प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (10 अगस्त) को केरल के वायनाड दौरे पर हैं। वे सुबह 11 बजे कन्नूर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां सीएम पिनाराई विजयन ने उनका स्वागत किया। मोदी हेलिकॉप्टर से कन्नूर से वायनाड रवाना होंगे। वे इस दौरान लैंडस्लाइड प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे करेंगे। इसके बाद मोदी लैंडस्लाइड प्रभावित इलाकों में जाएंगे। यहां बचाव दलों से रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी लेंगे। मोदी राहत शिविरों और उन अस्पतालों में भी जाएंगे, जहां लैंडस्लाइड पीड़ितों और जिंदा बचे लोगों को रखा गया है। प्रधानमंत्री अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जहां उन्हें हादसे और रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे जानकारी दी जाएगी। पीएम के साथ केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी भी होंगे। वायनाड में 30 जुलाई को हुई लैंडस्लाइड में अब तक 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 138 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। 9 दिन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के बाद 8 अगस्त को सेना वायनाड से वापस लौट गई है। अभी NDRF रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। राहुल ने वायनाड दौरे के लिए पीएम का धन्यवाद दिया नेता प्रतिपक्ष और वायनाड के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने वायनाड दौरे को लेकर मोदी को धन्यवाद कहा है। उन्होंने X पर लिखा- PM मोदी के वायनाड जाने का फैसला अच्छा है। मुझे भरोसा है कि जब प्रधानमंत्री लैंडस्लाइड से हुई तबाही खुद देखेंगे, तो वह इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर देंगे। राहुल गांधी संसद में वायनाड हादसे को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग कर चुके हैं। केरल सरकार ने प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए केंद्र से 2000 करोड़ के विशेष पैकेज का अनुरोध करने का निर्णय लिया है। मोदी आज मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से भी बातचीत करेंगे। घटनास्थल को मैप से समझें.. वायनाड में लैंडस्लाइड वाले इलाकों में शुक्रवार (9 अगस्त) की सुबह 10.15 बजे जमीन के नीचे से आई रहस्यमयी तेज आवाज आने के दावे किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि अंबालावायल गांव और व्यथिरी तालुका में सुबह जमीन के नीचे तेज आवाज सुनाई दी। वायनाड के डीएम डीआर मेघश्री ने बताया कि घटना के बाद से इलाके के लोग डरे हुए हैं। सभी को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) ने कहा कि रिक्टर स्केल में भूकंप के संकेत नहीं मिले हैं। आवाज किस कारण से आई है, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल इलाके के स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। वहीं, वायनाड लैंडस्लाइड पर केरल हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया है। जस्टिस जयशंकरन नांबियार और जस्टिस वीएम श्यामकुमार की बेंच ने आज इस पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा- यदि पर्यावरण ऑडिट किया गया है तो हमें इसकी रिपोर्ट चाहिए। समस्या यह है कि हमारे पास कई कानून हैं, लेकिन जमीन पर नजर नहीं आते। हम इस मामले पर हर शुक्रवार को सुनवाई करेंगे। अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी। पूरी खबर पढ़ें… वायनाड में 10वें दिन रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें… राहुल-प्रियंका 1 अगस्त को वायनाड गए थे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी 1 अगस्त को वायनाड पहुंचे थे। दोनों ने प्रभावित लोगों से बात की। राहुल-प्रियंका चूरलमाला और मेप्पाडी में एक अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मॉर्चुरी भी पहुंचे थे। राहुल ने कहा था कि यह देख कर दुख हो रहा है कि इतने लोगों ने अपने परिवार और घरों को खो दिया। आज मुझे वैसा ही महसूस हो रहा है, जैसा मेरे पिता के निधन के समय हुआ था। राहुल ने 2 अगस्त को कहा था कांग्रेस यहां पर 100 से ज्यादा घर बनाएगी। केरल ने इससे पहले ऐसी भीषण त्रासदी कभी नहीं देखी थी। यह एक अलग स्तर की त्रासदी है और इसे अलग तरह से देखा जाना चाहिए। राहुल दो बार वायनाड के सांसद रहे हैं। वे 2019 और 2024 में यहां से लोकसभा चुनाव जीते। राहुल ने 2024 लोकसभा चुनाव में वायनाड और रायबरेली से जीते दर्ज की। हालांकि, बाद में उन्होंने वायनाड सीट छोड़ दी। उनकी जगह प्रियंका वायनाड से चुनाव लड़ने वाली हैं। 5 साल पहले भी यहां लैंडस्लाइड से 17 मौतें हुई थीं
वायनाड के 4 गांव- मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा में लैंडस्लाइड की घटना हुई है। 5 साल पहले 2019 में भी भारी बारिश की वजह से इन्हीं गांवों में लैंडस्लाइड हुई थी, जिसमें 17 लोगों की मौत हुई थी। 5 लोगों का आज तक पता नहीं चला। 52 घर तबाह हुए थे। वायनाड में लैंडस्लाइड की क्या वजह है
वायनाड, केरल के नॉर्थ-ईस्ट में है। यह केरल का एकमात्र पठारी इलाका है। यानी मिट्टी, पत्थर और उसके ऊपर उगे पेड़-पौधों के ऊंचे-नीचे टीलों वाला इलाका। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल का 43% इलाका लैंडस्लाइड प्रभावित है। वायनाड की 51% जमीन पहाड़ी ढलाने हैं। यानी लैंडस्लाइड की संभावना बहुत ज्यादा बनी रहती है। वायनाड का पठार वेस्टर्न घाट में 700 से 2100 मीटर की ऊंचाई पर है। मानसून की अरब सागर वाली ब्रांच देश के वेस्टर्न घाट से टकराकर ऊपर उठती है, इसलिए इस इलाके में मानसून सीजन में बहुत ज्यादा बारिश होती है। वायनाड में काबिनी नदी है। इसकी सहायक नदी मनंतावडी ‘थोंडारमुडी’ चोटी से निकलती है। लैंडस्लाइड के कारण इसी नदी में बाढ़ आने से भारी नुकसान हुआ।
वायनाड के 4 गांव- मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा में लैंडस्लाइड की घटना हुई है। 5 साल पहले 2019 में भी भारी बारिश की वजह से इन्हीं गांवों में लैंडस्लाइड हुई थी, जिसमें 17 लोगों की मौत हुई थी। 5 लोगों का आज तक पता नहीं चला। 52 घर तबाह हुए थे। वायनाड में लैंडस्लाइड की क्या वजह है
वायनाड, केरल के नॉर्थ-ईस्ट में है। यह केरल का एकमात्र पठारी इलाका है। यानी मिट्टी, पत्थर और उसके ऊपर उगे पेड़-पौधों के ऊंचे-नीचे टीलों वाला इलाका। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल का 43% इलाका लैंडस्लाइड प्रभावित है। वायनाड की 51% जमीन पहाड़ी ढलाने हैं। यानी लैंडस्लाइड की संभावना बहुत ज्यादा बनी रहती है। वायनाड का पठार वेस्टर्न घाट में 700 से 2100 मीटर की ऊंचाई पर है। मानसून की अरब सागर वाली ब्रांच देश के वेस्टर्न घाट से टकराकर ऊपर उठती है, इसलिए इस इलाके में मानसून सीजन में बहुत ज्यादा बारिश होती है। वायनाड में काबिनी नदी है। इसकी सहायक नदी मनंतावडी ‘थोंडारमुडी’ चोटी से निकलती है। लैंडस्लाइड के कारण इसी नदी में बाढ़ आने से भारी नुकसान हुआ।