NEET UG विवाद पर 1563 कैंडिडेट्स को ग्रेस मार्क्स देने के खिलाफ 18 जून को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि धोखाधड़ी से डॉक्टर बना व्यक्ति समाज के लिए खतरा है। NEET UG एग्जाम में ऑल इंडिया रैंक पर 67 कैंडिडेट्स हैं। ऐसा NEET एग्जाम के इतिहास में पहली बार हुआ है। एग्जाम कंडक्ट करने वाली बॉडी – नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पर बिना इन्फॉर्मेशन बुलेटिन जारी किए कुछ कैंडिडेट्स को ग्रेस मार्क्स देने जैसे आरोप लगे हैं। कुछ कैंडिडेट्स ने स्कोर कार्ड और आंसर की मिलाने पर अलग-अलग मार्क्स मिलने को लेकर भी याचिका दायर की है। वहीं, एग्जाम से पहले ही पेपर लीक होने के गंभीर आरोप भी लग रहे हैं। ऐसे में NTA की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं… पूरे NEET UG विवाद पर दैनिक भास्कर की कलम से एक नजर..