कुंडली के पांचवे घर में राहु का प्रभाव:ऐसे लोग मेहनत की बजाय छल, कपट और चापलूसी से आगे बढ़ते हैं

राहु अगर पांचवें घर में हो तो पंचम भाव से संबंधित कारक तत्वों पर अंधेरे करने की पूरी कोशिश करता है। ऐसे इंसान को शिक्षा प्राप्ति में बाधा उत्पन्न करता है। बार-बार विषय के बदलाव और लक्ष्य में बदलाव की सोच प्रदान करता है। जिसके कारण व्यक्ति एक विषय पर एकाग्रचित होकर सफलता प्राप्त नहीं कर पाता है। ऐसे लोगों को अध्ययन के समय आलस्य उत्पन्न होता है। विद्यार्थी को रात्रि के समय अध्ययन करने के लिए प्रेरित करता है, लेकिन रात में दिनभर की थकान के कारण सही ढंग से पढ़ाई नहीं कर पाता है। ऐसे इंसान राजनीतिक क्षेत्र में होते हैं और उनके काम में बार-बार बदलाव के कारण उनको राजनीतिक तौर से उच्च शिखर पर पहुंचने में परेशानियां पैदा करता है। हमेशा मेहनत के बजाय ऐसे लोग छल कपट चापलूसी से आगे बढ़ने की सोचते हैं। ऐसे लोग समय आने पर सफल नहीं हो पाते हैं। इसी प्रकार समाज और जनता के बीच अनेक प्रकार की योजनाएं बनाकर या उनका बड़ा फायदा दिखाकर उनसे फायदा पाता है। उनको धोखा देता है। जिससे आगे जाकर अदालत और जेल का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोग तामसिक पूजाएं तांत्रिक क्रियाओं में लगा रहता है। जिससे उसको नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे लोग लक्ष्य बनाकर पढ़ें। जितना संभव हो दिन में ही पढ़ें। इसी तरह राजनीतिक इंसान को साफ-सुथरे लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। साथ ही सात्विक पूजन करना चाहिए और कुल की परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए।