वाईफाई, फ्रिज, सीसीटीवी और बुलेट प्रूफ जैकेट पता है…इन सब चीजों में एक बात कॉमन है। जवाब है महिला। इन सारी चीजों का आविष्कार महिलाओं ने ही किया है। आज 8 मार्च यानी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जानिए ऐसे 8 आविष्कारों के बारे में जिसने आपके रोजमर्रा के जीवन को आसान बनाया… 1) 1941: पियानो की धुन को समझकर बना दी वाई-फाई की टेक्नोलॉजी साल 1933 में एक यूरोपियन फिल्म आई- Ecstasy, जो अपने बोल्ड सब्जेक्ट और सीन्स की वजह से तुरंत ही चर्चा में आ गई। इस फिल्म में पहली बार फीमेल ऑर्गैज्म को दिखाया गया था। ये सीन 18 साल की अभिनेत्री हेडी लमार पर फिल्माया गया था। फिल्म इतनी कंट्रोवर्शियल हो गई कि पोप और हिटलर ने इसे बैन कर दिया। हेडी लमार इसके बाद अमेरिका आ गईं। फिल्में जारी रखीं, लेकिन उन्हें प्रसिद्धि फिल्मों से नहीं, अपने एक आविष्कार से मिलीं। अगर आप ये आर्टिकल वाई-फाई के जरिए मोबाइल पर पढ़ रहे हैं तो इसके लिए आप भी हेडी लमार को शुक्रिया बोल सकते हैं। जी हां…अमेरिका में इस इनवेंशन का पेटेंट हेडी के नाम है। इस इनवेंशन की कहानी शुरू होती है दूसरे विश्व युद्ध से, जब अटलांटिक महासागर में जर्मन पनडुब्बियों ने कहर मचा रखा था। जर्मन सेना ब्रिटेन और अमेरिका के जहाजों के रेडियो सिग्नल जाम कर देती थी। इस मुश्किल का हल युद्ध के मोर्चे से हजारों किलोमीटर दूर ढूंढा जा रहा था। अपने आविष्कार को हेडी ने नाम दिया फ्रीक्वेंसी हॉपिंग स्प्रेड स्पेक्ट्रम (FHSS)। यही तकनीक हमारे आज के वायरलेस कम्युनिकेशन में इस्तेमाल होता है। मिलिट्री कम्युनिकेशन, वाई-फाई, ब्लूटूथ और जीपीएस समेत कई तरह की टेक्नोलॉजी हेडी लमार के आविष्कार से ही संभव हो पाईं। 2) 1886: नौकर महंगे बर्तन तोड़ देते थे, तंग आकर महिला ने बनाया डिशवॉशर 1858 में 19 साल की जोसेफिन की शादी 27 साल के एक अमीर बिजनेसमैन विलियम कोक्रेन से हुई और वे शिकागो में बस गईं। 1870 के दशक में जोसेफिन कोक्रेन अपनी पार्टियों के लिए मशहूर थीं। वो अपने घर में पार्टी रखतीं। नतीजा ये कि अगली सुबह किचन में गंदे बर्तनों का ढेर लगा होता। जोसेफिन के पास बर्तन धोने के लिए नौकर थे, लेकिन दिक्कत ये थी कि नौकरों से बोन चाइना के महंगे बर्तन टूट जाते थे। तंग आकर जोसेफिन ने नौकरों को इस काम से हटा दिया। लेकिन खुद बर्तन धोने के बजाय उन्होंने लाइब्रेरी जाकर पढ़ाई शुरू की। शुरुआत में इस आविष्कार को होटल्स और रेस्टोरेंट्स ने अपनाया। धीरे-धीरे यह अमेरिका के हर घर का हिस्सा बन गई। जोसेफिन के इस इनवेंशन ने हाउसहोल्ड अप्लायेंस टेक्नोलॉजी में क्रांति ला दी। 3) 1903: कार की पिछली सीट पर जन्मा था विंडशील्ड वाइपर का आइडिया वाइनयार्ड चलाने वाली मैरी एंडरसन 1902 में अलाबामा से घूमने के लिए न्यूयॉर्क पहुंची थीं। ठंड का मौसम था और न्यूयॉर्क में बर्फबारी के बीच मैरी एक किराये की कार की पिछली सीट पर बैठी थीं। बर्फबारी की वजह से कार की विंडशील्ड पर बार-बार स्नो जमा हो जाता था। इसे साफ करने के लिए ड्राइवर हर बार खिड़की खोलकर बाहर को निकलता और कांच साफ करता। हर बार कांच खुलता तो ठंडी हवा मैरी को ठिठुरा देती। मैरी ने देखा कि ये हाल हर कार का था। यहीं उनके दिमाग में एक आइडिया आया। लेकिन ये वो दौर था जब बहुत कम लोगों के पास कार होती थी। कार निर्माताओं का कहना था कि इस वाइपर से ड्राइवर का ध्यान भटकेगा। एक दशक बाद जब तक हेनरी फोर्ड के मॉडल टी ने कार को आम आदमी के लिए सुलभ बनाया, तब तक लोग मैरी एंडरसन के आविष्कार को भूल चुके थे। हालांकि बाद में कार निर्माताओं को खुद ही विंडशील्ड साफ रखने के लिए किसी सिस्टम की जरूरत महसूस हुई। कारों में विंडशील्ड वाइपर्स तो आम हो गए, लेकिन मैरी को उनके आविष्कार का क्रेडिट कई साल बाद मिल पाया। 4) 1965: फैशन डिजाइनिंग और साइंस से एक जैसा प्यार था…बना दिया बुलेटप्रूफ कपड़ा अमेरिका में जन्मीं स्टेफनी क्वोलेक को बचपन से ही साइंस में रुचि थी, वो डॉक्टर बनना चाहती थीं। साथ ही उन्हें फैशन डिजाइनिंग में भी रुचि थी। बचपन में ही सिलाई का काम सीख लिया था। कॉलेज खत्म करने के बाद स्टेफनी केमिस्ट बन गईं। मगर कपड़ों से उनका प्यार कम नहीं हुआ था। उन्होंने अलग-अलग तरह के पॉलिमर्स से फैब्रिक बनाने पर एक्सपेरिमेंट किए। आज केवलार फाइबर दो सौ से ज्यादा चीजों में इस्तेमाल होता है। चाहे वो स्पेस सूट हो या फिर बुलेटप्रूफ जैकेट। इस फाइबर ने अनगिनत लोगों की जान बचाई है। इसका इस्तेमाल फाइबर ऑप्टिक केबल में भी किया जाता है जिसके जरिये आप तक इंटरनेट पहुंचता है। 5) 1966: एक महिला ने अपने घर की सुरक्षा के लिए बनाया पहला सीसीटीवी 1960 के दशक का न्यूयॉर्क। चोरी-डकैती की घटनाएं बढ़ रही थी और मदद के लिए पुलिस कम ही मौके पर पहुंच पाती थी। उस दौर में एक नर्स मैरी वैन ब्रिटन ब्राउन अपने पति अल्बर्ट के साथ रहती थीं। अल्बर्ट पेशे से इलेक्ट्रिशियन थे। ज्यादातर घर पर अकेले रहने वाली मैरी को हमेशा डर लगा रहता था कि कोई भी जबरदस्ती घर में घुस सकता है। इन्हीं सब द्वंद और डर के बीच उन्हें आइडिया आया। मैरी और अल्बर्ट के आवेदन पर 1969 में अमेरिकी सरकार से उन्हें पेटेंट मिल गया। उनके इस एक इनवेंशन ने अमेरिका में सिक्योरिटी सिस्टम को पूरी तरह से बदल दिया। यही इनवेंशन आगे चलकर मॉडर्न CCTV कैमरों का आधार बना और आज दुनियाभर में इसका इस्तेमाल किया जाता है। 6) 1914: आइस बॉक्स के लिए बर्फ खरीदनी पड़ती थी, तो महिला ने बनाया रेफ्रिजरेटर 1900 के शुरूआती दौर में अमेरिकी घरों में खाने की चीजों को ठंडा रखने के लिए आइस बॉक्स का इस्तेमाल होता था। न्यू जर्सी में रहने वालीं फ्लोरेंस पारपार्ट भी आइस बॉक्स इस्तेमाल करती थीं। लेकिन उन्हें ये पसंद नहीं था।इसके लिए बर्फ की सिल्ली खरीदनी पड़ती थी। बर्फ के पिघलने के बाद उसका पानी भी फेंकना पड़ता था। और सबसे बड़ी दिक्कत कि अगर बर्फ की डिलीवरी में देरी हो तो सामान ठंडा भी नहीं कर सकते थे। हालांकि रेफ्रिजरेटर नाम की इस मशीन को लेकर उस दौर पर जितनी भी चर्चाएं हुईं, उन सब में मुख्य तौर पर हीरम डी. लेमैन का ही जिक्र था। 1930 में फ्लोरेंस की मौत के बाद जब रेफ्रिजरेटर देशभर में मशहूर हुआ, तब कुछ लेखकों ने फ्लोरेंस को भी क्रेडिट देना शुरू किया। 7) 1976: MIT से पीएचडी करने वाली पहली अश्वेत महिला, जिसने बनाई कॉलर आईडी अभी आपके फोन की घंटी बजे तो तुरंत कॉल करने वाले का नाम स्क्रीन पर दिख जाएगा। टेक की भाषा में इसे कॉलर आईडी कहते हैं। इसका आविष्कार भी एक महिला ने किया था। ये महिला थीं- डॉ. शर्ली जैक्सन। 1973 में MIT से पीएचडी करने वाली पहली अश्वेत अमेरिकन महिला थीं शर्ली। 1964 में उन्होंने MIT में एडमिशन लिया था। पढ़ाई के दौरान उन्होंने नस्लीय भेदभाव झेला, लेकिन पीछे नहीं हटीं, पीएचडी पूरी की। शर्ली ने कॉलर आईडी के अलावा कॉल वेटिंग, फाइबर ऑप्टिक कम्युनिकेशन, सोलर सेल्स और टच-टोन फोन जैसी टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट में भी योगदान दिया। 8) 1969: एक महिला की वजह से पहली बार चांद पर उतरा था इंसान मार्गरेट हैमिल्टन, वो महिला जिसकी वजह से इंसान पहली बार चांद पर उतर सका। चांद पर पहला कदम तो नील आर्मस्ट्रॉन्ग ने रखा था, लेकिन मार्गरेट हैमिल्टन न होतीं तो शायद उनका यान ही कभी चांद पर नहीं उतर पाता। मार्गरेट को 2016 में प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम दिया गया। उस वक्त राष्ट्रपति ओबामा ने कहा था कि हमारे एस्ट्रोनॉट्स के पास ज्यादा समय नहीं था, लेकिन शुक्र है कि उनके पास मार्गरेट हैमिल्टन थीं। आज भी मार्गरेट के सॉफ्टेवयर का इस्तेमाल एयरोस्पेस, डिफेंस और टेक इंडस्ट्री में किया जाता है। तो ये थे वो 8 इनवेंशन्स जिससे आपका जीवन हुआ आसान। बाकी अगली बार जब आप Wi-Fi से कनेक्ट करें, फ्रिज का दरवाजा खोलें या कार का वाइपर चलाएं तो याद रखिएगा- इसके पीछे एक महिला की मेहनत है! …….. ग्राफिक्स- कुणाल शर्मा