पुस्तकों का लोकार्पण, सम्मान समारोह एवं काव्य-गोष्ठी सम्पन्न

लखनऊ (उ.प्र.)
16 जून दिन मंगलवार को लखनऊ विपिन खण्ड, गोमती नगर में स्थित अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में पन्ना लाल गुप्त ‘विवश’ द्वारा रचित दो कृतियां पहली “भारत के रत्न” और दूसरी “तिरंगा ध्वज संघर्ष यात्रा” का लोकार्पण किया गया। पुस्तकों के विमोचन से पूर्व मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष द्वीप प्रज्ज्वलित कर फूलमाला पहनाकर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इन पुस्तकों के लोकार्पण, सम्मान समारोह एवं काव्य-गोष्ठी में माँ सरस्वती की वंदना कवियत्री कालिंदी लता ने प्रस्तुत की।


इस पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम में कई प्रोफेसर, विद्वान समीक्षक एवं मनीषियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की जिसमे प्रमुख रूप से मुख्य वक्ता प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित, पद्मश्री से सम्मानित डॉ विद्या बिंदु, अतिविशिष्ट वक्ता एवं अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार नरेन्द्र भदौरिया, डॉ गणेश नरायण शुक्ल, डॉ बी बी पांडेय, पुलिश विभाग के IG डॉ अखिलेश निगम “अखिल”, पूर्व प्राचार्य राम नरेश यादव, समीक्षक डॉ शिवानन्द शुक्ल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री राम किशोर तिवारी ‘किशोर’ एवं नीरज पाण्डेय ‘शून्य’ ने किया। इन पुस्तकों के लोकार्पण, सम्मान समारोह एवं काव्य-गोष्ठी की सम्पूर्ण व्यवस्था मुख्य रूप से परामर्श एवं स्वागताकांक्षी पूर्व प्राचार्य रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी ‘प्रलयंकर’, जय प्रकाश गुप्त, ललित प्रकाश गुप्त, सौरभ, पीयूष, सूरज, आयुष प्रत्यूष ने संभाल रखी थी। इस पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट गणमान्य अतिथियो को अंगवस्त्र के रूप में शाल, स्मृति चिन्ह एवं आठ पुस्तकें भेंट स्वरूप प्रदान कर सम्मानित किया गया। सभी गणमान्य अतिथियों, विद्वानों एवं समीक्षकों ने पन्ना लाल गुप्त ‘विवश’ द्वारा रचित पुस्तकों पर अपने विचार प्रस्तुत किये।


इस पुस्तक विमोचन, सम्मान समारोह में जिन प्रमुख रचनाकारों में काव्य-पाठ किया उनमे प्रमुख रूप से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा 1 लाख पत्र मुद्राओं से सम्मानित कमल आग्नेय, दुष्यंत शुक्ल, राजेन्द्र शुक्ल ‘राज’, डॉ नीरज पाण्डेय ‘शून्य’ रायबरेली, मधुप श्रीवास्तव ‘नरकंकाल’ रायबरेली, डॉ पवन द्विवेदी ‘अंगार’, कालिंदी लता द्विवेदी, श्रीमती कुसुम, उन्नाव से पिन्टू तिवारी, अयोध्या प्रसाद लोधी ‘सुमन’ विनय दीक्षित, अवधी मधुरस, वेद प्रकाश सिंह ‘प्रकाश’, रायबरेली से मीडिया प्रभारी/ पत्रकार डॉ राम लखन वर्मा, ईश्वर चन्द्र विद्यावाचस्पति सन्तकबीरनगर, सुनील बाजपेई बाराबंकी, सौरभ शुक्ला रायबरेली, शिव किशोर तिवारी, अरुणेश मिश्रा सीतापुर, शशि नारायन त्रिपाठी लखनऊ, चन्दन तिवारी ‘रूद्र’ गोंडा, राम बिलास सिंह लखनऊ, कुसुम चौधरी, आलोक शर्मा, इंद्र प्रकाश द्विवेदी, राम किशोर तिवारी बाराबंकी, अमर बहादुर सिंह अमर अमेठी सहित लगभग 40 साहित्यकारों ने काव्य-पाठ किया।


आपको सभी को बताते चले कि पन्ना लाल गुप्त ‘विवश’ जी ने राष्ट्र की आन,बान, शान का गौरव तिरंगे के बारे में अद्भुत खोज की और तिरंगे का पूरा इतिहास “तिरंगा ध्वज संघर्ष यात्रा” की पुस्तकों में समाहित किया और साथ ही तिरंगे का किसने आविष्कार किया, किसने निर्माण किया, 1906 से लेकर अब तक तिरंगे में कितने बदलाव किए गये उसकी पूरी व्याख्या प्रस्तुत की है।


इस पुस्तक लोकार्पण एवं काव्य- गोष्ठी कार्यक्रम में देशभर से साहित्यकारों ने अपनी उपस्थित दर्ज की। पुस्तक लोकार्पण, सम्मान समारोह एवं काव्य- गोष्ठी में उपस्थित गणमान्य अतिथियों एवं कवियों एवं कवियत्रियों का पूर्व प्रधानाचार्य रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी ‘प्रलयंकर’ ने धन्यवाद ज्ञापित किया एवं राष्ट्रगान से साथ ही कार्यक्रम को स्थगित किया गया।

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