के रूप में अपनी थाली में शामिल करते हैं। हालांकि कुछ लोग मशरूम की अजीब बनावट के कारण इसे खाने से कतराते हैं। मशरूम पर काम करने वाली अमेरिकी संस्था ‘द मशरूम काउंसिल’ के मुताबिक, इसमें विटामिन D, फाइबर, प्रोटीन समेत कई जरूरी मिनरल्स और सेलेनियम, ग्लूटाथियोन व एर्गोथायोनीन जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं। ये न्यूट्रिएंट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने, हार्ट को हेल्दी रखने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसके अलावा मशरूम में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है, जिससे यह वजन घटाने में भी मददगार है। इसलिए आज सेहतनामा में हम मशरूम के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- स्टोरी में आगे बढ़ें, उससे पहले आइए मशरूम से जुड़े एक मिथ की सच्चाई जान लेते हैं। मशरूम से जुड़ा मिथक और उसकी सच्चाई दरअसल मशरूम को ‘कुकुरमुत्ता’ नाम से भी जाना जाता है। इसका अर्थ है ‘कुत्तों के टॉयलेट वाली जगह पर पैदा होने वाला।’ लेकिन यह सच नहीं है। इसका कुत्तों से कोई लेना-देना नहीं है। मशरूम एक प्रकार का फंगस है, जो अक्सर बारिश के दिनों में नमी में पनपता है। हालांकि ऐसे मशरूम को खाया नहीं जाता है। मशरूम की कई प्रजातियां होती हैं। इसमें से कुछ ही खाने लायक होती हैं, जो कि बाजारों में आसानी से मिलते हैं। आमतौर पर खाने वाले मशरूम की खेती की जाती है। मशरूम पोषक तत्वों से भरपूर यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) के मुताबिक, मशरूम जरूरी पोषक तत्वों का ‘खजाना’ है। इसमें सेलेनियम, ग्लूटाथियोन और विटामिन E समेत कई तरह के एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं। इसके अलावा मशरूम में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीकैंसर गुण भी होते हैं। नीचे दिए ग्राफिक में 100 ग्राम मशरूम की न्यूट्रिशनल वैल्यू समझिए- मशरूम सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं ‘द मशरूम काउंसिल’ के मुताबिक, मशरूम में मौजूद फाइबर, पोटेशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और हार्ट काे हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा मशरूम सेलेनियम, विटामिन D और विटामिन B6 का रिच सोर्स है। सेलेनियम शरीर में सेल डैमेज को रोकने में मदद करता है। विटामिन D सेल ग्रोथ में मदद करता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है। वहीं विटामिन B6 शरीर में रेड ब्लड सेल्स को बनाने में मदद करता है। ये सभी न्यूट्रिएंट्स इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। मशरूम में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण भी होते हैं, जो शरीर को किसी भी तरह के इन्फेक्शन से बचाने में मदद करते हैं। मशरूम और किस तरह से सेहत के लिए फायदेमंद है। इसे नीचे ग्राफिक से समझिए- ज्यादा मशरूम खाना नुकसानदायक बेशक मशरूम खाना फायदेमंद है, लेकिन इसे ज्यादा खाने से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। मशरूम में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इससे कुछ लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों को मशरूम से एलर्जी होती है। इससे उन्हें स्किन रैशेज, खुजली या सांस लेने में परेशानी हो सकती है। मशरूम में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है, जो किडनी के मरीजों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसके अलावा अगर मशरूम ठीक से पका नहीं है या सही मशरूम की जगह जंगली मशरूम खाते हैं तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए हमेशा सही मशरूम का चयन करें। मशरूम से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब सवाल- क्या डायबिटिक लोग भी मशरूम खा सकते हैं?
जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि मशरूम डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। ध्यान रखें कि इसे कम तेल व मिर्च-मसाले में ही पकाएं। सवाल- क्या मशरूम वजन घटाने में मदद करता है?
जवाब- मशरूम में कैलोरी की मात्रा कम और फाइबर व प्रोटीन की मात्रा भरपूर होती है। जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और खाने की इच्छा कम होती है। इस तरह मशरूम वजन घटाने में मददगार है। सवाल- मशरूम को अपनी डाइट में कैसे शामिल किया जा सकता है?
जवाब- मशरूम की सब्जी बनाकर, हल्का भूनकर या तलकर खा सकते हैं। ध्यान रखें कि कच्चा मशरूम खाने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसे पूरी तरह पकाकर ही खाएं। इसके अलावा मशरूम को सूप, करी या सैंडविच में डाला जा सकता है। आजकल इसका इस्तेमाल पिज्जा और पास्ता में भी किया जाता है। सवाल- एक दिन में कितना मशरूम खाना चाहिए?
जवाब- डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि एक दिन में करीब 50-60 ग्राम मशरूम खाना सुरक्षित है। इससे ज्यादा खाना नुकसानदायक हाे सकता है। सवाल- सही मशरूम का चयन कैसे करें?
जवाब- बाजार में कई तरह के मशरूम आते हैं, लेकिन सभी खाने लायक नहीं होते हैं। इसलिए सही मशरूम का चयन करना जरूरी है। ध्यान रखें कि ताजे मशरूम का रंग सामान्य रूप से हल्का और सफेद या हल्का भूरा होता है। मशरूम खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसेकि- सवाल- मशरूम किन्हें नहीं खाना चाहिए?
जवाब- मशरूम कोई भी खा सकता है। लेकिन गर्भवती महिलाओं, किडनी और लिवर की समस्या से पीड़ित व्यक्तियों व जिनकी हाल ही में सर्जरी हुई है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना मशरूम नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा जिन्हें मशरूम से एलर्जी है और छोटे बच्चों को भी मशरूम नहीं खाना चाहिए। ………………… सेहतनामा की ये खबर भी पढ़िए सेहतनामा- अनानास खाने से दूर होता इंफ्लेमेशन: 15 औषधीय गुण, विटामिन C का खजाना, डॉक्टर से जानें किसे नहीं खाना चाहिए अनानास दुनिया के सबसे स्वादिष्ट फलों में से एक है। ये सेहत के लिए भी फायदेमंद है। इसमें विटामिन C, मैंगनीज और एंजाइम जैसे पोषक तत्व होते हैं। अनानास में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स और एंजाइम्स इंफ्लेमेशन और कई बीमारियों से बचाते हैं। इसे खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और कैंसर का जोखिम कम होता है। पूरी खबर पढ़िए…
जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि मशरूम डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। ध्यान रखें कि इसे कम तेल व मिर्च-मसाले में ही पकाएं। सवाल- क्या मशरूम वजन घटाने में मदद करता है?
जवाब- मशरूम में कैलोरी की मात्रा कम और फाइबर व प्रोटीन की मात्रा भरपूर होती है। जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और खाने की इच्छा कम होती है। इस तरह मशरूम वजन घटाने में मददगार है। सवाल- मशरूम को अपनी डाइट में कैसे शामिल किया जा सकता है?
जवाब- मशरूम की सब्जी बनाकर, हल्का भूनकर या तलकर खा सकते हैं। ध्यान रखें कि कच्चा मशरूम खाने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसे पूरी तरह पकाकर ही खाएं। इसके अलावा मशरूम को सूप, करी या सैंडविच में डाला जा सकता है। आजकल इसका इस्तेमाल पिज्जा और पास्ता में भी किया जाता है। सवाल- एक दिन में कितना मशरूम खाना चाहिए?
जवाब- डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि एक दिन में करीब 50-60 ग्राम मशरूम खाना सुरक्षित है। इससे ज्यादा खाना नुकसानदायक हाे सकता है। सवाल- सही मशरूम का चयन कैसे करें?
जवाब- बाजार में कई तरह के मशरूम आते हैं, लेकिन सभी खाने लायक नहीं होते हैं। इसलिए सही मशरूम का चयन करना जरूरी है। ध्यान रखें कि ताजे मशरूम का रंग सामान्य रूप से हल्का और सफेद या हल्का भूरा होता है। मशरूम खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसेकि- सवाल- मशरूम किन्हें नहीं खाना चाहिए?
जवाब- मशरूम कोई भी खा सकता है। लेकिन गर्भवती महिलाओं, किडनी और लिवर की समस्या से पीड़ित व्यक्तियों व जिनकी हाल ही में सर्जरी हुई है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बिना मशरूम नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा जिन्हें मशरूम से एलर्जी है और छोटे बच्चों को भी मशरूम नहीं खाना चाहिए। ………………… सेहतनामा की ये खबर भी पढ़िए सेहतनामा- अनानास खाने से दूर होता इंफ्लेमेशन: 15 औषधीय गुण, विटामिन C का खजाना, डॉक्टर से जानें किसे नहीं खाना चाहिए अनानास दुनिया के सबसे स्वादिष्ट फलों में से एक है। ये सेहत के लिए भी फायदेमंद है। इसमें विटामिन C, मैंगनीज और एंजाइम जैसे पोषक तत्व होते हैं। अनानास में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स और एंजाइम्स इंफ्लेमेशन और कई बीमारियों से बचाते हैं। इसे खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और कैंसर का जोखिम कम होता है। पूरी खबर पढ़िए…